Shyam Bhajan

हस्ती श्याम दीवाने की | Baba Shyam Bhajan | Hasti Shyam Deewane Ki Lyrics in hindi | by Aamirt Ali & Ravi Sharma - BhaktiLok

79 पाठकों ने पढ़ा | लेखक: Deepak Kumar Bind
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श्याम भजन

हस्ती श्याम दीवाने की | Baba Shyam Bhajan | Hasti Shyam Deewane Ki Lyrics in hindi

गायक: आमिर अली एवं रवि शर्मा श्रेणी: श्याम भजन अपडेटेड: 2026

सनातन संस्कृति और खाटू श्याम जी के दरबार में संकीर्तन का एक अत्यंत विशिष्ट स्थान है। कलयुग के अवतारी हारे के सहारे बाबा श्याम (श्री खाटूश्यामजी / बर्बरीक जी) के भक्तों की महिमा का वर्णन करने वाला यह पावन भजन "हस्ती श्याम दीवाने की" (Hasti Shyam Deewane Ki) अनन्य प्रेम, भक्ति और पूर्ण शरणागति का जीवंत दस्तावेज है। प्रसिद्ध गायकों आमिर अली और रवि शर्मा की मधुर वाणी में रचित व स्वरबद्ध यह भजन खाटू नरेश के प्रेमियों के दिलों पर राज करता है। इस भजन का प्रत्येक शब्द साधक के अंतर्मन को झंकृत करता है और बताता है कि संसार में सबसे बड़ी दौलत यदि कुछ है, तो वह श्याम दीवानगी है। इस विस्तृत मार्गदर्शिका में हम इस लोकप्रिय भजन के संपूर्ण बोल (Lyrics), सरल हिंदी अर्थ, भावार्थ, गायन शैली और इसके आध्यात्मिक संदेश पर विस्तार से चर्चा करेंगे।

भजन संक्षिप्त जानकारी

यह भजन न केवल एक संगीत रचना है, बल्कि श्याम भक्तों के उस अहंकारहीन और प्रेम-प्रधान जीवन का दर्पण है जो लक्खी दातार की शरण में जाकर सब कुछ भूल जाते हैं। खाटू श्याम जी के भक्तों के लिए अन्य लोकप्रिय श्याम भजन भी हमारे पोर्टल पर उपलब्ध हैं जिन्हें आप पढ़ सकते हैं।

सम्पूर्ण भजन लिरिक्स | Complete Bhajan Lyrics

स्थाई (मुखड़ा): न पूछो क्या हस्ती है श्याम दीवाने की, न पूछो क्या हस्ती है श्याम दीवाने की। मिटा देते हैं दुनिया को जो श्याम के दीवाने हैं, ये दुनिया जानती है क्या मज़ी है मस्ताने की। न पूछो क्या हस्ती है श्याम दीवाने की... अंतरा 1: ज़माने की नजर में ये दीवाने भले आवारा लगते हैं, मगर खाटू के मेले में इन्हें भगवान मिलते हैं। उठाकर हाथ देखो तुम, जरा आवाज देकर तो, नजर आ जाएगी तुमको अदा सांवरे आने की। न पूछो क्या हस्ती है श्याम दीवाने की... अंतरा 2: न दौलत का न शोहरत का इन्हें कोई भी लालच है, इन्हें तो बस मेरे खाटू वाले श्याम की चाहत है। यही पहचान काफी है, यही रुतबा बड़ा इनका, कि हर धड़कन में बस सूरत बसी है श्याम प्यारे की। न पूछो क्या हस्ती है श्याम दीवाने की... अंतरा 3: ज़माना लाख रोके पर कदम रुकते नहीं इनके, कभी गिरते नहीं ये लोग, जब तक हाथ हैं तिनके (श्याम के)। चले आते हैं खिंचे हुए ये खाटू की गलियों में, यही तासीर है साहब, इस पावन परवाने की। न पूछो क्या हस्ती है श्याम दीवाने की...

भजन का सरल हिंदी अर्थ एवं भावार्थ | Bhajan Meaning & Bhavarth

इस भजन की पंक्तियाँ भक्तों की उस मानसिक और आध्यात्मिक अवस्था का वर्णन करती हैं जहाँ भौतिक जगत के सारे बंधन और मोह-माया स्वतः ही गौण हो जाते हैं।

प्रथम भाव: जब लोग श्याम दीवाने की हस्ती या उनके व्यक्तित्व के बारे में पूछते हैं, तो भजनकार स्पष्ट करते हैं कि इन दीवानों की महिमा को साधारण बुद्धि से नहीं समझा जा सकता। ये वे लोग हैं जिन्होंने अपने अहंकार को श्याम चरणों में मिटा दिया है। दुनिया इन्हें चाहे जो समझे, लेकिन इनकी मस्ती और इनका आनंद अलौकिक होता है।

द्वितीय भाव: दुनिया के संसारी लोगों को ये भक्त कभी-कभी अपनी मस्ती में मग्न या बेपरवाह लगते हैं, परंतु वास्तविकता यह है कि खाटू के पावन दरबार में इन्हें उस परम शक्ति के दर्शन होते हैं जो पूरे ब्रह्मांड का संचालन करती है। श्याम प्रेमी जब खाटू नरेश को पुकारते हैं, तो उनकी पुकार सीधे सांवरे के दरबार तक पहुँचती है।

तृतीय भाव: इन भक्तों को न तो संसार की भौतिक दौलत चाहिए और न ही किसी यश-कीर्ति (शोहरत) की लालसा होती है। इनकी एकमात्र पूंजी खाटू वाले बाबा का प्रेम और उनकी अहैतुकी कृपा है। इनकी हर साँस और हर धड़कन में केवल और केवल खाटू श्याम की छवि बसी होती है।

भजन की मुख्य विशेषताएं एवं महत्व | Highlights & Spiritual Significance

भजन केवल मनोरंजन का साधन नहीं है, बल्कि यह भक्ति योग का एक सरल मार्ग है। इस भजन की विशेषताएं निम्नलिखित हैं:

  • अनन्य शरणागति: यह भजन जीव को भगवान के प्रति पूर्ण रूप से समर्पित होने की प्रेरणा देता है।
  • भक्त और भगवान का संबंध: इसमें खाटू श्याम जी और उनके भक्तों के बीच के अटूट और निश्चल प्रेम को दर्शाया गया है।
  • सांसदों से विरक्ति: भौतिक सुख-सुविधाओं के पीछे भागने वाले मनुष्य को यह भजन आंतरिक संतोष का मार्ग दिखाता है।
  • संगीतबद्ध मिठास: आमिर अली और रवि शर्मा की आवाज़ ने इसमें एक अलग ही ऊर्जा और भक्ति का संचार किया है।

भजन गायन व श्रवण का समय एवं विधि | When & How to Sing

इस पावन भजन को किसी भी समय सुना या गाया जा सकता है, विशेषकर निम्नलिखित अवसरों पर इसका विशेष महत्व है:

श्याम संकीर्तन

घर या मंदिर में आयोजित होने वाले मासिक श्याम जागरण और फाल्गुन महोत्सव के दौरान इसे सामूहिक रूप से गाना अत्यंत आनंददायक होता है।

दैनिक पूजा

सुबह या शाम की आरती के पश्चात ध्यान लगाते समय इसे सुनने से मन को असीम शांति मिलती है।

यात्रा के दौरान

खाटूश्यामजी की यात्रा (खाटू धाम जाते समय) बस या कार में इस भजन को बजाने से यात्रा मंगलमय और भक्तिमय हो जाती है।

भजन से जुड़े देवी-देवता एवं संत | Associated Deity / Saint

इस भजन के केंद्र में महाभारत के वीर योद्धा बर्बरीक जी हैं, जिन्हें कलयुग में भगवान श्री कृष्ण के वरदान स्वरूप खाटू श्याम जी के रूप में पूजा जाता है। भगवान कृष्ण ने बर्बरीक के अद्वितीय त्याग और दानशीलता से प्रसन्न होकर उन्हें यह वरदान दिया था कि कलयुग में वे उनके नाम 'श्याम' से पूजे जाएंगे और उनके दर्शन मात्र से भक्तों के समस्त संकट दूर हो जाएंगे। खाटू श्याम जी को 'हारे का सहारा' भी कहा जाता है। आप श्री खाटू श्याम जी के इतिहास और कथा के बारे में और अधिक पढ़ सकते हैं।

भजन की भाषा एवं काव्य शैली | Language & Literary Style

यह भजन सरल और सहज हिंदी (खड़ी बोली एवं राजस्थानी लोक संगीत के प्रभावयुक्त) भाषा में रचा गया है। इसके शब्द अत्यंत भावपूर्ण हैं जो सीधे श्रोता के हृदय को स्पर्श करते हैं। इसमें रूपक अलंकार और भक्ति रस का अद्भुत समन्वय देखने को मिलता है। लोक शैली पर आधारित होने के कारण इसे बच्चे, युवा और बुजुर्ग सभी बहुत आसानी से गुनगुना सकते हैं।

भजन में व्यक्त आध्यात्मिक संदेश एवं जीवन सीख | Spiritual Message & Life Lessons

यह भजन हमें यह सिखाता है कि जीवन में कितनी भी कठिनाइयां क्यों न आएं, यदि ईश्वर पर अटूट विश्वास है तो मनुष्य कभी विचलित नहीं हो सकता। श्याम दीवाने का अर्थ है वह व्यक्ति जिसने अपने अहंकार का त्याग कर दिया है और प्रभु को ही अपना सर्वस्व मान लिया है। यह सीख हमें घमंड से दूर रहकर एक सरल, विनम्र और सेवाभाव वाला जीवन जीने की प्रेरणा देती है।

भजन के प्रमुख शब्दों का अर्थ | Important Word Meanings

शब्द / वाक्यांश सरल हिंदी अर्थ संदर्भ / प्रसंग
हस्ती महिमा, व्यक्तित्व, वजूद या औकात श्याम दीवानों के विशेष आध्यात्मिक वजूद के संदर्भ में।
दीवाने अनन्य भक्त, प्रेमी जो भगवान श्याम के प्रेम में पूरी तरह सुध-बुध खो चुके हैं।
तासीर असर, स्वभाव या गुण श्याम प्रेमियों के खिंचे चले आने की प्रवृत्ति।
परवाना दीवाना या जो आग पर मिटने को तैयार रहे श्याम प्रेम में सब कुछ न्योछावर करने वाला भक्त।
लक्खी दाता लाखों की दातार देने वाले श्री खाटू श्याम जी की कृपा का वर्णन।

पंक्ति-दर-पंक्ति भावार्थ | Line-by-Line Explanation

भजन की गहराई को समझने के लिए आइए इसकी मुख्य पंक्तियों के आंतरिक अर्थ को देखें:

  • "न पूछो क्या हस्ती है श्याम दीवाने की...": यहाँ कवि कहता है कि सांसारिक लोग श्याम भक्तों की वास्तविक शक्ति और उनके आंतरिक आनंद को नहीं आंक सकते।
  • "मिटा देते हैं दुनिया को जो श्याम के दीवाने हैं...": इसका तात्पर्य भौतिक संसार के अभिमान और विकारों को अपने भीतर से समाप्त करने से है।
  • "ज़माने की नजर में ये दीवाने भले आवारा लगते हैं...": समाज अक्सर भगवान की भक्ति में मस्त रहने वाले को नासमझ समझता है, लेकिन असल में वे ईश्वर के सबसे करीब होते हैं।

भजन से जुड़े मंत्र एवं श्लोक | Related Mantra & Shlok

खाटू श्याम जी के स्मरण और इस भजन के गायन से पूर्व निम्नलिखित पावन मंत्र का स्मरण करना अत्यंत फलदायी माना गया है:

ॐ श्री श्याम देवाय नमः

"हारा वही, जो लड़ा नहीं, पर जो श्याम की शरण गया, वह कभी हारा नहीं।"

एक नजर में भजन की जानकारी | Bhajan Quick Information

भजन का नाम हस्ती श्याम दीवाने की (Hasti Shyam Deewane Ki)
समर्पित देवता श्री खाटू श्याम जी (बर्बरीक जी)
गायक कलाकार आमिर अली एवं रवि शर्मा
भाषा हिंदी / लोक भाषा
श्रेणी / विषय श्याम भजन, भक्ति रस, समर्पण
उपयुक्त अवसर श्याम जागरण, फाल्गुन मेला, दैनिक सत्संग

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

इस लोकप्रिय भजन को प्रसिद्ध गायक आमिर अली और रवि शर्मा जी ने अपनी मधुर आवाज में स्वरबद्ध किया है।

खाटू श्याम जी महाभारत काल के वीर बर्बरीक हैं। भगवान श्री कृष्ण ने उन्हें यह वरदान दिया था कि वे कलयुग में उनके नाम से पूजे जाएंगे और जो भी भक्त हारने के बाद पूरी श्रद्धा से उनकी शरण में आएगा, उसके सभी संकट दूर होंगे। इसी कारण इन्हें 'हारे का सहारा' कहा जाता है।

इस भजन का मुख्य संदेश ईश्वर के प्रति अनन्य प्रेम, भौतिक अहंकार का त्याग और खाटू श्याम जी के चरणों में पूर्ण शरणागति है।

श्याम भजन किसी भी समय सुने जा सकते हैं, विशेषकर सुबह की पूजा के समय, शाम की आरती में या श्याम जागरण और फाल्गुन मेलों के पावन अवसरों पर इनका विशेष महत्व होता है।

संपादकीय समीक्षा एवं संदर्भ

यह आलेख सनातन भक्ति परंपरा, लोक संगीत और खाटू श्याम जी की महिमा को ध्यान में रखते हुए संपादकीय रूप से तैयार सामग्री है। इसका उद्देश्य पाठकों को सटीक भजन लिरिक्स, उसका सरल भावार्थ और आध्यात्मिक मार्गदर्शन प्रदान करना है।

स्रोत एवं संदर्भ

  • श्री खाटू श्याम जी का पौराणिक इतिहास एवं लोक कथाएं
  • पारंपरिक श्याम संकीर्तन साहित्य एवं भजन संग्रह
  • सनातन धर्म में भक्ति योग और शरणागति के सिद्धांत

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विश्वसनीय धार्मिक एवं आध्यात्मिक जानकारी

यह सामग्री भक्तिलोक संपादकीय टीम द्वारा उपलब्ध धार्मिक स्रोतों, प्रकाशित संदर्भों और परंपरागत पाठों की तुलना के आधार पर तैयार एवं समीक्षा की गई है। जहाँ पाठ के विभिन्न संस्करण उपलब्ध हैं, वहाँ संबंधित संस्करण या स्रोत का उल्लेख किया जाता है।

समीक्षित एवं सत्यापित अंतिम अद्यतन: 25 Sep 2026

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