Parvati Stotram

Ram Ramiaya | Lord Ram Bhajan | त्रेता युग में हुआ अवतार करने आया सबका उद्धार | Sanjay Shukla | HD - BhaktiLok

61 पाठकों ने पढ़ा | लेखक: Deepak Kumar Bind
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भगवान श्री रामचंद्र जी को समर्पित यह भजन "Ram Ramiaya" मर्यादा पुरुषोत्तम के पावन चरित्र का स्मरण कराता है। त्रेता युग में धर्म की स्थापना और अधर्म के विनाश हेतु अवतरित हुए प्रभु श्री राम का नाम स्वयं राम से भी अधिक सामर्थ्यवान है। गोस्वामी तुलसीदास जी के अनुसार, राम नाम का जप समस्त सांसारिक तापों को हरने वाला है। संजय शुक्ला जी की भावपूर्ण प्रस्तुति में यह भजन भक्त को सीधे साकेत धाम की पावन चेतना से जोड़ता है। इस भजन का प्रमुख भाव शरणागति और प्रभु के प्रति अनन्य प्रेम है, जो साधक के अंतःकरण को शुद्ध कर धर्म और सत्य के प्रति निष्ठा को दृढ़ करता है।

सम्पूर्ण भजन लिरिक्स | Complete Bhajan Lyrics

राम रमैया, राम रमैया, राम रमैया राम।
त्रेता युग में हुआ अवतार, करने आया सबका उद्धार॥

दशरथ नंदन कौशल्या के लाल, दुष्टों का किया तूने बुरा हाल।
सीता मैया के तुम प्राण आधार, राम रमैया राम॥

वन-वन भटके तूने कष्ट सहे, भक्त जनों के तू दुख हरे।
शबरी के बेर खाए प्रेम अपार, राम रमैया राम॥

हनुमत के स्वामी तुम दीन दयाल, भक्त जनों के हो तुम प्रतिपाल।
तेरी महिमा का न कोई पार, राम रमैया राम॥

राम रमैया, राम रमैया, राम रमैया राम।
त्रेता युग में हुआ अवतार, करने आया सबका उद्धार॥

भजन का सरल हिंदी अर्थ एवं भावार्थ | Bhajan Meaning & Bhavarth

इस भजन में प्रभु श्री राम के संपूर्ण जीवन दर्शन को संक्षिप्त रूप में पिरोया गया है। 'राम रमैया' का अर्थ है वह राम जो कण-कण में रमण करते हैं। त्रेता युग में भगवान का अवतार केवल रावण वध के लिए नहीं, बल्कि मानवता को मर्यादा और धर्म का मार्ग दिखाने के लिए हुआ था। भजन में कौशल्या नंदन के रूप में उनके वात्सल्य भाव, शबरी के प्रति उनकी करुणा, और हनुमान जी के साथ उनके स्वामी-सेवक संबंध का सुंदर चित्रण है। भावार्थ यह है कि जो जीव संसार के दुखों से त्रस्त है, वह यदि राम नाम का आश्रय ले, तो उसका उद्धार निश्चित है।

भजन की मुख्य विशेषताएं एवं महत्व | Highlights & Spiritual Significance

  • शरणागति का भाव: यह भजन भक्त को प्रभु के चरणों में पूर्ण समर्पण सिखाता है।
  • पावन स्मरण: राम के जीवन के प्रमुख प्रसंगों का उल्लेख मानसिक शांति प्रदान करता है।
  • सकारात्मक ऊर्जा: राम नाम की ध्वनि वातावरण में व्याप्त नकारात्मकता को दूर कर सात्विकता का संचार करती है।

भजन गायन व श्रवण का समय एवं विधि | When & How to Sing

इस भजन को प्रातःकाल ब्रह्ममुहूर्त में या संध्याकालीन आरती के समय गाना अत्यंत शुभ माना जाता है। इसे सामूहिक सत्संग, रामनवमी के पावन पर्व, या घर में होने वाली सुंदरकांड पाठ के उपरांत गाना विशेष फलदायी है। गायन के समय मन में प्रभु की छवि का ध्यान करना चाहिए।

भजन के प्रमुख शब्दों का अर्थ | Important Word Meanings

शब्द सरल अर्थ संदर्भ
रमैया जो सबमें रमण करे सर्वव्यापी ईश्वर
उद्धार कल्याण/मुक्ति संसार सागर से पार होना
दशरथ नंदन राजा दशरथ के पुत्र श्री राम का परिचय
प्रतिपाल पालन करने वाला भक्तों का रक्षक

एक नजर में भजन की जानकारी | Bhajan Quick Information

भजन का नाम Ram Ramiaya
गायक संजय शुक्ला
मुख्य देवता भगवान श्री राम
भाषा हिंदी
भाव भक्ति एवं शरणागति

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

ब्रह्ममुहूर्त (सूर्योदय से पूर्व) राम नाम के जप के लिए सबसे उत्तम समय माना गया है।

हाँ, इसे घर पर पूजा के समय या किसी भी समय भक्ति भाव से गाया जा सकता है।

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संपादकीय रूप से तैयार सामग्री।

स्रोत एवं संदर्भ

यह सामग्री वाल्मीकि रामायण, रामचरितमानस और पारंपरिक भक्ति गीतों के संकलन पर आधारित है।

विश्वसनीय धार्मिक एवं आध्यात्मिक जानकारी

यह सामग्री भक्तिलोक संपादकीय टीम द्वारा उपलब्ध धार्मिक स्रोतों, प्रकाशित संदर्भों और परंपरागत पाठों की तुलना के आधार पर तैयार एवं समीक्षा की गई है। जहाँ पाठ के विभिन्न संस्करण उपलब्ध हैं, वहाँ संबंधित संस्करण या स्रोत का उल्लेख किया जाता है।

समीक्षित एवं सत्यापित अंतिम अद्यतन: 26 Sep 2026

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