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राम विवाह आज मिथिला नगरिया निहाल सखिया (Aaj Mithila Nagariya Nihal Sakhiya Lyrics in Hindi) - Ram Bhajan Devendra Pathak - Bhaktilok

109 पाठकों ने पढ़ा | लेखक: Deepak Kumar Bind
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भगवान श्री रामचंद्र जी के पावन विवाह प्रसंग को समर्पित "राम विवाह आज मिथिला नगरिया निहाल सखिया" एक अत्यंत लोकप्रिय और हृदयस्पर्शी भजन है। यह भजन मिथिला की उस दिव्य अलौकिक छटा का वर्णन करता है जब त्रेतायुग में स्वयं प्रभु श्री राम और माता जानकी का विवाह संपन्न हुआ था। देवेन्द्र पाठक जी द्वारा अपनी सुरीली और भक्तिपूर्ण शैली में गाया गया यह भजन भक्तों को सीधे मिथिला की गलियों में ले जाता है, जहाँ चारों ओर आनंद और उत्सव का वातावरण है। इस भजन का मुख्य भाव 'वात्सल्य' और 'उत्सव' है, जो राम-जानकी के मिलन की उस पावन घड़ी को जीवंत कर देता है। यह भजन न केवल विवाह के अवसरों पर, बल्कि राम नवमी और विवाह पंचमी जैसे पर्वों पर भी अत्यंत श्रद्धा के साथ गाया जाता है।

सम्पूर्ण भजन लिरिक्स | Complete Bhajan Lyrics

राम विवाह आज मिथिला नगरिया निहाल सखिया,
चारों दुलहा में बड़का कमाल सखिया॥

माथे मौरिया कुंडल सोहे कनवा,
कारिक कजरवा नयनवा निहाल सखिया,
राम विवाह आज मिथिला नगरिया निहाल सखिया॥

लाल पीयर दुशाला बदनवा पे सोहे,
देखि देखि सखिया भईली निहाल सखिया,
राम विवाह आज मिथिला नगरिया निहाल सखिया॥

गगन से बरसेली अबीर और गुलाल,
झूम-झूम नाचेली मिथिला के नार सखिया,
राम विवाह आज मिथिला नगरिया निहाल सखिया॥

देवता लोग देखि देखि हर्षित भईले,
फूलों की वर्षा भईली अपार सखिया,
राम विवाह आज मिथिला नगरिया निहाल सखिया॥

भजन का सरल हिंदी अर्थ एवं भावार्थ | Bhajan Meaning & Bhavarth

इस भजन में मिथिला की सखियों का आपस में संवाद है। सखियाँ कह रही हैं कि आज मिथिला नगरी धन्य हो गई है क्योंकि प्रभु श्री राम का विवाह हो रहा है। वे प्रभु के श्रृंगार का वर्णन करते हुए कहती हैं कि उनके माथे पर मौर (मुकुट) और कानों में कुंडल बहुत शोभा दे रहे हैं। उनकी आँखों में लगा काजल और उनका मुखमंडल देखकर सखियाँ मंत्रमुग्ध हो रही हैं। भजन का भाव यह है कि प्रभु का रूप इतना सौम्य और दिव्य है कि उसे देखकर मन को परम शांति मिलती है। आकाश से देवताओं द्वारा फूलों की वर्षा और गुलाल उड़ाया जा रहा है, जो इस विवाह के अलौकिक होने का प्रमाण है। यह भजन हमें प्रभु के प्रति प्रेम और समर्पण की भावना से भर देता है।

भजन की मुख्य विशेषताएं एवं महत्व | Highlights & Spiritual Significance

  • भक्ति भाव: यह भजन 'सख्य भाव' की भक्ति को दर्शाता है, जहाँ भक्त स्वयं को मिथिला की सखी मानकर प्रभु के विवाह का आनंद ले रहा है।
  • सांस्कृतिक महत्व: यह भजन उत्तर भारत, विशेषकर बिहार और मिथिलांचल की लोक परंपराओं और विवाह गीतों से गहराई से जुड़ा है।
  • आध्यात्मिक चेतना: राम-जानकी का विवाह केवल एक लौकिक विवाह नहीं, बल्कि प्रकृति और पुरुष का मिलन है। इस भजन का श्रवण मन को शुद्ध करता है।

भजन गायन व श्रवण का समय एवं विधि | When & How to Sing

इस भजन को विशेष रूप से विवाह उत्सवों, राम नवमी, विवाह पंचमी और घर में होने वाले मांगलिक कार्यों में गाया जाता है। इसे प्रातः काल या संध्या काल में पूजा के समय गाना अत्यंत शुभ माना जाता है। इसे गाते समय मन में प्रभु राम और माता सीता के स्वरूप का ध्यान करना चाहिए।

भजन की रचना एवं पृष्ठभूमि | Composition & Background

यह भजन लोक परंपरा पर आधारित है जिसे देवेन्द्र पाठक जी ने अपनी मधुर आवाज में पिरोया है। यह भजन गोस्वामी तुलसीदास जी द्वारा रचित 'रामचरितमानस' के बालकांड में वर्णित 'सीता-स्वयंवर' और 'विवाह प्रसंग' से प्रेरित है।

एक नजर में भजन की जानकारी | Bhajan Quick Information

विवरण जानकारी
भजन का नामराम विवाह आज मिथिला नगरिया निहाल सखिया
गायकदेवेन्द्र पाठक
मुख्य देवताभगवान श्री राम एवं माता सीता
भाषाहिंदी/मैथिली मिश्रित
विषयराम विवाह उत्सव
उपयुक्त अवसरविवाह पंचमी, राम नवमी, मांगलिक उत्सव

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

यह भजन मुख्य रूप से विवाह पंचमी, राम नवमी और किसी भी मांगलिक उत्सव के दौरान गाया जाता है।

मिथिला माता सीता की जन्मस्थली है, जहाँ प्रभु श्री राम और माता सीता का विवाह संपन्न हुआ था।

संपादकीय समीक्षा एवं संदर्भ

यह सामग्री भक्ति लोक के विद्वानों द्वारा रामचरितमानस और पारंपरिक लोक गीतों के संदर्भ में तैयार की गई है। यह भजन प्रभु राम के प्रति अटूट आस्था का प्रतीक है। संपादकीय रूप से तैयार सामग्री।

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स्रोत: रामचरितमानस (बालकांड), लोक परंपराएं एवं भक्ति साहित्य।

विश्वसनीय धार्मिक एवं आध्यात्मिक जानकारी

यह सामग्री भक्तिलोक संपादकीय टीम द्वारा उपलब्ध धार्मिक स्रोतों, प्रकाशित संदर्भों और परंपरागत पाठों की तुलना के आधार पर तैयार एवं समीक्षा की गई है। जहाँ पाठ के विभिन्न संस्करण उपलब्ध हैं, वहाँ संबंधित संस्करण या स्रोत का उल्लेख किया जाता है।

समीक्षित एवं सत्यापित अंतिम अद्यतन: 26 Sep 2026

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