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श्रीमद्भगवद्गीता अध्याय 18 · श्लोक 13

अध्याय 18 · श्लोक 13

मोक्ष संन्यास योग (Moksha Sannyaasa Yoga) का पावन श्लोक तथा उसका विस्तृत हिंदी व अंग्रेजी अनुवाद एवं व्याख्या।

अंतिम अपडेट: 15 फरवरी, 2026

१. मूल संस्कृत श्लोक (Sanskrit Verse)

पञ्चैतानि महाबाहो कारणानि निबोध मे। सांख्ये कृतान्ते प्रोक्तानि सिद्धये सर्वकर्मणाम्॥१३॥

pañcaitāni mahābāho kāraṇāni nibodha me | sāṅkhye kṛtānte proktāni siddhaye sarva-karmaṇām ||13||

२. पदच्छेद एवं शब्दार्थ (Word Meanings)

पञ्च: five; एतानि: these; महाबाहो: O mighty-armed; कारणानि: causes; निबोध: understand; मे: from Me; सांख्ये: in the Sankhya philosophy; कृतान्ते: in the Vedanta; प्रोक्तानि: are declared; सिद्धये: for the accomplishment; सर्व-कर्मणाम्: of all actions.

३. श्लोक का अनुवाद (Verse Translation)

हिंदी अनुवाद

हे महाबाहो! सांख्यशास्त्र के सिद्धान्त में सम्पूर्ण कर्मों की सिद्धि के लिए जो पाँच कारण बताए गए हैं, उन्हें तू मुझसे जान।

English Translation

O mighty-armed, learn from Me these five causes for the accomplishment of all actions, as declared in the Sankhya philosophy (or Vedanta).

४. विस्तृत व्याख्या एवं भावार्थ (Commentary)

भगवान् अब कर्म के पाँच कारण बताने वाले हैं, जो सांख्य दर्शन (या वेदान्त) में वर्णित हैं। यह ज्ञान कर्मबन्धन से मुक्त होने में सहायक है।
श्रीराम शास्त्री
शोधकर्ता व लेखक

श्रीराम शास्त्री

वैदिक संस्कृत और दार्शनिक साहित्य के व्याख्याता। सनातन इतिहास और प्राचीन ग्रंथों पर अनुसंधान का १०+ वर्षों का अनुभव।

आचार्य देवदत्त द्विवेदी
संपादकीय समीक्षा

आचार्य देवदत्त द्विवेदी

संस्कृत विश्वविद्यालय के भूतपूर्व प्राध्यापक एवं वैदिक शास्त्र विशेषज्ञ। भक्तिलोक की समस्त सामग्री के आध्यात्मिक सत्यता निरीक्षक।

ॐ पूर्णमदः पूर्णमिदं पूर्णात्पूर्णमुदच्यते । पूर्णस्य पूर्णमादाय पूर्णमेवावशिष्यते ।।