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श्रीमद्भगवद्गीता अध्याय 14 · श्लोक 8

अध्याय 14 · श्लोक 8

गुणत्रय विभाग योग (Gunatraya Vibhaga Yoga) का पावन श्लोक तथा उसका विस्तृत हिंदी व अंग्रेजी अनुवाद एवं व्याख्या।

अंतिम अपडेट: 15 फरवरी, 2026

१. मूल संस्कृत श्लोक (Sanskrit Verse)

तमस्त्वज्ञानजं विद्धि मोहनं सर्वदेहिनाम् । प्रमादालस्यनिद्राभिस्तन्निबध्नाति भारत ॥ ८॥

tamas tv ajñāna-jaṃ viddhi mohanaṃ sarva-dehinām | pramādālasya-nidrābhis tan nibadhnāti bhārata ||8||

२. पदच्छेद एवं शब्दार्थ (Word Meanings)

तमः: तमोगुण; तु: तो; अज्ञानजम्: अज्ञान से उत्पन्न; विद्धि: जानो; मोहनम्: मोहित करने वाला; सर्वदेहिनाम्: सब देहधारियों को; प्रमाद-आलस्य-निद्राभिः: प्रमाद, आलस्य और निद्रा से; तत्: वह; निबध्नाति: बांधता है; भारत: हे भारत।

३. श्लोक का अनुवाद (Verse Translation)

हिंदी अनुवाद

हे भारत! तमोगुण को अज्ञान से उत्पन्न और सब देहधारियों को मोहित करने वाला जानो। वह प्रमाद, आलस्य और निद्रा के द्वारा बांधता है।

English Translation

Know Tamas to be born of ignorance, deluding all embodied beings; it binds, O Bharata, by heedlessness, laziness and sleep.

४. विस्तृत व्याख्या एवं भावार्थ (Commentary)

तमोगुण अज्ञान और मोह का कारण है। यह आलस्य और निद्रा के रूप में बांधता है। Tamas is born of ignorance, causing delusion; it binds through negligence, laziness, and sleep.
श्रीराम शास्त्री
शोधकर्ता व लेखक

श्रीराम शास्त्री

वैदिक संस्कृत और दार्शनिक साहित्य के व्याख्याता। सनातन इतिहास और प्राचीन ग्रंथों पर अनुसंधान का १०+ वर्षों का अनुभव।

आचार्य देवदत्त द्विवेदी
संपादकीय समीक्षा

आचार्य देवदत्त द्विवेदी

संस्कृत विश्वविद्यालय के भूतपूर्व प्राध्यापक एवं वैदिक शास्त्र विशेषज्ञ। भक्तिलोक की समस्त सामग्री के आध्यात्मिक सत्यता निरीक्षक।

ॐ पूर्णमदः पूर्णमिदं पूर्णात्पूर्णमुदच्यते । पूर्णस्य पूर्णमादाय पूर्णमेवावशिष्यते ।।