सनातन श्रेणी संग्रह · पृष्ठ 82
1,810+ पावन रचनाएँ

Krishna Stotram
पावन भक्ति संग्रह

भक्तिलोक पर Krishna Stotram के अंतर्गत सभी भक्ति रचनाओं, लोकप्रिय भजनों, आरतियों, चालीसा और मंत्रों का प्रामाणिक संकलन सरल हिंदी भावार्थ एवं शास्त्रीय संदर्भ सहित पढ़ें।

शास्त्र-सम्मत एवं संपादकीय रूप से तैयार सामग्री

शुद्ध पाठ, व्याकरणिक स्पष्टता, पौराणिक संदर्भ और भावार्थ सहित भक्ति साहित्य।

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Krishna Stotram परिचय एवं आध्यात्मिक महत्व

सनातन संस्कृति और भक्ति परंपरा में Krishna Stotram का स्थान अत्यंत पावन है। कलियुग में नाम संकीर्तन और प्रभु वंदना को समस्त क्लेशों से मुक्ति तथा आत्मिक शांति का सबसे सुलभ साधन बताया गया है।

भक्तिलोक के संपादकीय मंडल द्वारा इस संग्रह के प्रत्येक भजन, पद, स्तुति एवं कथा को शुद्धता, व्याकरणिक स्पष्टता, पौराणिक संदर्भ और भावार्थ के साथ प्रस्तुत किया गया है ताकि श्रद्धालुजन सुगमता से भक्ति रस का अनुभव कर सकें।

Krishna Stotram संग्रह (1810)

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Bhagwat Geeta Dhyan Mantra By Varsha Shrivastava | Geeta Jayanti 2022 Special - Bhaktilok

भगवद्गीता ध्यान मंत्र: आत्म-साक्षात्कार और मानसिक शांति का दिव्य मार्ग श्रीमद्भगवद्गीता केवल एक दार्शनिक ग्रंथ या धार्मिक पुस्तक म…

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ऐ खाटूवाले श्याम भरोसा तेरा भारी है श्याम बाबा का मनमोहक भजन

ऐ खाटूवाले श्याम भरोसा तेरा भारी है श्याम बाबा का मनमोहक भजन  ऐ खाटूवाले श्याम भरोसा तेरा भारी है || Shyam Agarwal || श्याम ब…

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सांवरिया थारी याद में अँखियाँ भिगोया हाँ भक्ति इन हिंदी लिरिक्स

सांवरिया थारी याद में अँखियाँ भिगोया हाँ  Intezaar | Khatu Shyam Bhajan | सांवरिया थारी याद में अँखियाँ भिगोया हाँ | Kunal Ba…

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सांवरे का स्वागत भक्ति इन हिंदी लिरिक्स

सांवरे का स्वागत भक्ति इन हिंदी लिरिक्स - एक दिव्य परिचय सनातन धर्म और भक्ति परंपरा में संकीर्तन, प्रभु-स्मरण और अपने इष्टदेव के स…

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मध्यानसन्ध्यायाम् मन्त्र - (उदङ्मुख) -Madhyansandhyam Mantra Sanskrit me - Bhaktilok

मध्यानसन्ध्यायाम् मन्त्र (उदङ्मुख) - परिचय एवं आध्यात्मिक महत्व सनातन धर्म में संध्यावंदन का सनातन काल से अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान …

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मंगल की सेवा सुन मेरी देवा (Mangal Ki Seva Sun Meri Deva) - Narendra Chanchal Kaali Mata Bhajan - Bhaktilok

मंगल की सेवा सुन मेरी देवा - परिचय एवं आध्यात्मिक पृष्ठभूमि सनातन धर्म और शाक्त परंपरा में माँ आदिशक्ति जगदम्बा की उपासना का अत्यं…

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तेरे नाम के संग नाता | Tere Naam Ke Sang Naata | माता का प्यारा सा भजन Mukesh Bagda - Bhaktilok

तेरे नाम के संग नाता | Tere Naam Ke Sang Naata - मुकेश बाधड़ा भजन परिचय सनातन भक्ति परंपरा में संगीत और संकीर्तन को जीवात्मा की मु…

Krishna Stotram से जुड़े मुख्य प्रश्न (FAQs)

भगवान कृष्ण के सबसे लोकप्रिय भजनों में "अच्युतम केशवं कृष्ण दामोदरं", "यशोमती मैया से बोले नंदलाला", "राधे राधे जपा करो", "मीठे रस से भरोरी राधा रानी लागे", और "हरे कृष्ण महामंत्र" प्रमुख हैं।

कृष्ण भजन और ध्यान के लिए सुबह का ब्रह्म मुहूर्त (सूर्योदय से पूर्व) एवं संध्या काल सबसे उत्तम माना जाता है, परंतु निष्काम भक्ति और नाम संकीर्तन किसी भी समय किया जा सकता है।

अष्टछाप महाप्रभु वल्लभाचार्य और गोस्वामी विट्ठलनाथ द्वारा स्थापित आठ प्रमुख कृष्णभक्त कवियों का समूह था, जिसमें सूरदास, कुम्भनदास, परमानन्ददास आदि शामिल थे। इन्होंने ब्रजभाषा में मधुर कृष्ण पदों की रचना की।

“हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे, हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे” महामंत्र कलियुग में मानसिक शांति और प्रभु प्राप्ति का सबसे सरल व प्रभावशाली साधन माना गया है।