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लाज बचाने वाले तू है श्याम (Laaj Bachane Wale Lyrics in Hindi) | Khatu Shyam Heart Touching Bhajan | Vini Devda - BhaktiLok

106 पाठकों ने पढ़ा | लेखक: Deepak Kumar Bind
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"लाज बचाने वाले तू है श्याम" भजन भक्ति और शरणागति का एक अद्वितीय संगम है। खाटू श्याम बाबा, जिन्हें कलियुग का अवतार माना जाता है, अपने भक्तों की पुकार सुनने के लिए सदैव तत्पर रहते हैं। विनी देवड़ा द्वारा स्वरबद्ध यह हृदयस्पर्शी भजन उन भक्तों के लिए एक संबल है जो जीवन के कठिन मोड़ों पर स्वयं को असहाय पाते हैं। इस भजन का भाव केवल एक प्रार्थना नहीं, बल्कि प्रभु के प्रति अटूट विश्वास की अभिव्यक्ति है। सनातन धर्म में 'लाज' का अर्थ केवल मान-मर्यादा नहीं, बल्कि भक्त की भक्ति की रक्षा और उसके अहंकार का शमन भी है। जब भक्त पूर्ण समर्पण के साथ श्याम प्रभु का स्मरण करता है, तो प्रभु स्वयं उसकी रक्षा का भार उठा लेते हैं।

सम्पूर्ण भजन लिरिक्स | Complete Bhajan Lyrics

लाज बचाने वाले तू है श्याम,
मेरी लाज बचाने वाले तू है श्याम।
जब-जब भी मैं घबराया हूँ,
तूने थाम लिया मेरा हाथ,
मेरी लाज बचाने वाले तू है श्याम।।

संसार के इस मेले में,
मैं अकेला रह गया था,
तूने आकर राह दिखाई,
मैं तो रास्ता भूल गया था।
मेरी लाज बचाने वाले तू है श्याम।।

द्रौपदी की लाज बचाई,
गज की पीर मिटाई,
मेरे भी संकट हर लेना,
तेरी महिमा है सबसे न्यारी।
मेरी लाज बचाने वाले तू है श्याम।।

हारे का तू सहारा है,
खाटू का तू प्यारा है,
विनी की यही विनती है,
तेरा साथ ही मुझे प्यारा है।
मेरी लाज बचाने वाले तू है श्याम।।

भजन का सरल हिंदी अर्थ एवं भावार्थ | Bhajan Meaning & Bhavarth

इस भजन का भावार्थ अत्यंत गहरा है। भक्त यहाँ स्वीकार करता है कि संसार के मायाजाल में वह स्वयं को अकेला और असहाय अनुभव कर रहा था। 'लाज बचाने वाले' संबोधन का अर्थ है कि प्रभु ही वह एकमात्र शक्ति हैं जो भक्त के सम्मान और उसके विश्वास की रक्षा करते हैं। भजन में द्रौपदी और गजेंद्र (गज) का उदाहरण देकर यह स्पष्ट किया गया है कि प्रभु अपने शरणागत की रक्षा के लिए सदैव तत्पर रहते हैं। यह भजन हमें सिखाता है कि जीवन में चाहे कितनी भी विषम परिस्थितियाँ क्यों न आएँ, यदि हमारा विश्वास श्याम प्रभु पर अडिग है, तो वे निश्चित रूप से हमारी रक्षा करेंगे। यह 'अनन्य शरणागति' का भाव है, जहाँ भक्त अपना सब कुछ प्रभु के चरणों में समर्पित कर देता है।

भजन की मुख्य विशेषताएं एवं महत्व | Highlights & Spiritual Significance

  • भक्ति का भाव: यह भजन 'दैन्य भाव' और 'शरणागति' का उत्कृष्ट उदाहरण है।
  • खाटू श्याम महिमा: खाटू श्याम जी को 'हारे का सहारा' कहा जाता है, जो इस भजन का मुख्य केंद्र है।
  • सांत्वना: यह भजन मानसिक तनाव और अवसाद के समय भक्तों को शांति प्रदान करता है।
  • सांस्कृतिक महत्व: राजस्थान की भक्ति परंपरा में श्याम भजनों का विशेष स्थान है, जो जन-जन को जोड़ते हैं।

भजन गायन व श्रवण का समय एवं विधि | When & How to Sing

इस भजन को किसी भी समय सुना जा सकता है, परंतु एकांत में बैठकर या संध्याकालीन आरती के समय इसका श्रवण करना विशेष फलदायी होता है। इसे गाते समय मन में प्रभु की छवि का ध्यान करना चाहिए। यदि संभव हो, तो खाटू श्याम जी के चित्र के समक्ष दीपक जलाकर इस भजन का पाठ करने से मन को अपार शांति मिलती है।

भजन के प्रमुख शब्दों का अर्थ | Important Word Meanings

शब्द सरल अर्थ संदर्भ
लाज मान-मर्यादा, रक्षा भक्त के विश्वास की रक्षा
पीर पीड़ा, कष्ट भक्तों के दुखों का निवारण
हारे का सहारा जो पराजित है, उसका संबल खाटू श्याम जी की उपाधि
शरणागत शरण में आया हुआ प्रभु के प्रति पूर्ण समर्पण

एक नजर में भजन की जानकारी | Bhajan Quick Information

भजन का नाम लाज बचाने वाले तू है श्याम
आराध्य देव खाटू श्याम (श्री कृष्ण)
गायक विनी देवड़ा
मुख्य भाव शरणागति एवं विश्वास
उपयुक्त अवसर श्याम कीर्तन, दैनिक पूजा

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

पौराणिक कथाओं के अनुसार, बर्बरीक (खाटू श्याम) ने भगवान कृष्ण को वचन दिया था कि वे युद्ध में हारने वाले पक्ष का साथ देंगे। इसी कारण उन्हें 'हारे का सहारा' कहा जाता है।

जी हाँ, यह भजन अत्यंत सरल और भावपूर्ण है। इसे आप अपने घर पर दैनिक पूजा या कीर्तन के दौरान श्रद्धापूर्वक गा सकते हैं।

संपादकीय समीक्षा एवं संदर्भ

यह सामग्री खाटू श्याम भक्ति परंपरा और उपलब्ध भजनों के आधार पर संकलित की गई है। इसका उद्देश्य भक्तों को प्रभु के प्रति समर्पित भाव से जोड़ना है। यह एक संपादकीय रूप से तैयार सामग्री है।

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विश्वसनीय धार्मिक एवं आध्यात्मिक जानकारी

यह सामग्री भक्तिलोक संपादकीय टीम द्वारा उपलब्ध धार्मिक स्रोतों, प्रकाशित संदर्भों और परंपरागत पाठों की तुलना के आधार पर तैयार एवं समीक्षा की गई है। जहाँ पाठ के विभिन्न संस्करण उपलब्ध हैं, वहाँ संबंधित संस्करण या स्रोत का उल्लेख किया जाता है।

समीक्षित एवं सत्यापित अंतिम अद्यतन: 26 Sep 2026

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