Shyam Bhajan

चेहरे चेहरे में नज़र आये चेहरा तेरा लिरिक्स भजन (Tera Chehra Lyrics in Hindi ) - New Shyam Bhajan Anjali Dwivedi - Bhaktilok

64 पाठकों ने पढ़ा | लेखक: Deepak Kumar Bind
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चेहरे चेहरे में नज़र आये चेहरा तेरा लिरिक्स भजन (Tera Chehra Lyrics in Hindi ) - Anjali Dwivedi | Bhaktilok

भक्ति संगीत की पावन धारा में खाटू वाले बाबा श्याम के प्रति प्रेम और समर्पण को व्यक्त करने वाले भजनों का विशेष स्थान है। प्रसिद्ध भजन गायिका अंजलि द्विवेदी द्वारा स्वरबद्ध किया गया नया श्याम भजन "चेहरे चेहरे में नज़र आये चेहरा तेरा" भक्तों के बीच अत्यंत लोकप्रिय हो रहा है। यह भजन केवल एक संगीत रचना नहीं है, बल्कि यह एक प्रेमी भक्त की उस तड़प और गाढ़े अनुराग का सजीव चित्रण है, जहाँ उसे अपने आराध्य श्री श्याम सुंदर की छवि हर दिशा, हर व्यक्ति और हर कण में दिखाई देती है। जब कोई साधक अपने सद्गुरु या इष्टदेव के चरणों में पूर्ण रूप से समर्पित हो जाता है, तब उसकी दृष्टि भेद समाप्त हो जाती है और उसे संपूर्ण ब्रह्मांड में केवल अपने प्रियतम का ही दीदार होता है। इस विस्तृत मार्गदर्शिका में हम इस पावन भजन के संपूर्ण बोल (Lyrics), भावार्थ, आध्यात्मिक महत्व, गायन विधि और जीवन से जुड़ी सीख को गहराई से समझेंगे।

सम्पूर्ण भजन लिरिक्स | Complete Bhajan Lyrics

शुद्ध उच्चारण और भक्ति भाव के साथ स्मरण करें:

एक दस्तक हुई दिल पर तेरे दीदार से,
हो गए हम तेरे देखा जो तूने प्यार से।
चेहरे चेहरे में नज़र आये चेहरा तेरा,
चेहरे चेहरे में नज़र आये चेहरा तेरा।
बांध गया तुमसे श्याम बंधन ये गहरा मेरा,
चेहरे चेहरे में नज़र आये चेहरा तेरा॥

पहले खुद को लताएं वन की हम बनाएंगे,
आके खाटू में तेरे चरणों से लिपट जायेंगे।
हम पे पद जाए जो तेज नैनो को सुनेहरा तेरा,
चेहरे चेहरे में नज़र आये चेहरा तेरा॥

तुझसे लागि लगन हमारी अब ना छूटेगी,
प्रेम की डोर तेरी मेरी ना श्याम टूटेगी।
क्यूंकि दिल पे हमारे रहता है पहरा तेरा,
चेहरे चेहरे में नज़र आये चेहरा तेरा॥

पास में अपने राखी मैंने निशानी तेरी,
तब से होने लगी अमर हर कहानी मेरी।
सजाया चुन चुन के फूलों से ये सेहरा तेरा,
चेहरे चेहरे में नज़र आये चेहरा तेरा॥

आज तक़दीर को हम अपनी आज़मायेंगे,
पाके धीरज दीवाना दिल को हम बनाएंगे।
अंजलि के लबों पे नाम है ठहरा तेरा,
चेहरे चेहरे में नज़र आये चेहरा तेरा॥

भजन का सरल हिंदी अर्थ एवं भावार्थ | Bhajan Meaning & Bhavarth

अंजलि द्विवेदी द्वारा गाये गए इस भजन का भाव अत्यंत गहन और प्रेम-रस से ओत-प्रोत है। भजन की शुरुआत इस अहसास से होती है कि जब भगवान की कृपा दृष्टि (दीदार) किसी भक्त पर पड़ती है, तो उसका हृदय झंकृत हो उठता है। भक्त कहता है कि हे श्याम सुंदर! आपके एक ही प्रेम भरे कटाक्ष ने मेरे दिल पर ऐसी दस्तक दी कि मैं सदा के लिए आपका हो गया। अब स्थिति यह हो गई है कि मुझे संसार के हर व्यक्ति के चेहरे में केवल आपका ही अलौकिक चेहरा नजर आता है। यह अवस्था अद्वैत प्रेम और पराभक्ति की वह पराकाष्ठा है जहाँ द्वैत भाव समाप्त हो जाता है।

आगे की पंक्तियों में भक्त खाटू धाम जाने की अपनी व्याकुलता व्यक्त करते हुए कहता है कि वह स्वयं को वृंदावन की लताओं की भांति समर्पित करना चाहता है, जो निरंतर अपने आराध्य के चरणों से लिपटी रहती हैं। भक्त की यह कामना है कि उसकी आँखें हमेशा श्याम सुंदर के उस सुनहरे और मनमोहक तेज का दर्शन करती रहें। प्रेम की इस डोर को अटूट बताते हुए भक्त कहता है कि अब यह लगन कभी छूट नहीं सकती, क्योंकि उसके हृदय पर निरंतर श्याम बाबा का ही पहरा और संरक्षण रहता है। अंत में भजनिका अंजलि अपने आराध्य का स्मरण करते हुए कहती हैं कि उनके जीवन की हर कहानी अमर हो गई है क्योंकि उन्होंने अपने प्रभु की निशानी को सहेज कर रखा है और उनके लबों पर केवल श्याम नाम ही ठहरा हुआ है।

भजन की मुख्य विशेषताएं एवं महत्व | Highlights & Spiritual Significance

  • इष्ट देव: यह भजन कलयुग के अवतारी हारे के सहारे श्री खाटू श्याम बाबा (श्री कृष्ण रूप) को समर्पित है।
  • भक्ति का भाव: इसमें माधुर्य भाव, साख्य भाव और अनन्य समर्पण (शरणागति) की प्रधानता है।
  • संगीत शैली: आधुनिक श्याम संकीर्तन शैली जिसमें मधुर संगीत और भावपूर्ण स्वर का अद्भुत समन्वय है।
  • सत्संग उपयोगिता: खाटू श्याम जी के मासिक उत्सव, फाल्गुन मेले, एकादशी जागरण और घर के पारिवारिक अनुศาสनों के लिए अत्यधिक उपयुक्त।

भजन गायन व श्रवण का समय एवं विधि | When & How to Sing

श्याम भजनों के श्रवण और गायन का कोई निश्चित समय नहीं होता, क्योंकि भगवान का स्मरण हर पल किया जा सकता है। तथापि, ब्रह्म मुहूर्त में (प्रातः काल 4:00 से 6:00 बजे के बीच) अथवा संध्याकाल में जब घर में दीपक प्रज्वलित किया जाता है, तब इस भजन का श्रवण मन को असीम शांति प्रदान करता है।

गायन विधि: भजन को गाने से पूर्व अपने इष्टदेव श्री खाटू श्याम जी के चित्र के समक्ष धूप-दीप प्रज्वलित करें। शुद्ध आसन पर बैठकर मन को एकाग्र करें और प्रेम-भाव के साथ इस भजन के बोलों को दोहराएं। कीर्तन के दौरान करताल या मृदंग की थाप इस भजन के आनंद को कई गुना बढ़ा देती है। आप अधिक जानकारी के लिए श्री खाटू श्याम चालीसा का पाठ भी कर सकते हैं।

भजन से जुड़े देवी-देवता एवं संत | Associated Deity / Saint

इस भजन के केंद्र बिंदु श्री खाटू श्याम जी हैं, जिन्हें महाभारत के वीर योद्धा बर्बरीक का अवतार माना जाता है। भगवान श्री कृष्ण ने बर्बरीक के असीम त्याग और बलिदान से प्रसन्न होकर उन्हें कलयुग में अपने ही नाम ('श्याम') से पूजे जाने का वरदान दिया था। जो भक्त बाबा श्याम की शरण में जाते हैं, उनके कष्ट स्वतः दूर हो जाते हैं। इस भजन को स्वर देने वाली प्रसिद्ध गायिका अंजलि द्विवेदी अपनी मधुर और भावपूर्ण गायकी के लिए जानी जाती हैं, जो श्रोताओं को सीधा भक्ति के सागर में डुबो देती हैं।

भजन की भाषा एवं काव्य शैली | Language & Literary Style

यह भजन अत्यंत सरल, सुबोध और प्रवाहमयी हिंदी-ब्रज मिश्रित भाषा में लिखा गया है। इसमें रूपक अलंकार और उपमा का सुंदर प्रयोग किया गया है। "चेहरे चेहरे में नज़र आये चेहरा तेरा" पंक्ति में जो पुनरावृत्ति और बिंब-विधान है, वह श्रोता के मन पर गहरा प्रभाव छोड़ता है। शब्दावली आम जनमानस की समझ के अनुकूल है, जिससे हर उम्र के लोग इसे आसानी से गा और गुनगुना सकते हैं।

भजन में व्यक्त आध्यात्मिक संदेश एवं जीवन सीख | Spiritual Message & Life Lessons

यह भजन हमें सिखाता है कि जब मनुष्य अपने जीवन में समस्त चिंताओं को त्यागकर ईश्वर से अटूट प्रेम कर लेता है, तब उसका जीवन सफल हो जाता है। सांसारिक मोह-माया के बंधनों से ऊपर उठकर जब दिव्य प्रेम का बंधन स्थापित होता है, तो व्यक्ति को हर प्राणी में ईश्वर के दर्शन होने लगते हैं। यह सर्वहित, करुणा, धीरज और अनन्य समर्पण का संदेश देता है। अधिक आध्यात्मिक ज्ञान के लिए आप श्रीमद्भगवद्गीता सार का अध्ययन भी कर सकते हैं।

भजन के प्रमुख शब्दों का अर्थ | Important Word Meanings

शब्द / वाक्यांश सरल अर्थ संदर्भ / भाव
दीदार दर्शन भगवान के पवित्र दर्शन होना
लताएं बेलें वृंदावन की लताएं जो पेड़ों से लिपटी रहती हैं
सेहरा मौर / मुकुट की सजावट दूल्हे के रूप में सजे श्याम बाबा का श्रृंगार
धीरज धैर्य / संतोष भक्ति मार्ग में स्थिरता बनाए रखना
निशानी स्मृति चिन्ह प्रभु का आशीर्वाद या प्रसाद

पंक्ति-दर-पंक्ति भावार्थ | Line-by-Line Explanation

1. एक दस्तक हुई दिल पर तेरे दीदार से, हो गए हम तेरे देखा जो तूने प्यार से।
भावार्थ: जैसे ही प्रभु की कृपा दृष्टि मुझ पर पड़ी, मेरे हृदय के द्वार खुल गए और मैं पूरी तरह उनका हो गया।

2. चेहरे चेहरे में नज़र आये चेहरा तेरा, बांध गया तुमसे श्याम बंधन ये गहरा मेरा।
भावार्थ: मेरी और श्याम बाबा की आत्मिक जुड़ान इतनी गहरी हो गई है कि अब मुझे संसार के हर चेहरे में मेरे प्रियतम की ही छवि दिखती है।

3. तुझसे लागि लगन हमारी अब ना छूटेगी, प्रेम की डोर तेरी मेरी ना श्याम टूटेगी।
भावार्थ: यह अनन्य प्रेम संबंध अब कभी खंडित नहीं हो सकता क्योंकि इस पर मेरे श्याम का शाश्वत पहरा है।

भजन से जुड़े मंत्र एवं श्लोक | Related Mantra & Shlok

ॐ श्री श्याम देवाय नमः

"हारे का सहारा, बाबा श्याम हमारा।"
इस महामंत्र का स्मरण करने से साधक के सभी प्रकार के भय और संकट दूर हो जाते हैं। आप नियमित रूप से महामृत्युंजय मंत्र का जाप भी कर सकते हैं।

एक नजर में भजन की जानकारी | Bhajan Quick Information

भजन का नाम चेहरे चेहरे में नज़र आये चेहरा तेरा (Tera Chehra Lyrics)
स्वर / गायिका अंजलि द्विवेदी (Anjali Dwivedi)
इष्ट देव श्री खाटू श्याम बाबा (बर्बरीक जी)
संगीत शैली नवीन श्याम भजन / संकीर्तन
भाषा हिंदी / ब्रज भाव
मुख्य भाव प्रेम, समर्पण और विरह
उपयुक्त अवसर एकादशी, जागरण, खाटू यात्रा और सत्संग

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

इस लोकप्रिय भजन को प्रसिद्ध और भावुक श्याम भजन गायिका अंजलि द्विवेदी जी ने अपनी मधुर आवाज में गाया है।

यह भजन कलयुग के अवतारी देवता श्री खाटू श्याम बाबा (बर्बरीक) को समर्पित है।

इस भजन का मुख्य भाव भक्त और भगवान के बीच अटूट प्रेम, समर्पण और हर जगह अपने इष्ट के दर्शन की अनुभूति (अद्वैत भक्ति) है।

इस भजन को एकादशी के पावन पर्व, श्याम बाबा के संकीर्तन, जागरण, या घर पर दैनिक पूजा के समय आसानी से गाया और सुना जा सकता है।

हाँ, इसकी शब्दावली अत्यंत सरल और लयबद्ध है, जिससे संगीत प्रेमियों और भक्तों को इसे याद करने में बहुत सहजता होती है।

प्रत्येक मास की शुक्ल पक्ष की एकादशी और द्वादशी तिथि खाटू श्याम बाबा के पूजन और दर्शन के लिए अत्यंत उत्तम मानी जाती है।

आप इस भजन के संपूर्ण और शुद्ध हिंदी बोल Bhaktilok.in पर प्राप्त कर सकते हैं।

श्याम बाबा के स्मरण मात्र से भक्तों के सारे कष्ट दूर होते हैं, मन को शांति मिलती है और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

संपादकीय समीक्षा एवं संदर्भ

यह लेख पारंपरिक भक्ति साहित्य, समकालीन श्याम संकीर्तन परंपरा और प्रामाणिक स्रोतों पर आधारित है। इसे पाठकों की सुविधा और आध्यात्मिक मार्गदर्शन के लिए संकलित किया गया है।

संपादकीय रूप से तैयार सामग्री | Bhaktilok Editorial Board

स्रोत एवं संदर्भ | Sources & References

  • पारंपरिक श्याम संकीर्तन एवं लोक भजन संग्रह
  • श्रीमद्भागवत महापुराण एवं भक्ति ग्रंथ
  • खाटू श्याम मंदिर ट्रस्ट की ऐतिहासिक एवं धार्मिक परंपराएं
  • अंजलि द्विवेदी द्वारा प्रस्तुत आधिकारिक ऑडियो-विजुअल भजन प्रस्तुतियां

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श्रेणियां: Shyam Bhajan Latest Bhakti Song

विश्वसनीय धार्मिक एवं आध्यात्मिक जानकारी

यह सामग्री भक्तिलोक संपादकीय टीम द्वारा उपलब्ध धार्मिक स्रोतों, प्रकाशित संदर्भों और परंपरागत पाठों की तुलना के आधार पर तैयार एवं समीक्षा की गई है। जहाँ पाठ के विभिन्न संस्करण उपलब्ध हैं, वहाँ संबंधित संस्करण या स्रोत का उल्लेख किया जाता है।

समीक्षित एवं सत्यापित अंतिम अद्यतन: 24 Sep 2026

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