भक्ति और समर्पण की अनूठी मिसाल प्रस्तुत करता यह पावन भजन "चल एक बार खाटूवाले के द्वार (Chal Ek Baar Khatuwale Ke Dwar Lyrics in Hindi)" कलयुग के अवतारी भगवान श्री श्याम बाबा (खाटू श्याम जी) के चरणों में ध्यान लगाने और उनकी अहैतुुक कृपा प्राप्त करने का अत्यंत सरल व प्रभावी माध्यम है। सुनील सर्वोत्तम जी की मधुर वाणी में गाया गया यह श्याम भजन साधक के मन को भौतिक संतापों से मुक्त कर आध्यात्मिक शांति प्रदान करता है। सनातन धर्म और खाटू श्याम परंपरा में यह माना जाता है कि बाबा श्याम ‘हारे का सहारा’ हैं और जो भी भक्त सच्चे हृदय से उनके दरबार में पहुंचता है, उसकी झोली कभी खाली नहीं रहती। इस भजन का प्रत्येक शब्द जीवात्मा को अहंकार त्यागकर शरणागति के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है।
सम्पूर्ण भजन लिरिक्स | Complete Bhajan Lyrics
चल एक बार खाटूवाले के द्वार, तेरे सारे काम संवर जाएंगे।
श्याम बाबा की महिमा अपरंपार, तेरे जीवन में फूल खिल जाएंगे॥
भीड़ पड़ी जब भक्तों पर भारी, दौड़े चले आए लखदातार बिहारी।
मोरछड़ी का जादू जब चलता, हर संकट पल में टल जाता॥
तू भी ले ले शरण में श्याम की, महिमा निराली है खाटूधाम की।
चल एक बार खाटूवाले के द्वार, तेरे सारे काम संवर जाएंगे॥
दुनिया से ठुकराया जो भी यहाँ आया, श्याम ने उसे अपने गले से लगाया।
हारा जो कोई वो यहाँ जीत गया, अमृत प्रेम का जी भर के पी गया॥
अब देर न कर तू चरणों में झुक जा, श्याम नाम की मस्ती में तू भी झूम जा।
चल एक बार खाटूवाले के द्वार, तेरे सारे काम संवर जाएंगे॥
तीन बाण धारी की लीला है न्यारी, हारे का सहारा है दुनिया ये सारी।
शीश का दानी जब संग में होए, फिर जीवन में किस बात का रोए॥
सुनील गुण गाए चरणों में बैठकर, श्याम नाम जपे तू भी रट लगाकर।
चल एक बार खाटूवाले के द्वार, तेरे सारे काम संवर जाएंगे॥
भजन का सरल हिंदी अर्थ एवं भावार्थ | Bhajan Meaning & Bhavarth
यह भजन साधक को यह बोध कराता है कि संसार के दुखों और उलझनों से घबराकर भटकने के बजाय यदि एक बार अनन्य भाव से खाटू श्याम के दरबार में हाजिरी लगा दी जाए, तो प्रभु भक्त के सभी कष्टों को हर लेते हैं। 'लखदातार' और 'हारे का सहारा' के रूप में विख्यात बाबा श्याम अपने हर उस भक्त की रक्षा करते हैं जो पूरी निष्ठा के साथ उनके सम्मुख नतमस्तक होता है। भजन का मुख्य संदेश यह है कि अहंकार और चिंताओं को छोड़कर भगवान के चरणों में समर्पण करने से जीवन में सकारात्मकता और आनंद का संचार होता है।
भजन की मुख्य विशेषताएं एवं महत्व | Highlights & Spiritual Significance
खाटू श्याम जी राजस्थान के सीकर जिले में स्थित एक अत्यंत पवित्र और लोकप्रिय तीर्थ स्थल है। महाभारत काल के वीर बर्बरीक जी को भगवान श्री कृष्ण ने कलयुग में अपने नाम 'श्याम' से पूजे जाने का वरदान दिया था। यह भजन उसी पौराणिक परंपरा और लोक-आस्था का जीवंत दस्तावेज है। इस भजन का नियमित श्रवण और गायन भक्तों में मानसिक बल, धैर्य और अटूट विश्वास जगाता है। विशेष रूप से एकादशी और फाल्गुन मेले के पावन अवसरों पर इस भजन का गान घर-घर में गूंजता है।
भजन गायन व श्रवण का समय एवं विधि | When & How to Sing
इस पावन भजन को प्रातः काल ब्रह्ममुहूर्त में, संध्या वंदन के समय, अथवा किसी भी विशेष पूजा-पाठ, एकादशी व्रत और श्याम संकीर्तन के दौरान गाया जा सकता है। भजन गाने या सुनने से पूर्व शुद्ध आसन पर बैठकर श्री श्याम बाबा के विग्रह या चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित करना चाहिए। प्रेम और तल्लीनता के साथ किया गया संकीर्तन मन को एकाग्र करने में सहायक होता है.
भजन से जुड़े देवी-देवता एवं संत | Associated Deity / Saint
इस भजन के केंद्र में भगवान श्री कृष्ण के ही रूप श्री खाटू श्याम बाबा (बर्बरीक) हैं। इसके साथ ही, इस भजन के गायक सुनील सर्वोत्तम जी ने अपनी सुमधुर आवाज और भक्ति भाव से इसे श्रद्धालुओं के बीच अत्यंत लोकप्रिय बनाया है। श्याम भक्तों की यह परंपरा सदियों से चली आ रही है, जहाँ संकीर्तन के माध्यम से प्रभु का आह्वान किया जाता है।
भजन की रचना एवं पृष्ठभूमि | Composition & Background
श्याम भजन परंपरा में लोक-संगीत और आधुनिक भक्ति संगीत का यह एक सुंदर समन्वय है। "चल एक बार खाटूवाले के द्वार" जैसे भजन उन भक्तों द्वारा रचे और गाए जाते हैं जिन्होंने अपने जीवन में श्याम कृपा का प्रत्यक्ष अनुभव किया होता है। यह रचना राजस्थान की लोक संस्कृति और भक्ति रस से ओत-प्रोत है।
भजन की भाषा एवं काव्य शैली | Language & Literary Style
यह भजन अत्यंत सरल, सुबोध और प्रभावमयी हिंदी व राजस्थानी मिश्रित लोक भाषा में रचित है। इसकी पदावली इतनी सहज है कि एक सामान्य भक्त भी इसे तुरंत गुनगुना सकता है। इसमें अनुप्रास और उपमा अलंकारों का सुंदर प्रयोग हुआ है जो काव्य रस को और अधिक प्रगाढ़ बनाता है.
भजन में व्यक्त आध्यात्मिक संदेश एवं जीवन सीख | Spiritual Message & Life Lessons
भजन से हमें यह महान जीवन सीख मिलती है कि हमें कठिन परिस्थितियों में कभी भी निराश नहीं होना चाहिए। जिस प्रकार खाटू श्याम जी 'हारे का सहारा' बनकर अपने भक्तों की नैया पार लगाते हैं, उसी प्रकार मनुष्य को भी अपने कर्म में निष्ठा रखते हुए ईश्वर पर पूर्ण विश्वास रखना चाहिए। शरणागति का मार्ग ही समस्त दुखों का अंत करता है।
भजन के प्रमुख शब्दों का अर्थ | Important Word Meanings
| शब्द / वाक्यांश | सरल अर्थ | संदर्भ |
|---|---|---|
| लखदातार | लाखों को दान देने वाला, कृपालु | श्याम बाबा की उदारता के संदर्भ में |
| मोरछड़ी | मोर के पंखों से बना पवित्र डंडा | श्याम बाबा का अस्त्र और कृपा प्रतीक |
| तीन बाण धारी | तीनों लोकों को जीतने में सक्षम अचूक बाण | वीर बर्बरीक की महान शक्ति |
| शरणागति | पूर्ण समर्पण भाव | भक्त का भगवान के प्रति दृष्टिकोण |
पंक्ति-दर-पंक्ति भावार्थ | Line-by-Line Explanation
भजन की पहली पंक्ति "चल एक बार खाटूवाले के द्वार" मनुष्य को यह प्रेरणा देती है कि सांसारिक बंधनों से थोड़ा समय निकालकर एक बार अपने आराध्य के धाम अवश्य जाना चाहिए। "भीड़ पड़ी जब भक्तों पर भारी, दौड़े चले आए लखदातार बिहारी" यह स्पष्ट करती है कि जब भी भक्त किसी संकट में होता है, तो प्रभु उसकी सहायता के लिए तुरंत उपस्थित हो जाते हैं। इसी प्रकार सम्पूर्ण भजन भक्त और भगवान के मधुर संबंध को गहराई से रेखांकित करता है।
भजन से जुड़े मंत्र एवं श्लोक | Related Mantra & Shlok
श्याम बाबा के स्मरण हेतु निम्नलिखित मंत्र का जाप अत्यंत फलदायी माना गया है:
ॐ श्री श्याम देवाय नमः
हारे का सहारा बाबा श्याम हमारा
एक नजर में भजन की जानकारी | Bhajan Quick Information
| भजन का नाम | चल एक बार खाटूवाले के द्वार (Chal Ek Baar Khatuwale Ke Dwar) |
|---|---|
| आराध्य देव | भगवान श्री खाटू श्याम जी (बर्बरीक) |
| गायक / कलाकार | सुनील सर्वोत्तम (Sunil Sarvottam) |
| भाषा | सरल हिंदी / ब्रज / लोक भाषा |
| विषय एवं थीम | शरणागति, भक्ति, श्याम महिमा |
| मुख्य भाव | विश्वास, प्रेम और संकीर्तन |
| उपयुक्त अवसर | एकादशी, फाल्गुन मेला, दैनिक पूजा, जागरण |
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
संपादकीय समीक्षा एवं संदर्भ
संपादकीय रूप से तैयार सामग्री के अंतर्गत यह सुनिश्चित किया गया है कि प्रस्तुत भजन के बोल शुद्ध देवनागरी लिपि में हों और इसके आध्यात्मिक व सांस्कृतिक संदर्भ पूरी प्रमाणिकता के साथ पाठकों तक पहुंचें। इस मार्गदर्शिका का उद्देश्य पाठकों को भक्ति रस से सराबोर करना और सनातन परंपराओं से जोड़ना है।
स्रोत एवं संदर्भ | Sources & References
- सनातन भक्ति साहित्य एवं लोकगीत परंपरा
- श्री खाटू श्याम इतिहास एवं संकीर्तन संग्रह
- श्रीमद्भगवद्गीता (भक्ति योग संदर्भ)
- पारंपरिक भजन संकलन एवं ऑडियो अभिलेख
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