Parvati Stotram

अंगना अईतु ऐ माई (Angna Aitu Ae Maai) - Pramod Premi Yadav New Bhakti Song - Bhaktilok

73 पाठकों ने पढ़ा | लेखक: Deepak Kumar Bind
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अंगना अईतु ऐ माई (Angna Aitu Ae Maai) - Pramod Premi Yadav New Bhakti Song - Bhaktilok

प्रकाशन तिथि: 2022-09-01 | अद्यतन: 2026 | श्रेणी: Latest Bhakti Song / Devotional Geet | रचनाकार एवं स्वर: प्रमोद प्रेमी यादव

भक्ति संगीत की लोक-आस्था और आधुनिक चेतना के सुंदर संगम को प्रस्तुत करता हुआ भोजपुरी पावन गीत "अंगना अईतु ऐ माई" (Angna Aitu Ae Maai) लोक-गायक प्रमोद प्रेमी यादव के ओजस्वी एवं भावपूर्ण स्वर में सजा एक अत्यंत लोकप्रिय देवी भजन है। यह कृति माँ दुर्गा, जगदम्बा और जगत जननी भवानी के प्रति अनन्य शरणागति, वात्सल्य और आगमन की आकुल पुकार को अभिव्यक्त करती है। जब कोई भक्त अपने घर के आंगन में माँ भगवती के चरण पड़ने की कामना करता है, तो संपूर्ण वातावरण दिव्यता, सकारात्मकता और अलौकिक ऊर्जा से भर जाता है। मनीष रोहतासी के मर्मस्पर्शी बोल और आर्या शर्मा के कर्णप्रिय संगीत संयोजन से सजा यह भजन सनातन संस्कृति में माँ के आगमन के उत्सव को जीवंत कर देता है। इस विस्तृत मार्गदर्शिका में हम इस लोकप्रिय भजन के संपूर्ण बोल, शाब्दिक अर्थ, भावार्थ, गायन परंपरा और इसके आध्यात्मिक महत्व का गहन विश्लेषण प्रस्तुत कर रहे हैं।

सम्पूर्ण गीत के बोल | Complete Lyrics

मूल भोजपुरी रचना एवं शुद्ध देवानागरी लिपि में प्रस्तुत गीत के बोल:


[मुखड़ा] अंगना अईतु ऐ माई, दर्शन दिअतू ऐ भवानी, तोहरे चरनन में झूठे दुनिया के जिंदगानी। सुनी पुकार मोरी जगदम्बा शेरावाली, भर दिअतू झोली हमार खाली के खाली। [अंतरा १] पर्वतवा के बीच तोहार ऊँच दरवार बा, आइल बा नवरात्र, भक्तन के इंतजार बा। फूलवा चढ़इब तोहें चुनरी चढ़इब, मन के मंदिर में ज्योति जगरइब। आइल बानी द्वारे तोहरे लगा के अरजानी, तोहरे चरनन में झूठे दुनिया के जिंदगानी। अंगना अईतु ऐ माई, दर्शन दिअतू ऐ भवानी... [अंतरा २] प्रमोद प्रेमी गावे महिमा तोहार गाता, मनीष रोहतासी लिखे मन के बतियाता। आर्या शर्मा के सुर सजे धुन सुहानी, भक्तन के हिअ में बहे प्रेम के बयानी। रच्छ कर तू मोरी मैया बिगड़ल बनाई, कट जाई संकट के सब घड़ी तू भगाई। अंगना अईतु ऐ माई, दर्शन दिअतू ऐ भवानी...

गीत का सरल हिंदी अर्थ एवं भावार्थ | Song Meaning & Bhavarth

यह भजन केवल एक संगीतिक रचना नहीं, बल्कि एक भक्त की अपनी इष्ट देवी माँ दुर्गा के प्रति आर्त पुकार (रोदन) और समर्पण का जीवंत दस्तावेज है। आइए इस गीत के विभिन्न चरणों के गहरे आध्यात्मिक और भावनात्मक अर्थ को समझें:

मुखड़ा का भावार्थ

भक्त अपनी माँ से विनय करता है कि हे मैया भवानी! आप कृपा करके मेरे सूने आंगन में पधारिए और मुझे अपने दिव्य दर्शन से कृतार्थ कीजिए। संसार की तमाम मोह-माया और भौतिक सुख-सुविधाएं अंततः मिथ्या और नश्वर हैं, वास्तविक सत्य तो आपके चरणों की शरण में ही प्राप्त होता है। हे शेरावाली जगदम्बा! मेरी इस पुकार को सुनिए और मेरी इस खाली झोली को अपनी कृपा से भर दीजिए।

प्रथम अंतरा का भावार्थ

यहाँ कवि माँ के उस अलौकिक वास का वर्णन करता है जो ऊंचे पर्वतों और त्रिकूट पर्वतों के मध्य स्थित है। शारदीय या चैत्र नवरात्र का पावन पर्व आते ही समस्त भक्तजनों की आँखें माँ के स्वागत के लिए आतुर हो जाती हैं। भक्त कहता है कि मैं आपके चरणों में सुंदर पुष्प और लाल चुनरी अर्पित करूँगा, तथा अपने हृदय रूपी मंदिर में आपके नाम की अखंड ज्योति प्रज्वलित करूँगा। मैं अपनी समस्त अरज लेकर आपके द्वार पर उपस्थित हूँ।

द्वितीय अंतरा का भावार्थ

गीत के इस भाग में रचनाकारों और कलाकारों की कलात्मक अभिव्यक्ति को दर्शाया गया है। गायक प्रमोद प्रेमी यादव माँ की महिमा का गुणगान करते हैं, जिसे मनीष रोहतासी ने अपने शब्दों से पिरोया है। आर्या शर्मा का संगीत इस रचना में प्राण फूंक देता है। भक्त अंत में प्रार्थना करता है कि हे मैया! हमारे जीवन के सभी संकटों को हर लीजिए और हमारे बिगड़े हुए कार्यों को अपनी कृपा से संवार दीजिए।

गीत की मुख्य भावना एवं संदेश | Theme, Emotion & Message

"अंगना अईतु ऐ माई" गीत का केंद्रीय भाव वात्सल्य, शरणागति और भक्तिमय आकुलता है। सनातन संस्कृति में देवी को माँ के रूप में देखने की परंपरा रही है। जैसे एक बच्चा अपनी माँ के घर आने पर या उसे अपने पास पाकर आनंदित हो जाता है, वैसे ही साधक अपनी आत्मा को माँ का शिशु मानकर उनके आंगन में आने की विनती करता है। यह गीत सिखाता है कि अहंकार और सांसारिक प्रपंचों को छोड़कर जब मनुष्य सच्चे हृदय से भगवती का आह्वान करता है, तो माँ अवश्य अपने भक्तों के द्वार पर आती हैं। इस गीत से जुड़ी अन्य भक्ति रचनाओं जैसे ओम जय जगदीश आरती या अन्य देवी स्तोत्रों के अध्ययन से हमारी भक्ति और अधिक प्रगाढ़ होती है।

गीत की जानकारी | Song Information

विवरण बिंदु तथ्य / जानकारी
गीत का नाम (Song Name) अंगना अईतु ऐ माई (Angna Aitu Ae Maai)
गायक (Singer) प्रमोद प्रेमी यादव (Pramod Premi Yadav)
गीतकार (Lyricist) मनीष रोहतासी (Manish Rohtasi)
संगीत निर्देशक (Music Director) आर्या शर्मा (Arya Sharma)
संगीत लेबल्स / कंपनी वेदशक्ति एंटरटेनमेंट (Vedshakti Entertainment)
विधा (Genre) भोजपुरी देवी गीत / लेटेस्ट भक्ति सॉन्ग
भाषा (Language) भोजपुरी / हिंदी

कठिन शब्दों के अर्थ | Difficult Word Meanings

शब्द / पद सरल अर्थ संदर्भ / प्रयोग
अंगना आंगन (घर का केंद्रीय खुला स्थान) माता के आगमन का स्थान
अईतु आइए / पधारिए माँ को घर आने का निमंत्रण
भवानी माता पार्वती / दुर्गा इष्ट देवी का संबोधन
जिंदगानी जीवन / संसार सांसारिक जीवन की नश्वरता
अरजानी प्रार्थना / निवेदन भक्त की विनती
हिअ हृदय / मन भक्त का अंतःकरण

गीत का आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक महत्व | Spiritual & Cultural Significance

लोक संगीत और भक्ति का यह अनूठा संयोजन भारतीय संस्कृति की उस गहरी जड़ से जुड़ा है जहाँ पर्वों और उत्सवों में देवी-देवताओं को अपने परिवार का हिस्सा माना जाता है। नवरात्र के पावन दिनों में जब ग्रामीण और शहरी अंचलों में ऐसे गीत गूंजते हैं, तो वातावरण पूरी तरह से सात्विक हो जाता है। प्रमोद प्रेमी यादव की आवाज में यह ऊर्जा युवाओं को भी अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने का कार्य करती है। माँ दुर्गा की आराधना से न केवल आत्मबल बढ़ता है, बल्कि जीवन की सभी बाधाएं स्वतः दूर होती हैं। साधक जब नवरात्र के नौ दिनों में व्रत और पूजन करते हैं, तो ऐसे कर्णप्रिय भजन उनकी साधना को और अधिक आनंदमय बना देते हैं।

गीत सुनने का अवसर एवं परंपरा | When to Listen / Sing

  • शारदीय एवं चैत्र नवरात्र: माँ दुर्गा के दोनों प्रमुख नवरात्रों में घटस्थापना और पूजन के समय यह गीत अत्यधिक प्रासंगिक है।
  • माता का जागरण एवं चौकी: रात्रि जागरण, माता के संकीर्तन और देवी भागवत कथा के दौरान इस भजन को विशेष रूप से गाया जाता है।
  • दैनिक पूजा-आराधना: प्रातःकाल या संध्या वंदन के समय जब घर में धूप-दीप जलाया जाता है, तब इसे सुनकर मन को असीम शांति मिलती है।
  • पारिवारिक मांगलिक अनुष्ठान: गृह प्रवेश या अन्य धार्मिक अनुष्ठानों के समय जब घर की शुद्धि और मंगल कामना की जाती है।

एक नजर में गीत की जानकारी | Song at a Glance

विशेषता विवरण
शीर्षक अंगना अईतु ऐ माई (Angna Aitu Ae Maai)
मुख्य देवता माँ दुर्गा / जगदम्बा भवानी
मुख्य भाव शरणागति, वात्सल्य और आगमन की आकुलता
प्रसार माध्यम डिजिटल ऑडियो एवं वीडियो प्लेटफॉर्म्स (Vedshakti Entertainment)
संबंधित परंपरा भोजपुरी लोक भक्ति संगीत एवं नवरात्र उत्सव

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

इस लोकप्रिय देवी गीत के गायक प्रसिद्ध भोजपुरी लोक-गायक प्रमोद प्रेमी यादव (Pramod Premi Yadav) हैं।

इस भजन के गीत मनीष रोहतासी (Manish Rohtasi) द्वारा लिखे गए हैं तथा इसका संगीत आर्या शर्मा (Arya Sharma) ने तैयार किया है।

यह गीत 'वेदशक्ति एंटरटेनमेंट' (Vedshakti Entertainment) बैनर और लेबल के तहत जारी किया गया है।

इस भजन का मुख्य संदेश माँ भगवती के प्रति पूर्ण शरणागति और अपने हृदय रूपी आंगन में उनकी कृपा व दिव्यता का आह्वान करना है।

यह गीत मुख्य रूप से शारदीय और चैत्र नवरात्र, माता के जागरण, चौकी तथा दैनिक संध्या पूजन के समय बहुत चाव से सुने जाते हैं।

हाँ, यह गीत ठेठ भोजपुरी लोक शैली और मधुर संगीत में गाया गया है जिसे उत्तर भारत में अत्यधिक पसंद किया जाता है।

माँ दुर्गा के स्मरण और उनकी आराधना से साधक को निर्भयता, मानसिक शांति, सकारात्मक ऊर्जा और संकटों से मुक्ति प्राप्त होती है।

निश्चित रूप से, घर के मंदिर के समक्ष दीप प्रज्वलित करके इस भजन को पूरी तन्मयता के साथ व्यक्तिगत रूप से भी गाया जा सकता है।

संपादकीय समीक्षा एवं संदर्भ

यह लेख श्री प्रमोद प्रेमी यादव द्वारा गाये गए लोकप्रिय देवी भजन "अंगना अईतु ऐ माई" की संपूर्ण जानकारी, बोल, भावार्थ और सांस्कृतिक संदर्भ को ध्यान में रखते हुए संपादकीय रूप से तैयार सामग्री है। इसका उद्देश्य पाठकों को प्रामाणिक और सुंदर भक्ति साहित्य उपलब्ध कराना है ताकि वे अपनी संस्कृति और संगीत से जुड़े रह सकें।

स्रोत एवं संदर्भ | Sources & References

  • • वेधशक्ति एंटरटेनमेंट आधिकारिक संगीत रिलीज एवं विवरण
  • • भोजपुरी लोक संगीत एवं देवी गीत परंपरा के संग्रह
  • • सनातन धर्म ग्रंथ एवं दुर्गा सप्तशती की सामान्य सांस्कृतिक मान्यताएं
  • • लोकगीत संकलन एवं साहित्यिक समीक्षा के अभिलेख

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यह सामग्री भक्तिलोक संपादकीय टीम द्वारा उपलब्ध धार्मिक स्रोतों, प्रकाशित संदर्भों और परंपरागत पाठों की तुलना के आधार पर तैयार एवं समीक्षा की गई है। जहाँ पाठ के विभिन्न संस्करण उपलब्ध हैं, वहाँ संबंधित संस्करण या स्रोत का उल्लेख किया जाता है।

समीक्षित एवं सत्यापित अंतिम अद्यतन: 26 Sep 2026

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