Sai Baba

श्रद्धा से बुलाओ | Shraddha Se Bulao | Sai Baba Bhajan | Om Sai Ram Shraddha Bhakti Sagar - BhaktiLok

80 पाठकों ने पढ़ा | लेखक: Deepak Kumar Bind
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"श्रद्धा से बुलाओ" भजन साईं बाबा के प्रति अनन्य प्रेम और समर्पण का एक पावन प्रतीक है। शिरडी के साईं बाबा, जिन्हें 'सबका मालिक एक' के रूप में जाना जाता है, करुणा और प्रेम के साक्षात स्वरूप हैं। यह भजन भक्तों को यह सिखाता है कि ईश्वर को पाने के लिए किसी जटिल कर्मकांड की आवश्यकता नहीं है, बल्कि केवल एक सच्चे और श्रद्धापूर्ण हृदय की आवश्यकता है। जब भक्त पुकारता है, तो साईं बाबा अपनी सूक्ष्म उपस्थिति से उसे सांत्वना देते हैं। यह भजन विशेष रूप से साईं संध्या, गुरुवार की पूजा और ध्यान सत्रों में गाया जाता है, जो मन को सांसारिक चिंताओं से मुक्त कर बाबा के चरणों में लीन कर देता है।

सम्पूर्ण भजन लिरिक्स | Complete Bhajan Lyrics

श्रद्धा से बुलाओ, साईं को बुलाओ,
प्रेम से बुलाओ, साईं को बुलाओ।
बाबा आएंगे, बाबा आएंगे,
तुम्हारे पास आएंगे, साईं को बुलाओ॥

तुम जो पुकारो, दिल की गहराई से,
आएंगे बाबा, दौड़े चले आएंगे।
आंखों में आंसू, मन में हो श्रद्धा,
भक्तों के दुखड़े, पल में मिटाएंगे॥
श्रद्धा से बुलाओ, साईं को बुलाओ...

शिरडी के साईं, सब के हैं प्यारे,
दुखियों के बाबा, हैं ये सहारे।
नाम की माला, जप लो तुम प्यारे,
भव से ये बाबा, पार लगाएंगे॥
श्रद्धा से बुलाओ, साईं को बुलाओ...

ओम साईं राम, ओम साईं राम,
जपते रहो तुम, सुबह और शाम।
साईं की महिमा, सबसे है न्यारी,
जीवन को बाबा, सफल बनाएंगे॥
श्रद्धा से बुलाओ, साईं को बुलाओ...

भजन का सरल हिंदी अर्थ एवं भावार्थ | Bhajan Meaning & Bhavarth

इस भजन का मूल भाव 'शरणागति' है। भक्त कहता है कि यदि आप अपने हृदय में सच्ची श्रद्धा और प्रेम का भाव रखकर साईं बाबा को पुकारते हैं, तो वे अवश्य आते हैं। साईं बाबा का स्वरूप ऐसा है कि वे भक्त की पुकार को अनसुना नहीं करते। भजन में 'दिल की गहराई' शब्द का प्रयोग यह दर्शाता है कि ईश्वर केवल शब्दों को नहीं, बल्कि भावों को सुनते हैं। जब भक्त की आंखों में प्रेम के आंसू होते हैं और मन में अटूट विश्वास, तब बाबा उसके दुखों को हर लेते हैं। यह भजन हमें याद दिलाता है कि शिरडी के साईं केवल एक संत नहीं, बल्कि भक्तों के रक्षक हैं जो जीवन की नैया को भवसागर से पार लगाने में समर्थ हैं।

भजन की मुख्य विशेषताएं एवं महत्व | Highlights & Spiritual Significance

  • भक्ति का मार्ग: यह भजन सरल और सुगम भक्ति मार्ग को प्रशस्त करता है।
  • मानसिक शांति: इसके निरंतर श्रवण से मन में व्याप्त अशांति और तनाव दूर होता है।
  • साईं कृपा: यह भजन बाबा के प्रति विश्वास को दृढ़ करता है।
  • सामूहिक गायन: इसे सत्संग और साईं संध्या में सामूहिक रूप से गाने पर विशेष ऊर्जा की अनुभूति होती है।

भजन गायन व श्रवण का समय एवं विधि | When & How to Sing

इस भजन को गुरुवार के दिन, जो साईं बाबा को समर्पित है, विशेष रूप से गाना चाहिए। प्रातःकाल की आरती या संध्या आरती के समय इसे गाना अत्यंत फलदायी माना जाता है। इसे गाते समय मन को शांत रखें और बाबा की छवि का ध्यान करें। यदि संभव हो, तो सामने बाबा की प्रतिमा या चित्र रखें और धूप-दीप प्रज्वलित करें।

भजन के प्रमुख शब्दों का अर्थ | Important Word Meanings

शब्द अर्थ संदर्भ
श्रद्धा अटूट विश्वास ईश्वर के प्रति समर्पण
भव संसार/संसार सागर जन्म-मरण का चक्र
दुखड़े कष्ट या परेशानियां भक्त के जीवन की बाधाएं
शरणागति पूर्ण समर्पण बाबा के चरणों में खुद को सौंपना

एक नजर में भजन की जानकारी | Bhajan Quick Information

भजन का नाम श्रद्धा से बुलाओ
देवता साईं बाबा
विषय भक्ति एवं समर्पण
भाषा हिंदी
उपयुक्त अवसर गुरुवार, साईं संध्या, दैनिक पूजा

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

साईं बाबा को प्रसन्न करने का सबसे सरल उपाय क्या है?

साईं बाबा को प्रसन्न करने का सबसे सरल उपाय 'श्रद्धा और सबुरी' (विश्वास और धैर्य) है। उनके नाम का जाप और निस्वार्थ सेवा ही उन्हें प्रिय है।

क्या यह भजन घर पर गाया जा सकता है?

हाँ, यह भजन घर पर, मंदिर में या किसी भी पवित्र स्थान पर गाया जा सकता है। इसके लिए किसी विशेष अनुष्ठान की आवश्यकता नहीं है।

संपादकीय रूप से तैयार सामग्री।

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स्रोत एवं संदर्भ | Sources & References

यह सामग्री साईं सच्चरित्र और पारंपरिक भक्ति साहित्य के आधार पर तैयार की गई है।

विश्वसनीय धार्मिक एवं आध्यात्मिक जानकारी

यह सामग्री भक्तिलोक संपादकीय टीम द्वारा उपलब्ध धार्मिक स्रोतों, प्रकाशित संदर्भों और परंपरागत पाठों की तुलना के आधार पर तैयार एवं समीक्षा की गई है। जहाँ पाठ के विभिन्न संस्करण उपलब्ध हैं, वहाँ संबंधित संस्करण या स्रोत का उल्लेख किया जाता है।

समीक्षित एवं सत्यापित अंतिम अद्यतन: 26 Sep 2026

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