Parvati Stotram

अपना इन्हे बना लो ऐ श्याम खाटू वाले | Apana Enhe Bana Lo A Shyam Khatu Wale - खाटू श्याम भजन Pinki Gupta Khatu Shyam Bhajan | Bhakti Gana - Bhaktilok

61 पाठकों ने पढ़ा | लेखक: Deepak Kumar Bind
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"अपना इन्हें बना लो ऐ श्याम खाटू वाले" (Apana Enhe Bana Lo A Shyam Khatu Wale) एक अत्यंत भावपूर्ण और लोकप्रिय खाटू श्याम भजन है, जिसे सुप्रसिद्ध भजन गायिका पिंकी गुप्ता ने अपनी मधुर आवाज में गाया है। यह भजन भगवान श्री कृष्ण के कलयुगी अवतार बर्बरीक, जिन्हें हम खाटू श्याम जी के नाम से पूजते हैं, के प्रति अनन्य समर्पण, शरणागति और वात्सल्य भाव को दर्शाता है। सनातन धर्म में संकीर्तन और प्रभु नाम का जाप कलयुग का सबसे सरल और प्रभावी साधन माना गया है। इस भजन के माध्यम से भक्त अपने आराध्य से प्रार्थना करता है कि वे उसके प्रियजनों और परिवार को भी अपनी शरण में ले लें। इस भजन का गायन विशेष रूप से खाटू श्याम जी के जागरण, फाल्गुन मेले, एकादशी व्रत और दैनिक संध्या आरती के समय किया जाता है। यह भजन साधक के अंतर्मन को झंकृत कर उसमें भक्ति रूपी अमृत का संचार करता है और जीवन के समस्त कष्टों को हरने की सामर्थ्य रखता है।

सम्पूर्ण भजन लिरिक्स | Complete Bhajan Lyrics

॥ अपना इन्हें बना लो ऐ श्याम खाटू वाले ॥

तर्ज: पारंपरिक भक्ति भाव
गायिका: पिंकी गुप्ता

(स्थायी)
अपना इन्हें बना लो ऐ श्याम खाटू वाले,
अपना इन्हें बना लो ऐ श्याम खाटू वाले।
हम तो तुम्हारे हैं ही, अब इन्हें भी अपना लो,
अपना इन्हें बना लो ऐ श्याम खाटू वाले॥

(अंतरा 1)
दुनिया की इस डगर में, कोई नहीं हमारा,
हारे का तुम ही सहारा, खाटू के श्याम प्यारे।
मझधार में फंसी है, नैया हमारी आकर,
पतवार तुम बनो अब, इस पार तुम लगा लो॥
अपना इन्हें बना लो ऐ श्याम खाटू वाले...

(अंतरा 2)
चरणों में तेरे आकर, शीश को झुकाया है,
झोली पसारी अपनी, अरदास को लाया है।
खाली न कोई लौटा, दर से तुम्हारे दाता,
किस्मत की सोई रेखा, तुम ही अब जगा दो॥
अपना इन्हें बना लो ऐ श्याम खाटू वाले...

(अंतरा 3)
सुख-दुख के इस सफर में, तुम साथ ही रहना,
हाथों में हाथ लेकर, राहें सुगम करना।
पिंकी की यही अर्जी, स्वीकार करो बाबा,
चरणों की धूल देकर, जीवन सफल बना लो॥
अपना इन्हें बना लो ऐ श्याम खाटू वाले...

(समर्पण)
हम तो तुम्हारे हैं ही, अब इन्हें भी अपना लो,
अपना इन्हें बना लो ऐ श्याम खाटू वाले॥

भजन का सरल हिंदी अर्थ एवं भावार्थ | Bhajan Meaning & Bhavarth

यह भजन "अपना इन्हें बना लो ऐ श्याम खाटू वाले" भक्त की उस परम अवस्था को दर्शाता है जहां वह केवल अपने लिए ही नहीं, बल्कि अपने पूरे परिवार, मित्रों और प्रियजनों के लिए भी भगवान श्री श्याम सुंदर से मोक्ष और शरण की याचना करता है। भजन का मुख्य संदेश यही है कि संसार के समस्त कार्यों को करते हुए भी यदि मनुष्य का मन निरंतर ईश्वर के चरणों में लीन रहे, तो वह संसार सागर से सहज ही पार उतर जाता है।

भजन के प्रथम भाग में भक्त कहता है कि "हे खाटू वाले श्याम! हम तो पहले से ही आपके चरणों के दास हैं, हमारा सर्वस्व तो आपके चरणों में समर्पित है ही। लेकिन आज मैं अपने साथ उन सभी को लाया हूँ जो मुझसे जुड़े हैं। हे दयालु देव! आप इन्हें भी अपना बना लीजिए और अपनी कृपा दृष्टि इन पर भी बरसाइए।" यह भाव अत्यंत उच्च कोटि का है, जहाँ भक्त स्वार्थ से ऊपर उठकर समष्टिगत कल्याण की कामना करता है।

भजन के अंतराओं में जीवन की नश्वरता और संसार की कठिनाइयों का वर्णन है। भक्त स्वीकार करता है कि इस भौतिक संसार में कोई भी सच्चा साथी नहीं है। जब मनुष्य हर तरफ से हार जाता है, तब केवल खाटू श्याम ही "हारे का सहारा" बनकर खड़े होते हैं। भक्त अपनी जीवन रूपी नैया को प्रभु के हाथों में सौंपकर निश्चिंत हो जाना चाहता है। वह प्रार्थना करता है कि हे श्याम! आप हमारी नैया के खेवनहार बनिए और हमें इस भवसागर से पार उतारिए।

भजन की मुख्य विशेषताएं एवं महत्व | Highlights & Spiritual Significance

खाटू श्याम जी के भजनों में जो आर्तनाद और समर्पण का भाव होता है, वह अन्यत्र दुर्लभ है। इस भजन की मुख्य विशेषताएं निम्नलिखित हैं:

  • शरणागति का संदेश: यह भजन पूर्ण शरणागति (प्रपत्ति) के सिद्धांत पर आधारित है, जहाँ भक्त अपने अहंकार को शून्य कर भगवान के चरणों में समर्पित हो जाता है।
  • हारे का सहारा भाव: कलयुग में भगवान खाटू श्याम को "हारे का सहारा" माना गया है। यह भजन निराश और हताश मन में नई आशा और ऊर्जा का संचार करता है।
  • सामूहिक कल्याण की भावना: भजन में "इन्हें भी अपना लो" कहकर भक्त अपने परिवार और समाज के कल्याण की प्रार्थना करता है, जो सनातन धर्म की "वसुधैव कुटुम्बकम्" की भावना को प्रदर्शित करता है।
  • मधुर संगीत और सरल शब्द: पिंकी गुप्ता द्वारा गाए गए इस भजन के शब्द अत्यंत सरल और सुबोध हैं, जिससे कोई भी सामान्य भक्त इससे तुरंत जुड़ जाता है।

भजन गायन व श्रवण का समय एवं विधि | When & How to Sing

यद्यपि ईश्वर की आराधना के लिए कोई भी समय अनुचित नहीं होता, परंतु इस भजन के गायन और श्रवण के लिए कुछ विशेष अवसर और विधियां अत्यधिक फलदायी मानी गई हैं:

  • एकादशी व्रत के दिन: खाटू श्याम जी की पूजा में एकादशी (विशेषकर शुक्ल पक्ष की एकादशी) का अत्यधिक महत्व है। इस दिन इस भजन को गाने से विशेष पुण्य प्राप्त होता है।
  • संध्या आरती के समय: घर या मंदिर में संध्या काल की पूजा के समय इस भजन का गायन करने से घर का वातावरण शुद्ध और सकारात्मक बनता है।
  • खाटू श्याम संकीर्तन: जब भी आपके घर या क्षेत्र में श्याम बाबा का कीर्तन या जागरण हो, तब इस भजन को सामूहिक रूप से गाने से भक्तों में अपूर्व आनंद का संचार होता है।
  • गायन की विधि: भजन गाते समय मन में पूर्ण विश्वास, समर्पण और आंखों में प्रेमाश्रु का भाव होना चाहिए। हाथों से ताली बजा

विश्वसनीय धार्मिक एवं आध्यात्मिक जानकारी

यह सामग्री भक्तिलोक संपादकीय टीम द्वारा उपलब्ध धार्मिक स्रोतों, प्रकाशित संदर्भों और परंपरागत पाठों की तुलना के आधार पर तैयार एवं समीक्षा की गई है। जहाँ पाठ के विभिन्न संस्करण उपलब्ध हैं, वहाँ संबंधित संस्करण या स्रोत का उल्लेख किया जाता है।

समीक्षित एवं सत्यापित अंतिम अद्यतन: 26 Sep 2026

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