Parvati Stotram

माँ भाग्य विधाता है (Maa Bhagya Vidhata Hai) - Jai Mata Di Mata Rani New Bhajan Amba Bhakti - BhaktiLok

67 पाठकों ने पढ़ा | लेखक: Deepak Kumar Bind
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"माँ भाग्य विधाता है" भजन देवी दुर्गा की असीम कृपा और उनके करुणामयी स्वरूप का एक अत्यंत सुंदर गुणगान है। सनातन धर्म में माँ भगवती को सृष्टि की आदि शक्ति, समस्त दुखों का विनाश करने वाली और भक्तों के भाग्य को संवारने वाली 'भाग्य विधाता' के रूप में पूजा जाता है। यह भजन न केवल एक मधुर संगीत रचना है, बल्कि यह साधक के हृदय में श्रद्धा का बीज बोने वाला एक आध्यात्मिक अनुष्ठान भी है। जब भक्त पूर्ण समर्पण के साथ इस भजन का श्रवण या गायन करता है, तो उसके जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और उसे यह बोध होता है कि संसार की डोर वास्तव में माँ के हाथों में है। यह भजन विशेष रूप से नवरात्रि, देवी जागरण, और दैनिक पूजा के समय अत्यंत प्रभावशाली माना जाता है।

सम्पूर्ण भजन लिरिक्स | Complete Bhajan Lyrics

(मुखड़ा)
माँ भाग्य विधाता है, मेरी माँ भाग्य विधाता है,
जो भी शरण में आता है, उसको गले लगाती है,
माँ भाग्य विधाता है, मेरी माँ भाग्य विधाता है।

(अंतरा 1)
दुखियों के दुख हरती है, कष्टों को दूर करती है,
ममता की छाया बनके, हर पल साथ रहती है,
जो भी पुकार लगाता है, माँ दौड़ी चली आती है,
माँ भाग्य विधाता है, मेरी माँ भाग्य विधाता है।

(अंतरा 2)
सृष्टि की रचना तू ही है, शक्ति का संचार तू ही है,
भक्तों के जीवन में, खुशियों का आधार तू ही है,
जो भी शीश झुकाता है, माँ उसको अपनाती है,
माँ भाग्य विधाता है, मेरी माँ भाग्य विधाता है।

(समापन)
जय माता दी, जय माता दी, जय माता दी बोलिए,
माँ के चरणों में आकर, अपनी झोली खोलिए,
माँ भाग्य विधाता है, मेरी माँ भाग्य विधाता है।

भजन का सरल हिंदी अर्थ एवं भावार्थ | Bhajan Meaning & Bhavarth

इस भजन का भावार्थ यह है कि माँ दुर्गा ही हमारे भाग्य की लेखनी को बदलने में समर्थ हैं। 'भाग्य विधाता' का अर्थ है वह शक्ति जो हमारे कर्मों के फल को अपनी कृपा से सुगम बना देती है। भक्त यहाँ स्वीकार करता है कि वह स्वयं असहाय है, परंतु माँ की शरण में जाने मात्र से उसके सारे कष्ट मिट जाते हैं। भजन में माँ की ममता को एक ढाल के रूप में दर्शाया गया है जो भक्त को संसार के दुखों से बचाती है। यह भजन हमें सिखाता है कि ईश्वर के प्रति अटूट विश्वास ही वह कुंजी है जिससे भाग्य के बंद द्वार खुलते हैं।

भजन की मुख्य विशेषताएं एवं महत्व | Highlights & Spiritual Significance

  • भक्ति भाव: यह भजन शरणागति (Surrender) के भाव को पुष्ट करता है।
  • देवी महिमा: माँ के करुणामयी और रक्षक स्वरूप का वर्णन।
  • मानसिक शांति: इसके गायन से मन की चंचलता शांत होती है और एकाग्रता बढ़ती है।
  • सकारात्मकता: यह भजन नकारात्मक विचारों को दूर कर आत्मविश्वास जगाता है।

भजन गायन व श्रवण का समय एवं विधि | When & How to Sing

इस भजन को आप प्रातः काल की पूजा या संध्या आरती के समय गा सकते हैं। इसे गाते समय मन में माँ दुर्गा की प्रतिमा या स्वरूप का ध्यान करना चाहिए। यदि संभव हो, तो दीपक जलाकर और धूप-दीप अर्पित करके इस भजन का संकीर्तन करना अधिक फलदायी होता है। सामूहिक सत्संग में इसे गाने से भक्ति का वातावरण निर्मित होता है।

भजन के प्रमुख शब्दों का अर्थ | Important Word Meanings

शब्द सरल अर्थ संदर्भ
भाग्य विधाता किस्मत लिखने वाली ईश्वरीय शक्ति का संकेत
शरणागति पूर्ण समर्पण भक्त का ईश्वर के प्रति भाव
सृष्टि ब्रह्मांड माँ की रचना शक्ति

एक नजर में भजन की जानकारी | Bhajan Quick Information

भजन का नाम माँ भाग्य विधाता है
देवी माँ दुर्गा / अम्बे माँ
विषय शरणागति और कृपा
उपयुक्त अवसर नवरात्रि, जागरण, दैनिक पूजा

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

  1. प्रश्न: क्या इस भजन को घर पर गाया जा सकता है?
    उत्तर: हाँ, इसे घर पर किसी भी समय भक्ति भाव से गाया जा सकता है।
  2. प्रश्न: माँ भाग्य विधाता का क्या अर्थ है?
    उत्तर: इसका अर्थ है कि माँ दुर्गा ही हमारे जीवन की दिशा और दशा को बदलने वाली परम शक्ति हैं।
  3. प्रश्न: क्या यह भजन नवरात्रि में विशेष है?
    उत्तर: जी हाँ, नवरात्रि के नौ दिनों में माँ के भजनों का विशेष महत्व होता है।
  4. प्रश्न: भजन सुनने से क्या लाभ होता है?
    उत्तर: भजन सुनने से मन को शांति मिलती है और ईश्वर के प्रति प्रेम बढ़ता है।
  5. प्रश्न: क्या इसे बच्चों को सिखा सकते हैं?
    उत्तर: अवश्य, बच्चों में संस्कार और भक्ति जगाने के लिए यह एक उत्तम भजन है।
  6. प्रश्न: क्या इसके साथ कोई विशेष मंत्र है?
    उत्तर: आप इसके साथ 'ॐ दुं दुर्गायै नमः' का जाप कर सकते हैं।
  7. प्रश्न: क्या यह भजन किसी विशेष राग में है?
    उत्तर: यह एक सरल और मधुर धुन में है जिसे कोई भी गा सकता है।
  8. प्रश्न: अधिक जानकारी के लिए कहाँ देखें?
    उत्तर: आप BhaktiLok.in पर अन्य देवी भजनों के लिए देख सकते हैं।

संपादकीय रूप से तैयार सामग्री।

स्रोत एवं संदर्भ | Sources & References

यह सामग्री पारंपरिक भक्ति साहित्य, दुर्गा सप्तशती के भावों और लोक प्रचलित भजनों के संकलन पर आधारित है।

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विश्वसनीय धार्मिक एवं आध्यात्मिक जानकारी

यह सामग्री भक्तिलोक संपादकीय टीम द्वारा उपलब्ध धार्मिक स्रोतों, प्रकाशित संदर्भों और परंपरागत पाठों की तुलना के आधार पर तैयार एवं समीक्षा की गई है। जहाँ पाठ के विभिन्न संस्करण उपलब्ध हैं, वहाँ संबंधित संस्करण या स्रोत का उल्लेख किया जाता है।

समीक्षित एवं सत्यापित अंतिम अद्यतन: 26 Sep 2026

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