Parvati Stotram

जन्मदिन श्याम का आया | Janmdin Shyam Ka Aaya | Shyam Janmotsav Bhajan | by Sushil Gupta (Full HD ) - BhaktiLok

60 पाठकों ने पढ़ा | लेखक: Deepak Kumar Bind
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'जन्मदिन श्याम का आया' भजन खाटू श्याम जी के प्रति भक्तों के अगाध प्रेम और उनके जन्मोत्सव की पावन बेला को समर्पित एक अत्यंत लोकप्रिय भक्ति गीत है। यह भजन न केवल श्याम बाबा के प्रति समर्पण को दर्शाता है, बल्कि खाटू धाम की महिमा और भक्तों के उत्साह का जीवंत चित्रण भी करता है। कार्तिक मास की एकादशी (देवउठनी ग्यारस) के पावन अवसर पर, जब खाटू नगरी श्याम बाबा के जन्मोत्सव के रंग में रंग जाती है, तब यह भजन हर भक्त के हृदय में उमंग भर देता है। सुशील गुप्ता जी द्वारा स्वरबद्ध यह रचना श्याम प्रेमियों के बीच अत्यंत प्रिय है, जो हमें बाबा के 'हारे का सहारा' होने का स्मरण कराती है।

सम्पूर्ण भजन लिरिक्स | Complete Bhajan Lyrics

चलो रे चलो खाटू धाम, जन्मदिन श्याम का आया,
रंगी गुब्बारों से मंडप सजाया है, मिश्री मावे का एक केक मंगाया है,
नाचेंगे हम सारी रात, जन्मदिन श्याम का आया।

कार्तिक की ग्यारस है आई, मोरवी के घर जन्मे कन्हाई,
खाटू नगरी आज सजी है, गूँज उठी घर-घर शहनाई।
नज़र जहाँ तक जाए, श्याम निशान लहराए,
सिंह द्वार पे देखो, ढोली ढोल बजाये,
जग से ये न्यारा है, श्याम हमारा है, हारे का साथी है, ये प्राण से प्यारा है,
झूमेंगे हम सारी रात, जन्मदिन श्याम का आया।

मोरछड़ी लेहराओ रे, भक्तों के भाग्य जागो रे,
दोनों हाथ उठा कर के, बाबा को आज बुलाओ रे।
दर्शन तेरा पाकर के, किस्मत अपनी जगाई,
पलकें बिछाकर के बैठे, आज हैं लोग लुगाई।
खाटू का राजा है, राजा महाराज है, हार के आया जो भी, उस को नवाज़ा है,
झूमेंगे हम सारी रात, जन्मदिन श्याम का आया।

भजन का सरल हिंदी अर्थ एवं भावार्थ | Bhajan Meaning & Bhavarth

इस भजन का मुख्य भाव 'श्याम जन्मोत्सव' का उल्लास है। भक्तगण खाटू धाम जाने का आह्वान कर रहे हैं क्योंकि उनके आराध्य श्याम बाबा का जन्मदिन है। भजन में 'मिश्री मावे का केक' और 'रंगी गुब्बारे' जैसे शब्द आधुनिक उत्सव के साथ भक्ति के मेल को दर्शाते हैं। 'कार्तिक की ग्यारस' का उल्लेख पौराणिक महत्व को स्पष्ट करता है, क्योंकि इसी दिन बाबा श्याम का प्राकट्य उत्सव मनाया जाता है। 'हारे का सहारा' पंक्ति बाबा के उस स्वरूप को रेखांकित करती है, जहाँ वे दुखी और निराश भक्तों को संबल प्रदान करते हैं।

भजन की मुख्य विशेषताएं एवं महत्व | Highlights & Spiritual Significance

  • भक्ति का उल्लास: यह भजन उत्सव और आनंद का प्रतीक है।
  • खाटू धाम की महिमा: इसमें खाटू नगरी की सजावट और भक्तों के उत्साह का वर्णन है।
  • आध्यात्मिक जुड़ाव: 'हारे का सहारा' संबोधन बाबा के प्रति अटूट विश्वास को दर्शाता है।

भजन गायन व श्रवण का समय एवं विधि | When & How to Sing

यह भजन विशेष रूप से कार्तिक शुक्ल एकादशी (श्याम जन्मोत्सव) के अवसर पर गाया जाता है। इसे कीर्तन, जागरण, या घर पर श्याम बाबा की पूजा के समय गाया जा सकता है। इसे गाते समय मन में बाबा के प्रति प्रेम और कृतज्ञता का भाव रखना चाहिए।

भजन के प्रमुख शब्दों का अर्थ | Important Word Meanings

शब्द अर्थ संदर्भ
खाटू धाम राजस्थान स्थित श्याम बाबा का पवित्र मंदिर तीर्थ स्थल
कार्तिक की ग्यारस देवउठनी एकादशी जन्मोत्सव की तिथि
मोरछड़ी श्याम बाबा का प्रतीक चिन्ह दिव्य शक्ति
हारे का सहारा जो निराश लोगों की मदद करते हैं बाबा का उपनाम

एक नजर में भजन की जानकारी | Bhajan Quick Information

भजन का नाम जन्मदिन श्याम का आया
आराध्य खाटू श्याम जी (श्री कृष्ण)
गायक सुशील गुप्ता
भाषा हिंदी
मुख्य भाव उत्सव एवं भक्ति

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

श्याम बाबा का जन्मदिन कब मनाया जाता है?

श्याम बाबा का जन्मोत्सव प्रतिवर्ष कार्तिक शुक्ल एकादशी (देवउठनी ग्यारस) को मनाया जाता है।

खाटू श्याम जी कौन हैं?

खाटू श्याम जी को महाभारत काल के वीर बर्बरीक का अवतार माना जाता है, जिन्हें भगवान कृष्ण ने कलयुग में अपने नाम से पूजे जाने का वरदान दिया था।

संपादकीय रूप से तैयार सामग्री।

स्रोत एवं संदर्भ | Sources & References

यह सामग्री खाटू श्याम जी की पौराणिक कथाओं, लोक परंपराओं और जन-श्रुतियों पर आधारित है।

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विश्वसनीय धार्मिक एवं आध्यात्मिक जानकारी

यह सामग्री भक्तिलोक संपादकीय टीम द्वारा उपलब्ध धार्मिक स्रोतों, प्रकाशित संदर्भों और परंपरागत पाठों की तुलना के आधार पर तैयार एवं समीक्षा की गई है। जहाँ पाठ के विभिन्न संस्करण उपलब्ध हैं, वहाँ संबंधित संस्करण या स्रोत का उल्लेख किया जाता है।

समीक्षित एवं सत्यापित अंतिम अद्यतन: 26 Sep 2026

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