Parvati Stotram

Ranjna Singh का हिट छठ गीत.उगी है सूरज देव ना.2017 Suparhit Songs. New Hit Chhath Geet.

113 पाठकों ने पढ़ा | लेखक: Deepak Kumar Bind
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प्रस्तावना एवं परिचय

सम्पूर्ण मूल पाठ एवं पवित्र श्लोक

शुद्ध उच्चारण और भक्ति भाव के साथ स्मरण करें

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🙏 विस्तृत अर्थ और भावार्थ

यह छठ गीत सूर्य देव के उदय का वर्णन करता है, जो छठ पर्व का मुख्य विषय है। 'उगी है सूरज देव ना' पंक्ति में रंजना सिंह सूर्योदय के माध्यम से दिव्य शक्ति और जीवन के पुनर्जन्म का संदेश देती हैं। यह गीत भक्तों को प्रातःकाल सूर्य देव की पूजा के लिए प्रेरित करता है, जो छठ व्रत का सर्वाधिक महत्वपूर्ण अनुष्ठान है। सूर्य देव को स्वास्थ्य, समृद्धि और दीर्घायु के देवता माना जाता है।

इस गीत का भावार्थ यह है कि सूर्य देव का उदय नवीनीकरण, शुद्धता और आध्यात्मिक जागरण का प्रतीक है। रंजना सिंह की कंठ-शैली भक्तों के मन में भक्ति-रस जगाती है और छठ माता की कृपा पाने की लालसा जाग्रत करती है। 'सूरज देव' की पूजा परिवार की सुख-समृद्धि और संतान की कुशलता के लिए की जाती है, जो इस गीत का केंद्रीय आशीर्वाद है।

🔍 विशेष महत्त्व और लाभ

छठ पर्व वैदिक काल से प्रचलित है, जिसका उल्लेख अथर्ववेद और ब्रह्मपुराण में मिलता है। सूर्य देव को आदित्य कहा जाता है और वे सभी ग्रहों के राजा माने जाते हैं। यह गीत छठ माता (छठी देवी) और सूर्य देव की संयुक्त पूजा का प्रतिनिधित्व करता है। प्रचीन काल में राजा सत्यवान की पत्नी सावित्री ने भी सूर्य देव की पूजा कर अपने पति को मृत्यु से बचाया था।

सनातन संस्कृति के विभिन्न व्रत, उपवास और त्यौहारों की सही तिथियों के लिए सनातन कैलेंडर २०२६ तथा दैनिक पंचांग का अवलोकन अवश्य करें। इस गीत को चलाते हुए ध्यान करने से मानसिक शांति, आत्मविश्वास और आध्यात्मिक उन्नति होती है। छठ गीत का नियमित गायन परिवार में सुख-समृद्धि, स्वास्थ्य और दीर्घायु का आशीर्वाद लाता है।

🕒 साधना एवं गायन विधि

इस गीत का गायन या श्रवण सूर्योदय से पहले तथा सूर्योदय के समय सर्वाधिक प्रभावी है। घाट या जल के किनारे बैठकर, स्नान के पश्चात, सूर्य की ओर मुख करके इस गीत को गाएं। मन में पवित्रता, भक्ति और सूर्य देव के प्रति समर्पण की भावना रखें। दिए जलाएं और फूल-फल अर्पित करें। प्रातःकाल का समय सर्वश्रेष्ठ है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

रंजना सिंह के इस छठ गीत में 'उगी है सूरज देव ना' का क्या अर्थ है?

इस पंक्ति का अर्थ है कि सूर्य देव का उदय हो गया है, जो छठ पर्व पर भक्तों को सूर्य की पूजा के लिए आमंत्रित करता है। यह सूर्योदय को दिव्य शक्ति और जीवन के आगमन का प्रतीक मानता है।

छठ पर्व पर सूर्य देव की पूजा करने के क्या लाभ हैं?

सूर्य देव की छठ पर्व पर पूजा करने से परिवार में सुख, समृद्धि, स्वास्थ्य और दीर्घायु की प्राप्ति होती है। यह व्रत संतान की कुशलता और परिवार की रक्षा के लिए विशेष रूप से किया जाता है।

इस छठ गीत को कब और कहां सुनना या गाना चाहिए?

इस गीत को सूर्योदय से पहले या सूर्योदय के समय सुनना-गाना सर्वश्रेष्ठ है। घाट, नदी के किनारे या घर में स्नान के बाद, सूर्य की ओर मुख करके इसे गाएं। भक्तिभाव और पवित्रता का मन रखें।

विश्वसनीय धार्मिक एवं आध्यात्मिक जानकारी

यह सामग्री भक्तिलोक संपादकीय टीम द्वारा उपलब्ध धार्मिक स्रोतों, प्रकाशित संदर्भों और परंपरागत पाठों की तुलना के आधार पर तैयार एवं समीक्षा की गई है। जहाँ पाठ के विभिन्न संस्करण उपलब्ध हैं, वहाँ संबंधित संस्करण या स्रोत का उल्लेख किया जाता है।

समीक्षित एवं सत्यापित अंतिम अद्यतन: 26 Sep 2026

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