मेरे खाटूवाले श्याम हर कोई पूछे मुझसे मेरे खुशियों की वजह
जब अँधेरा था तो रौशनी भी उसने दी जब भटका था तब राहें भी उसने दी अब सर पर हाथ है खाटू वाले का और वजह देखता हूँ और सबसे बस यहीं कहता हूँ ............... हर कोई पूछे मुझसे मेरे खुशियों की वजह हँसते हँसते कह दूँ मेरे खाटू वाले श्याम हर कोई पूछे मुझसे मैं कैसे हूँ धनवान हँसते हँसते कह दूँ मेरे खाटू वाले श्याम एक बार तो जायो रे मेरे खाटू के द्वारे में भूल जाओगे ग़म सारे मेरे खाटू के द्वारे में मैं टूटा था जग रूठा था सब हँसते थे मैं रोता था तब मेरा साथ दिया मेरे खाटू वाले बाबा ने एक बार तो जायो रे................. हर कोई पूछे मुझसे मेरे जीने की वजह हँसते हँसते कह दूँ मेरे खाटू वाले श्याम हर कोई पूछे मुझसे मैं नाचूं बहुत कमाल हँसते हँसते कह दूँ मेरे खाटू वाले श्याम एक बार तो जायो रे.................