bhakti gana bhojpuri mein

ले अइहा चुनरिया | Le Aiha Chunaria | Lado Madhesiya | Bhojpuri Navratri Song

112 पाठकों ने पढ़ा | लेखक: Deepak Kumar Bind
आकार:
कंट्रास्ट:

"ले अइहा चुनरिया" भोजपुरी लोक-भक्ति परंपरा का एक अत्यंत लोकप्रिय और हृदयस्पर्शी नवरात्र गीत है। लाडो मधेसिया द्वारा स्वरबद्ध यह भजन माता रानी के प्रति भक्त के अनन्य प्रेम, समर्पण और व्याकुलता को दर्शाता है। नवरात्र के पावन अवसर पर जब भक्त अपनी आराध्या की भक्ति में लीन होते हैं, तब यह गीत एक सेतु का कार्य करता है, जो जीवात्मा को भगवती की करुणा और वात्सल्य से जोड़ता है। इस भजन में 'चुनरिया' केवल एक वस्त्र नहीं, बल्कि भक्त की श्रद्धा और माता के प्रति उसके अटूट विश्वास का प्रतीक है।

सम्पूर्ण गीत के बोल | Complete Lyrics

(मुखड़ा)
ले अइहा चुनरिया, ओढ़ के अइहा चुनरिया
मैया के भवनवा में, ले अइहा चुनरिया...
लाल-लाल चुनरी, मैया के भावे
भक्तन के मनवा, हरषावे...
ले अइहा चुनरिया, ओढ़ के अइहा चुनरिया।

(अंतरा 1)
पर्वत के ऊपर, मैया के धाम बा
जहाँ गूंजे मैया के, प्यारा नाम बा
श्रद्धा के दीप, तू मन में जलाई
मैया के दर पे, तू शीश झुकाई
ले अइहा चुनरिया, ओढ़ के अइहा चुनरिया।

(अंतरा 2)
लाडो मधेसिया के, अरजी बा निराली
मैया भर देईं, झोली खाली
भक्ति के रंग में, तू रंग जाई
मैया के दर्शन, तू पा जाई
ले अइहा चुनरिया, ओढ़ के अइहा चुनरिया।

गीत का सरल हिंदी अर्थ एवं भावार्थ | Song Meaning & Bhavarth

इस गीत का भावार्थ अत्यंत गहरा है। यहाँ 'चुनरिया' लाने का अर्थ केवल भेंट चढ़ाना नहीं है, बल्कि यह भक्त की उस आंतरिक तैयारी का प्रतीक है जो वह माता के दर्शन के लिए करता है। लाल रंग शक्ति, ऊर्जा और प्रेम का प्रतीक है। जब भक्त कहता है "ले अइहा चुनरिया", तो वह स्वयं को माता की सेवा में समर्पित करने का संकल्प ले रहा होता है। यह गीत हमें सिखाता है कि भक्ति में आडंबर से अधिक भाव की प्रधानता होती है। माता रानी अपने भक्तों के हृदय के भाव को देखती हैं, न कि भेंट के मूल्य को।

गीत की मुख्य भावना एवं संदेश | Theme, Emotion & Message

इस गीत की मुख्य भावना 'शरणागति' है। नवरात्र के नौ दिनों में भक्त अपनी समस्त चिंताओं को त्यागकर माता की शरण में जाता है। यह गीत संदेश देता है कि जीवन की भागदौड़ में यदि हम माता के नाम का स्मरण करें और श्रद्धा की चुनरी ओढ़कर उनके द्वार पर जाएं, तो वे निश्चित रूप से हमारी झोली खुशियों से भर देती हैं। यह गीत सकारात्मकता, धैर्य और ईश्वर के प्रति अटूट आस्था का संचार करता है।

गीत की जानकारी | Song Information

विवरण जानकारी
गीत का नामले अइहा चुनरिया
गायकलाडो मधेसिया
गीतकारयादव नीरज
संगीतशुभम राज SBR
भाषाभोजपुरी
विषयनवरात्र भक्ति

गीत के रचनाकार एवं कलाकार | Artists & Creators

इस सुंदर रचना को लाडो मधेसिया ने अपने सुरीले कंठ से सजाया है। यादव नीरज द्वारा रचित शब्द भोजपुरी की मिठास और भक्ति की गंभीरता का अद्भुत संगम हैं। संगीतकार शुभम राज SBR ने इसमें पारंपरिक लोक धुनों का समावेश किया है, जो सुनने वाले को सीधे माता के दरबार का अनुभव कराता है।

कठिन शब्दों के अर्थ | Difficult Word Meanings

शब्द अर्थ
चुनरियामाता को अर्पित की जाने वाली ओढ़नी
भवनवाभवन या मंदिर
हरषावेप्रसन्न करना या आनंदित करना
अरजीप्रार्थना या विनती

गीत का आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक महत्व | Spiritual & Cultural Significance

भोजपुरी अंचल में नवरात्र के दौरान लोक गीतों का विशेष महत्व है। ये गीत केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि जनमानस को धर्म और संस्कृति से जोड़ने का माध्यम हैं। "ले अइहा चुनरिया" जैसे गीत ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में माता की भक्ति को घर-घर तक पहुँचाते हैं। यह गीत हमें याद दिलाता है कि हमारी संस्कृति में देवी की पूजा का आधार 'वात्सल्य' और 'शक्ति' का समन्वय है।

गीत से मिलने वाली जीवन सीख | Life Lessons

  • समर्पण: ईश्वर के प्रति पूर्ण समर्पण ही दुखों का निवारण है।
  • श्रद्धा: भक्ति में दिखावे के बजाय हृदय की शुद्धता अधिक महत्वपूर्ण है।
  • आशावाद: माता पर विश्वास रखने से जीवन की खाली झोली भी खुशियों से भर सकती है।

गीत सुनने का अवसर एवं परंपरा | When to Listen / Sing

यह गीत विशेष रूप से शारदीय और चैत्र नवरात्र के दौरान सुना और गाया जाता है। इसे सुबह की पूजा, संध्या आरती, या जागरण के समय सुनना अत्यंत शुभ माना जाता है। यह गीत भक्तों को माता के प्रति एकाग्र होने में सहायता करता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

ले अइहा चुनरिया गीत के गायक कौन हैं?

इस गीत के गायक लाडो मधेसिया हैं।

यह गीत किस अवसर पर सुना जाता है?

यह मुख्य रूप से नवरात्र के पावन पर्व पर सुना जाता है।

संपादकीय समीक्षा एवं संदर्भ

यह सामग्री भक्ति लोक के संपादकीय दल द्वारा भोजपुरी लोक-भक्ति परंपरा और श्रोताओं की रुचि को ध्यान में रखते हुए तैयार की गई है। यह गीत माता रानी की महिमा का एक सुंदर उदाहरण है। संपादकीय रूप से तैयार सामग्री।

संबंधित भजन एवं लेख

विश्वसनीय धार्मिक एवं आध्यात्मिक जानकारी

यह सामग्री भक्तिलोक संपादकीय टीम द्वारा उपलब्ध धार्मिक स्रोतों, प्रकाशित संदर्भों और परंपरागत पाठों की तुलना के आधार पर तैयार एवं समीक्षा की गई है। जहाँ पाठ के विभिन्न संस्करण उपलब्ध हैं, वहाँ संबंधित संस्करण या स्रोत का उल्लेख किया जाता है।

समीक्षित एवं सत्यापित अंतिम अद्यतन: 26 Sep 2026

पाठकों के विचार (0)

भक्ति रस चर्चा में भाग लें

लिरिक्स कॉपी कर लिया गया है!