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Hanuman Bhajan

Dil Chori Sada Ho Gaya Shri Mehandipur Mandir Mein Lyrics (Hanuman Bhajan) – दिल चोरी साडा हो गया श्री मेहंदीपुर मंदिर में

163 पाठकों ने पढ़ा | लेखक: Deepak Kumar Bind
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मूल पाठ एवं पवित्र संकीर्तन

शुद्ध उच्चारण और भक्ति भाव के साथ स्मरण करें

वीर हनुमान जी के बल, बुद्धि और भक्ति के स्रोतों को जानने तथा संकटों के निवारण हेतु हनुमान चालीसा संग्रह को नियमित रूप से पढ़ें।

🙏 दिल चोरी साडा हो गया – श्री मेहंदीपुर मंदिर में

(Dil Chori Sada Ho Gaya Shri Mehandipur Mandir Mein) – Hanuman Bhajan 2026

ॠ ठा. प्रकाश सिंह चौहान कृत ॥

📝 भजन विवरण

🎤 गायक/लेखक: ठा. प्रकाश सिंह चौहान
🏷️ श्रेणी: हनुमान भजन
📍 स्थान: मेहंदीपुर / उत्तरमुखी बालाजी

📜 भजन लिरिक्स (हिन्दी में)

॥ स्थायी ॥

दिल चोरी साडा हो गया श्री मेहंदीपुर मंदिर में,
और मैं भी दीवाना हो गया श्री उत्तरमुखी के मंदिर में,
मुस्काये जो सरकार
हो गया इक पल में ही प्यार,
अब मैं इस से ज्यादा क्या कहु,
जन्मो का रिश्ता होगया श्री उत्तरमुखी के मंदिर में,
दिल चोरी साडा हो गया श्री मेहंदीपुर के मंदिर में,

॥ अंतरा १ ॥

जादू टोना कर देता ऐसा है ये जादूगर,
विश्वाश नहीं है मेरा तो आकार देखो उत्तरमुखी
सारा जग पीछे हो गया, श्री उत्तरमुखी के मंदिर में,
दिल चोरी साडा हो गया श्री मेहंदीपुर के मंदिर में,

॥ अंतरा २ ॥

छोटा सा है ये मंदिर सब कुछ है इसके अंदर,
जो हार के दर पे आता वो बन जाता है सिकंदर,
निर्धन भी राजा हो गया श्री उत्तरमुखी के मंदिर में,
दिल चोरी साडा हो गया मेहंदीपुर के मंदिर में,

॥ अंतरा ३ ॥

सेठो का सेठ कहाता दोनों हाथो से लुटाता,
जो सच्चे मन से आता जीवन भर मौज उड़ाता,
मन चाहा पूरा हो गया, श्री उत्तरमुखी के मंदिर में,
दिल चोरी साडा हो गया मेहंदीपुर के मंदिर में,

॥ अंतरा ४ ॥

प्रकाश हुआ मत वाला तूने ऐसा जादू कर डाला,
सारी दुनिया से बढकर लगता है मेहंदीपुर वाला,
तेरा जग ये दीवाना हो गया श्री उत्तरमुखी के मंदिर में,
दिल चोरी साडा हो गया मेहंदीपुर के मंदिर में,

✍️ लेखक :- ठा. प्रकाश सिंह चौहान

🙏 भजन का अर्थ और संदेश

यह भजन मेहंदीपुर बालाजी और उत्तरमुखी बालाजी के प्रति भक्त की अटूट श्रद्धा और प्रेम को दर्शाता है। "दिल चोरी साडा हो गया" – भक्त कहता है कि बालाजी ने उसका दिल चुरा लिया और वह उनका दीवाना हो गया। बालाजी को "जादूगर" कहा गया है जो अपने भक्तों पर ऐसा जादू करते हैं कि सारा जग पीछे छूट जाता है।

मंदिर की महिमा का वर्णन करते हुए कहा गया है कि यह छोटा सा मंदिर सब कुछ समेटे हुए है। जो भी हार कर यहाँ आता है, वह सिकंदर (विजेता) बन जाता है। निर्धन भी यहाँ आकर राजा बन जाता है। बालाजी को "सेठो का सेठ" कहा गया है जो दोनों हाथों से लुटाते हैं – अर्थात अपने भक्तों पर अपार कृपा बरसाते हैं। जो सच्चे मन से आता है, वह जीवन भर मौज उड़ाता है और उसकी सभी मनोकामनाएँ पूरी होती हैं।

अंत में लेखक प्रकाश सिंह चौहान जी कहते हैं कि मेहंदीपुर वाला बालाजी सारी दुनिया से बढ़कर है और उनका यह जग (संसार) भी उन्हीं पर दीवाना हो गया है।

📍 मेहंदीपुर बालाजी और उत्तरमुखी मंदिर

श्री मेहंदीपुर बालाजी: राजस्थान के दौसा जिले में स्थित यह प्रसिद्ध हनुमान मंदिर है। यहाँ बालाजी (हनुमान जी) की अपूर्व महिमा है। ऐसी मान्यता है कि यहाँ बालाजी भूत-प्रेत, टोना-टोटका जैसी समस्याओं से मुक्ति दिलाते हैं।

श्री उत्तरमुखी बालाजी: यह भी एक प्रसिद्ध हनुमान मंदिर है जहाँ बालाजी की मूर्ति उत्तर दिशा की ओर मुख किए हुए है। ऐसी मूर्तियाँ दुर्लभ होती हैं और इनका विशेष महत्व माना जाता है।

इन दोनों मंदिरों में भक्तों की गहरी आस्था है और यह भजन इसी आस्था को व्यक्त करता है।

🔍 भजन का विशेष महत्त्व

💖 भक्ति रस का संगम

यह भजन प्रेम, दीवानगी और अलौकिक अनुभवों का सुंदर संगम है। भक्त का दिल चोरी होना और बालाजी के प्रति जन्मों का रिश्ता महसूस करना गहरी आध्यात्मिक अनुभूति को दर्शाता है।

✨ चमत्कार और आस्था

बालाजी को जादूगर कहकर उनके चमत्कारों और अपने भक्तों पर होने वाली असीम कृपा को रेखांकित किया गया है। हारे हुए का सिकंदर बनना बालाजी के दर की महिमा को दर्शाता है।

🎯 संदेश : सच्चे मन और श्रद्धा से बालाजी के दर पर आने वाला भक्त कभी खाली नहीं जाता। चाहे वह निर्धन हो या हारा हुआ, बालाजी उसे राजा और सिकंदर बना देते हैं। उनकी कृपा से सभी मनोकामनाएँ पूर्ण होती हैं।

ॐ हनुमते नमः ॥ इति मेहंदीपुरभजनम् ॥
॥ श्री बालाजी जय बालाजी जय जय बालाजी ॥

🙏 विस्तृत अर्थ और भावार्थ

संकटमोचन हनुमान जी का यह भजन "Dil Chori Sada Ho Gaya Shri Mehandipur Mandir Mein Lyrics (Hanuman Bhajan) – दिल चोरी साडा हो गया श्री मेहंदीपुर मंदिर में" बल, बुद्धि, विद्या और भक्ति का संचार करने वाला है। कलयुग के जागृत देव श्री हनुमान जी की महिमा अपार है। इस भजन का मुख्य उद्देश्य साधक के भीतर के भय को दूर कर उसमें आत्मगौरव और निष्काम सेवा भाव जागृत करना है।

भजन की चौपाइयों और पंक्तियों में हनुमान जी की लंका दहन, संजीवनी बूटी लाना और प्रभु श्री राम के प्रति अनन्य प्रेम का वर्णन होता है। हनुमान जी की शरण में जाने पर बड़े से बड़ा संकट भी क्षण भर में समाप्त हो जाता है, यही इस भजन की मूल भावना है।

🔍 विशेष महत्त्व और लाभ

हनुमान चालीसा और सुंदरकांड की भांति ही हनुमान भजनों का विशेष धार्मिक महत्त्व है। हनुमान जी को अष्ट सिद्धि और नौ निधियों के दाता के रूप में पूजा जाता है। इस पावन भजन के गायन से भूत-पिशाच, नकारात्मक ऊर्जा और सभी प्रकार के ऊपरी बाधाओं से मुक्ति मिलती है।

वीर हनुमान जी के बल, बुद्धि और भक्ति के स्रोतों को जानने तथा संकटों के निवारण हेतु हनुमान चालीसा संग्रह को नियमित रूप से पढ़ें। हनुमान भजन से आत्मविश्वास में अभूतपूर्व वृद्धि होती है, मानसिक रोग जैसे तनाव, अनिद्रा और डिप्रेशन दूर होते हैं। यह छात्रों की बुद्धि और परीक्षा में सफलता के लिए भी रामबाण है।

🕒 साधना एवं गायन विधि

हनुमान जी की पूजा के लिए मंगलवार और शनिवार का दिन विशेष रूप से निर्धारित है। लाल आसन पर बैठकर, हनुमान जी के सम्मुख चमेली के तेल का दीपक जलाएं और पूरे मनोयोग से इस भजन का संकीर्तन करें।

❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

हनुमान जी को किस दिन चमेली का तेल चढ़ाना चाहिए?

शनिवार और मंगलवार के दिन हनुमान जी को सिंदूर में चमेली का तेल मिलाकर चढ़ाना अत्यंत शुभ और संकट निवारक माना गया है।

क्या हनुमान भजन परीक्षा के भय को दूर करने में सहायक है?

हाँ, हनुमान जी के भजनों और मंत्रों के संकीर्तन से मन एकाग्र होता है, भय का नाश होता है और याददाश्त बढ़ती है।

शनि दोषों की शांति के लिए हनुमान उपासना क्यों की जाती है?

हनुमान जी ने शनिदेव को रावण के बंधन से मुक्त कराया था, जिसके कारण शनिदेव ने वचन दिया था कि जो हनुमान जी की भक्ति करेगा, उसे शनि जनित पीड़ा नहीं भोगनी पड़ेगी।

विश्वसनीय धार्मिक एवं आध्यात्मिक जानकारी

यह सामग्री भक्तिलोक संपादकीय टीम द्वारा उपलब्ध धार्मिक स्रोतों, प्रकाशित संदर्भों और परंपरागत पाठों की तुलना के आधार पर तैयार एवं समीक्षा की गई है। जहाँ पाठ के विभिन्न संस्करण उपलब्ध हैं, वहाँ संबंधित संस्करण या स्रोत का उल्लेख किया जाता है।

समीक्षित एवं सत्यापित अंतिम अद्यतन: 01 Sep 2026

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