मूल पाठ एवं पवित्र संकीर्तन
शुद्ध उच्चारण और भक्ति भाव के साथ स्मरण करें
Nine days of navatatri 2020
नवरात्रि की यह नौ रातें, जगत माँ दुर्गा को समर्पित हैं, जिन्हें दुर्गा पूजा के नाम से भी जाना जाता है। अश्विन के दौरान नवरात्रि 9 दिनों से अधिक होती है। भारत के कुछ हिस्सों में, दशहरे (विजयदशमी के रूप में भी जाना जाता है) को त्योहार का एक केंद्र बिंदु माना जाता है।सनातन संस्कृति के विभिन्न व्रत, उपवास और त्यौहारों की सही तिथियों के लिए सनातन कैलेंडर २०२६ तथा दैनिक पंचांग का अवलोकन अवश्य करें।
जगत माँ शैल पुत्री की पूजा
नवरात्रि के पहले दिन जगत माँ शैल पुत्री की पूजा की जाती है।जगत माँ ब्रह्मचारिणी की पूजा
नवरात्रि के दूसरे दिन जगत माँ ब्रह्मचारिणी पुत्री की पूजा की जाती है।जगत माँ चंद्रघंटा
नवरात्रि के तीसरे दिन जगत माँ चंद्रघंटा की पूजा की जाती है।जगत माँ कुष्मांडा
नवरात्रि के चौथे दिन जगत माँ शैल पुत्री की पूजा की जाती है।जगत माँ स्कंदमाता
नवरात्रि के पाँचवे दिन जगत माँ कुष्मांडा पुत्री की पूजा की जाती है।जगत माँ कात्यायनी
नवरात्रि के छठे दिन जगत माँ कात्यायनी की पूजा की जाती है।जगत माँ कालरात्रि
नवरात्रि के सातवे दिन जगत माँ कालरात्रि पुत्री की पूजा की जाती है।जगत माँ महागौरी
नवरात्रि के आठवें दिन जगत माँ महागौरी पुत्री की पूजा की जाती है।जगत माँ सिद्धिदात्री
नवरात्रि के नौवें दिन जगत माँ सिद्धिदात्री की पूजा की जाती है।![]() |
| nine days of navatatri 2020 |
Nine days of navatatri 2020
These nine nights of Navratri are dedicated to Jagat Maa Durga, also known as Durga Puja. Navaratri is more than 9 days during Ashwin. In some parts of India, Dussehra (also known as Vijayadashami) is considered a focal point of the festival.
Jagat Maa Shail Putra Puja
Jagat Maa Shail Putra is worshiped on the first day of Navratri.
Jagadma Brahmacharini Worship
Jagat Maa Brahmacharini daughter is worshiped on the second day of Navratri.
Jagat Maa Chandraghanta
Jagat Maa Chandraghanta is worshiped on the third day of Navratri.
Jagat Maa Kushmanda
Jagat Maa Shail Putra is worshiped on the fourth day of Navratri.
World mother skandmata
Jagat Maa Kushmanda daughter is worshiped on the fifth day of Navratri.
Jagat Maa Katyayani
Jagat Maa Katyayani is worshiped on the sixth day of Navratri.
Jagat Maa Kalratri
Jagat Maa Kalratri daughter is worshiped on the seventh day of Navratri.
Jagat Maa Mahagauri
Jagat Maa Mahagauri daughter is worshiped on the eighth day of Navratri.
World mother siddhidatri
Jagat Maa Siddhidatri is worshiped on the ninth day of Navratri.
🙏 विस्तृत अर्थ और भावार्थ
यह अत्यंत ही पावन भक्ति रस से परिपूर्ण भजन "नवरात्रि की यह नौ रातें [ भक्तिलोक ] Nine Days Of Navatatri 2021" ईश्वर के प्रति अनन्य प्रेम और पूर्ण शरणागति का जीवंत उदाहरण है। सनातन धर्म में संकीर्तन और प्रभु नाम का जाप कलयुग का परम साधन बताया गया है। इस भजन के प्रत्येक शब्द में जीवात्मा का अपनी मूल परम सत्ता (परमात्मा) से मिलने का गहरा अनुराग छुपा हुआ है।
भजन का मुख्य संदेश यही है कि संसार के समस्त कार्यों को करते हुए भी यदि मनुष्य का मन निरंतर ईश्वर के चरणों में लीन रहे, तो वह संसार सागर से सहज ही पार उतर जाता है। यह भजन साधक के अंतर्मन को झंकृत कर उसमें भक्ति रूपी अमृत का संचार करता है।
🔍 विशेष महत्त्व और लाभ
श्रीमद्भगवद्गीता के अनुसार, भगवान श्री कृष्ण कहते हैं कि जो भक्त निरंतर मेरा नाम संकीर्तन करते हैं, वे सदा मुझमें ही निवास करते हैं। यह भजन साधक के मन को चंचलता से मुक्त कर आध्यात्मिक साधना की ओर प्रेरित करता है।
सनातन संस्कृति के विभिन्न व्रत, उपवास और त्यौहारों की सही तिथियों के लिए सनातन कैलेंडर २०२६ तथा दैनिक पंचांग का अवलोकन अवश्य करें। इस भक्ति भजन के नियमित संकीर्तन से घर की नकारात्मक ऊर्जा समाप्त होती है, मन शांत और प्रसन्न रहता है तथा पारिवारिक क्लेश दूर होकर शांति का उदय होता है।
🕒 साधना एवं गायन विधि
भजन संकीर्तन के लिए प्रातःकाल अथवा सायं संध्या का समय सर्वोत्तम है। एक शांत स्थान पर पूर्वाभिमुख बैठकर, भगवान की प्रतिमा के सम्मुख धूप-दीप प्रज्वलित करें और तन्मयता से संकीर्तन करें।
❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
भजन संकीर्तन का मुख्य उद्देश्य क्या है?
भजन संकीर्तन का मुख्य उद्देश्य मन को संसार की व्यर्थ की चिंताओं से हटाकर ईश्वर के ध्यान में लगाना और आत्मिक आनंद की प्राप्ति करना है।
भजनों को गाने की सही विधि क्या है?
भजनों को गाने के लिए राग-सुर से अधिक शुद्ध भाव और प्रेमपूर्ण हृदय की आवश्यकता होती है। मन में पूर्ण श्रद्धा रखकर शांत चित्त से संकीर्तन करें।
क्या सामूहिक भजन संकीर्तन अधिक फलदायी होता है?
हाँ, शास्त्रों के अनुसार सामूहिक संकीर्तन से दिव्य स्पंदन (Vibrations) उत्पन्न होते हैं, जिससे वहां उपस्थित सभी लोगों का मन शुद्ध होता है और सामाजिक एकता बढ़ती है।


पाठकों के विचार (0)
भक्ति रस चर्चा में भाग लें