आज का पंचांग | सूर्योदय: ०५:४५ AM | सूर्यास्त: ०६:५० PM
मधुर संकीर्तन

आज का भजन

भजन और कीर्तन हमारे हृदय में भक्ति रस (Devotional Emotion) का संचार करते हैं। प्रतिदिन एक पवित्र भजन के लिरिक्स और उसके गहरे अर्थ का पाठ करने से मन में समाहित तनाव का शमन होता है और प्रभु के प्रति अनन्य प्रेम का प्राकट्य होता है।

विधा: भक्ति संगीत प्रभाव: हृदय शुद्धि व आनंद
10 Aug 2026 | दैनिक अनुशंसित पाठ

तूने जो छुआ तो चमका है ये सितारा (रवि बेरीवाल) भजन लिरिक्स | Tune Jo Chhua To Chamka Hai Ye Sitara Ravi Beriwal Bhajan Lyrics

<div class="py-4" dir="ltr" lang="hi" style="max-width:1000px; margin:0 auto; background:#eef3f7; font-family:'Noto Sans Devanagari', 'Kruti Dev', 'Mangal', sans-serif; line-height:1.8;">

<!-- शीर्षक भाग -->
<div class="text-center border-bottom pb-3 mb-4" style="border-bottom:3px solid #2c6e9e;">
<h2 class="display-4" style="color:#1a4d6b; font-size:2.2rem; text-shadow:1px 1px 2px rgba(0,0,0,0.1);">🙏 तूने जो छुआ तो चमका है ये सितारा</h2>
<h3 class="h3" style="color:#c0441b; font-style:italic;">(Tune Jo Chhua To Chamka Hai Ye Sitara) – रवि बेरीवाल भजन / प्रार्थना गीत</h3>
<div class="p-2 rounded-pill mx-auto mt-3" style="width:70%; background:#d9e6f2; letter-spacing:1px;">
🎤 गायक: रवि बेरीवाल जी | ✍️ गीतकार: श्याम अग्रवाल जी | तर्ज: “छूकर मेरे मन को”
</div>
</div>

<!-- विवरण कार्ड -->
<div class="card mb-4 border-primary">
<div class="card-header text-white" style="background:#2c6e9e;">
<h3 class="h5 mb-0">📝 भजन विवरण</h3>
</div>
<div class="card-body bg-white">
<div class="row">
<div class="col-md-4"><strong>🎤 गायक:</strong> रवि बेरीवाल जी</div>
<div class="col-md-4"><strong>✍️ गीतकार:</strong> श्याम अग्रवाल जी</div>
<div class="col-md-4"><strong>🎵 तर्ज:</strong> “छूकर मेरे मन को”</div>
</div>
<div class="mt-2"><strong>🏷️ श्रेणी:</strong> प्रार्थना भजन / ईश्वरीय आभार गीत</div>
<div class="mt-1"><strong>📀 भाव:</strong> कृतज्ञता, आस्था, प्रभु के स्पर्श से जीवन में आई चमक और खुशियाँ</div>
</div>
</div>

<!-- गीत (लिरिक्स) कार्ड -->
<div class="card mb-4 border-primary">
<div class="card-header text-white" style="background:#2c6e9e;">
<h3 class="h5 mb-0">📜 भजन लिरिक्स (हिन्दी में)</h3>
</div>
<div class="card-body bg-white text-center">

<!-- मुखड़ा -->
<div class="stanza mb-4 p-3" style="background:#d9e6f2; border-radius:12px;">
<p>तूने जो छुआ तो,<br>
चमका है ये सितारा,<br>
तू ही मेरी दुनिया,<br>
तू ही जीने का सहारा,<br>
तूमने जो छूआ तो,<br>
चमका है ये सितारा</p>
</div>

<!-- अंतरा 1 -->
<div class="stanza mb-4">
<p class="h6" style="color:#2c6e9e;">॥ अंतरा १ ॥</p>
<p>मुझे इस जीवन में,<br>
खुशियां मिली तुमसे,<br>
खुशियां मिली तुमसे,<br>
शान से जीता हूं,<br>
मैं तो तेरे दम से,<br>
मैं तो तेरे दम से,<br>
जो कुछ है मेरा,<br>
सब कुछ वो है तुम्हारा,<br>
तूमने जो छूआ तो,<br>
चमका है ये सितारा</p>
</div>

<!-- अंतरा 2 -->
<div class="stanza mb-4">
<p class="h6" style="color:#2c6e9e;">॥ अंतरा २ ॥</p>
<p>तेरे ही रस्ते पे,<br>
अब तो चलूंगा मैं,<br>
अब तो चलूंगा मैं,<br>
मुझको पता है ये,<br>
और खिलूंगा मैं,<br>
और खिलूंगा मैं,<br>
सर पे है मेरे,<br>
आशीर्वाद तुम्हारा,<br>
तूमने जो छूआ तो,<br>
चमका है ये सितारा</p>
</div>

<!-- समापन मुखड़ा -->
<div class="stanza mb-4 p-3" style="background:#d9e6f2; border-radius:12px;">
<p>तूने जो छुआ तो,<br>
चमका है ये सितारा,<br>
तू ही मेरी दुनिया,<br>
तू ही जीने का सहारा,<br>
तूमने जो छूआ तो,<br>
चमका है ये सितारा</p>
</div>

<div class="text-end mt-3">
<p class="mb-0"><strong>🎤 गायक :</strong> रवि बेरीवाल जी</p>
<p class="mb-0"><strong>✍️ गीतकार :</strong> श्याम अग्रवाल जी</p>
</div>
</div>
</div>

<!-- भजन का अर्थ और संदेश कार्ड -->
<div class="card mb-4 border-primary">
<div class="card-header text-white" style="background:#2c6e9e;">
<h3 class="h5 mb-0">🙏 भजन का अर्थ और संदेश</h3>
</div>
<div class="card-body bg-light">
<p>यह भजन कृतज्ञता और समर्पण का अद्भुत उदाहरण है। <strong>“तूने जो छुआ तो चमका है ये सितारा”</strong> – भक्त कहता है कि प्रभु के स्पर्श से ही उसका जीवन सितारे की तरह चमक उठा। प्रभु ही उसकी दुनिया हैं और जीने का सहारा हैं। यह गीत “छूकर मेरे मन को” की प्रसिद्ध धुन पर आधारित है।</p>
<p>पहले अंतरे में – भक्त कहता है कि इस जीवन में खुशियाँ उसी से मिलीं। वह शान से जीता है केवल प्रभु के दम पर। उसके पास जो कुछ भी है, सब प्रभु का ही है।</p>
<p>दूसरे अंतरे में – अब वह केवल प्रभु के रास्ते पर चलेगा। उसे पता है कि वह और खिलेगा, क्योंकि उसके सिर पर प्रभु का आशीर्वाद है।</p>
<p>यह भजन हमें सिखाता है कि प्रभु का एक स्पर्श जीवन बदल सकता है। उनकी कृपा से ही जीवन में उजाला, सुख और समृद्धि आती है।</p>
</div>
</div>

<!-- विशेष जानकारी कार्ड -->
<div class="card mb-4 border-primary">
<div class="card-header text-white" style="background:#2c6e9e;">
<h3 class="h5 mb-0">🔍 भजन का विशेष महत्त्व</h3>
</div>
<div class="card-body bg-white">
<p><strong>प्रसिद्ध तर्ज पर आधारित:</strong> यह भजन “छूकर मेरे मन को” की धुन पर गाया गया है, जो इसे और भी भावपूर्ण और यादगार बनाता है।</p>
<p><strong>कृतज्ञता का भाव:</strong> “जो कुछ है मेरा, सब कुछ वो है तुम्हारा” – यह पंक्ति पूर्ण समर्पण और कृतज्ञता को दर्शाती है।</p>
<p><strong>आशीर्वाद की महिमा:</strong> “सर पे है मेरे, आशीर्वाद तुम्हारा” – यह बताता है कि प्रभु के आशीर्वाद से ही जीवन खिलता है और आगे बढ़ता है।</p>
</div>
</div>

<!-- सारांश एवं महत्व कार्ड -->
<div class="card mb-4 border-primary">
<div class="card-header text-white" style="background:#2c6e9e;">
<h3 class="h5 mb-0">💖 आस्था और कृतज्ञता का संगम</h3>
</div>
<div class="card-body bg-light">
<div class="row">
<div class="col-md-6 mb-3">
<div class="p-3 border bg-white rounded">
<h4 class="h6" style="color:#2c6e9e;">🎯 संदेश</h4>
<p>प्रभु का स्पर्श जीवन को सितारे की तरह चमका देता है। हमें अपने जीवन में मिली हर छोटी-बड़ी सफलता के लिए उनका आभार मानना चाहिए। उनके आशीर्वाद से ही सब कुछ संभव है।</p>
</div>
</div>
<div class="col-md-6 mb-3">
<div class="p-3 border bg-white rounded">
<h4 class="h6" style="color:#2c6e9e;">✨ आस्था का प्रतीक</h4>
<p>रवि बेरीवाल के स्वर में यह भजन सुनने वालों के हृदय में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है। यह हर उस भक्त के लिए प्रेरणादायक है जो प्रभु की कृपा को अपने जीवन में अनुभव करता है।</p>
</div>
</div>
</div>
<div class="p-3 mt-3 text-white text-center rounded" style="background:#2c6e9e;">
<p class="mb-0"><strong>🙏 ॐ सर्वेश्वराय नमः ।। तूने जो छुआ तो चमका है ये सितारा ।।</strong></p>
</div>
</div>
</div>

<!-- समापन भाग -->
<div class="text-center mt-5 pt-3 border-top border-primary">
<div class="h4" style="color:#1a4d6b;">॥ इति रवि बेरीवाल कृत भजनम् ॥</div>
<div class="h6 mt-2" style="color:#c0441b;">॥ तू ही मेरी दुनिया, तू ही जीने का सहारा – तूने जो छुआ तो चमका है ये सितारा ॥</div>
<div class="d-flex justify-content-center gap-2 mt-3">
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</div>
</div>
</div>

संकीर्तन और ध्वनि तरंगों का वैज्ञानिक प्रभाव

संगीत और विशिष्ट राग (जैसे दरबारी, भैरवी) का हमारे केंद्रीय तंत्रिका तंत्र (Central Nervous System) पर गहरा शमन प्रभाव पड़ता है।

जब हम ऊंचे और मधुर स्वर में संकीर्तन करते हैं, तो हमारे शरीर के अंतःस्रावी तंत्र (Endocrine System) से हैप्पी हार्मोन्स का स्त्राव बढ़ता है, जो कोर्टिसोल (तनाव हार्मोन) के स्तर को कम करता है। यह रक्तचाप को संतुलित करने और हृदय के स्वास्थ्य को बनाए रखने में भी सहायक पाया गया है।

रामचरितमानस व विनयपत्रिका भजन संदर्भ

"श्री रामचंद्र कृपालु भजु मन" गोस्वामी तुलसीदास जी द्वारा रचित **विनयपत्रिका** का एक अति प्राचीन और सिद्ध स्तवन है। यह भगवान श्री राम की सुंदरता, दयालुता और पराक्रम का एक अद्भुत वर्णन है। इसे नित्य गाने या पढ़ने से मनुष्य के भीतर सात्विक गुणों का उदय होता है।

भजन संकीर्तन शंका समाधान (FAQs)

हाँ, सामूहिक संकीर्तन का प्रभाव क्षेत्र बहुत विशाल होता है। जब अनेक लोग एक साथ मिलकर एक ही लय और भाव में प्रभु का नाम लेते हैं, तो वहाँ की नकारात्मक तरंगें तुरंत समाप्त होकर दिव्य सकारात्मक ऊर्जा का निर्माण करती हैं।

भजन गाने के लिए वैसे तो भगवान की याद हर पल उत्तम है, तथापि संध्या आरती के समय और सुबह ब्रह्ममुहूर्त की वेला में भजन गाना मन को एकाग्र करने में अत्यंत सहायक होता है।

संपादकीय विश्वसनीयता एवं समीक्षा जानकारी

संगीत व पद संपादन

भक्तिलोक संगीत परिषद (Bhaktilok Music Council)

सनातन संकीर्तन पद्धतियों, रागों और प्राचीन पदों के सही व्याकरण और उच्चारण का संपादन करने वाली समर्पित शाखा।

राग व अर्थ प्रामाणिकता

पं. मदन मोहन शास्त्री (Pt. Madan Mohan Shastri)

शास्त्रीय संगीत गुरु व संगीत विशारद। वैदिक मंत्रों और संतों के भजनों की स्वर रचना में ३५ वर्षों का विशिष्ट योगदान।

भजन अर्थ सत्यापित
अंतिम संशोधन: ०८ अगस्त २०२६ पठन काल: ५ मिनट पढ़ें

एआई आध्यात्मिक मार्गदर्शक (AI Guru)

वत्स! मैं भक्तिलोक का डिजिटल आध्यात्मिक सहायक हूँ। सनातन धर्म, ध्यान साधना, या प्रमुख मंदिर यात्राओं के संबंध में कोई भी जिज्ञासा व्यक्त करें। अभी
ध्यान के लाभ? चार धाम? आज का पंचांग?