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तूने जो छुआ तो चमका है ये सितारा (रवि बेरीवाल) भजन लिरिक्स | Tune Jo Chhua To Chamka Hai Ye Sitara Ravi Beriwal Bhajan Lyrics

308 पाठकों ने पढ़ा | लेखक: Chandan Sah
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प्रस्तावना एवं परिचय

सम्पूर्ण मूल पाठ एवं पवित्र श्लोक

शुद्ध उच्चारण और भक्ति भाव के साथ स्मरण करें

🙏 तूने जो छुआ तो चमका है ये सितारा

प्रभु श्री राम के आदर्शों और मर्यादा पुरुषोत्तम के सम्पूर्ण चरित्र का रसास्वादन करने के लिए रामायण महाग्रंथ अन्वेषक का उपयोग करें।

(Tune Jo Chhua To Chamka Hai Ye Sitara) – रवि बेरीवाल भजन / प्रार्थना गीत

🎤 गायक: रवि बेरीवाल जी | ✍️ गीतकार: श्याम अग्रवाल जी | तर्ज: “छूकर मेरे मन को”

विवरण एवं मुख्य बिंदु

🎤 गायक:रवि बेरीवाल जी
✍️ गीतकार:श्याम अग्रवाल जी
🎵 तर्ज:“छूकर मेरे मन को”
🏷️ श्रेणी:प्रार्थना भजन / ईश्वरीय आभार गीत
📀 भाव:कृतज्ञता, आस्था, प्रभु के स्पर्श से जीवन में आई चमक और खुशियाँ

📜 भजन लिरिक्स (हिन्दी में)

तूने जो छुआ तो,
चमका है ये सितारा,
तू ही मेरी दुनिया,
तू ही जीने का सहारा,
तूमने जो छूआ तो,
चमका है ये सितारा

॥ अंतरा १ ॥

मुझे इस जीवन में,
खुशियां मिली तुमसे,
खुशियां मिली तुमसे,
शान से जीता हूं,
मैं तो तेरे दम से,
मैं तो तेरे दम से,
जो कुछ है मेरा,
सब कुछ वो है तुम्हारा,
तूमने जो छूआ तो,
चमका है ये सितारा

॥ अंतरा २ ॥

तेरे ही रस्ते पे,
अब तो चलूंगा मैं,
अब तो चलूंगा मैं,
मुझको पता है ये,
और खिलूंगा मैं,
और खिलूंगा मैं,
सर पे है मेरे,
आशीर्वाद तुम्हारा,
तूमने जो छूआ तो,
चमका है ये सितारा

तूने जो छुआ तो,
चमका है ये सितारा,
तू ही मेरी दुनिया,
तू ही जीने का सहारा,
तूमने जो छूआ तो,
चमका है ये सितारा

🎤 गायक : रवि बेरीवाल जी

✍️ गीतकार : श्याम अग्रवाल जी

🙏 भजन का अर्थ और संदेश

यह भजन कृतज्ञता और समर्पण का अद्भुत उदाहरण है। “तूने जो छुआ तो चमका है ये सितारा” – भक्त कहता है कि प्रभु के स्पर्श से ही उसका जीवन सितारे की तरह चमक उठा। प्रभु ही उसकी दुनिया हैं और जीने का सहारा हैं। यह गीत “छूकर मेरे मन को” की प्रसिद्ध धुन पर आधारित है।

पहले अंतरे में – भक्त कहता है कि इस जीवन में खुशियाँ उसी से मिलीं। वह शान से जीता है केवल प्रभु के दम पर। उसके पास जो कुछ भी है, सब प्रभु का ही है।

दूसरे अंतरे में – अब वह केवल प्रभु के रास्ते पर चलेगा। उसे पता है कि वह और खिलेगा, क्योंकि उसके सिर पर प्रभु का आशीर्वाद है।

यह भजन हमें सिखाता है कि प्रभु का एक स्पर्श जीवन बदल सकता है। उनकी कृपा से ही जीवन में उजाला, सुख और समृद्धि आती है।

🔍 भजन का विशेष महत्त्व

प्रसिद्ध तर्ज पर आधारित: यह भजन “छूकर मेरे मन को” की धुन पर गाया गया है, जो इसे और भी भावपूर्ण और यादगार बनाता है।

कृतज्ञता का भाव: “जो कुछ है मेरा, सब कुछ वो है तुम्हारा” – यह पंक्ति पूर्ण समर्पण और कृतज्ञता को दर्शाती है।

आशीर्वाद की महिमा: “सर पे है मेरे, आशीर्वाद तुम्हारा” – यह बताता है कि प्रभु के आशीर्वाद से ही जीवन खिलता है और आगे बढ़ता है।

💖 आस्था और कृतज्ञता का संगम

🎯 संदेश

प्रभु का स्पर्श जीवन को सितारे की तरह चमका देता है। हमें अपने जीवन में मिली हर छोटी-बड़ी सफलता के लिए उनका आभार मानना चाहिए। उनके आशीर्वाद से ही सब कुछ संभव है।

✨ आस्था का प्रतीक

रवि बेरीवाल के स्वर में यह भजन सुनने वालों के हृदय में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है। यह हर उस भक्त के लिए प्रेरणादायक है जो प्रभु की कृपा को अपने जीवन में अनुभव करता है।

🙏 ॐ सर्वेश्वराय नमः ।। तूने जो छुआ तो चमका है ये सितारा ।।

॥ इति रवि बेरीवाल कृत भजनम् ॥
॥ तू ही मेरी दुनिया, तू ही जीने का सहारा – तूने जो छुआ तो चमका है ये सितारा ॥
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🙏 विस्तृत अर्थ और भावार्थ

भगवान श्री रामचंद्र जी को समर्पित यह भजन "तूने जो छुआ तो चमका है ये सितारा (रवि बेरीवाल) भजन लिरिक्स | Tune Jo Chhua To Chamka Hai Ye Sitara Ravi Beriwal Bhajan Lyrics" मर्यादा पुरुषोत्तम के पावन चरित्र का स्मरण कराता है। गोस्वामी तुलसीदास जी द्वारा रचित रामचरितमानस के सिद्धांतों के अनुसार, राम का नाम स्वयं राम से भी अधिक सामर्थ्यवान है। इस भजन की लय और शब्द भक्त को सीधे साकेत धाम की पावन चेतना से जोड़ते हैं।

भजन का प्रमुख भाव शरणागति का है। जब जीव समस्त सांसारिक प्रपंचों से थककर भगवान राम के चरणों में शरण लेता है, तो उसे परम अभय की प्राप्ति होती है। राम नाम की ध्वनि से वातावरण शुद्ध होता है और अंतःकरण में धर्म और सत्य के प्रति निष्ठा दृढ़ होती है।

🔍 विशेष महत्त्व और लाभ

सनातन ग्रंथों के अनुसार, राम नाम का जाप कलयुग का सर्वश्रेष्ठ साधन माना गया है। वाल्मीकि रामायण और रामचरितमानस में राम नाम की असीम महिमा गाई गई है। यह भजन साधक के मन में वैराग्य, संयम, दया और कर्तव्य परायणता जैसे नैतिक मूल्यों का संचार करता है।

प्रभु श्री राम के आदर्शों और मर्यादा पुरुषोत्तम के सम्पूर्ण चरित्र का रसास्वादन करने के लिए रामायण महाग्रंथ अन्वेषक का उपयोग करें। राम नाम के संकीर्तन से व्यक्ति का आत्मबल जागृत होता है, भय तथा शंकाओं का नाश होता है और प्रतिकूल परिस्थितियों में भी धैर्य रखने की शक्ति प्राप्त होती है। यह पारिवारिक सौहार्द और मर्यादा की स्थापना में सहायक है।

🕒 साधना एवं गायन विधि

राम भजन का संकीर्तन प्रातःकाल स्नान के पश्चात राम दरबार की प्रतिमा के सम्मुख घी का दीपक जलाकर करें। तुलसी की माला से राम नाम का जप करने के पश्चात इस भजन का गायन अत्यंत फलदायी होता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

राम भजन के गायन से क्या लाभ प्राप्त होते हैं?

राम भजन के संकीर्तन से मानसिक शांति, उत्तम चरित्र, और विपत्तियों में धैर्य बनाए रखने का आत्मबल प्राप्त होता है।

राम नाम जप के लिए सर्वश्रेष्ठ माला कौन सी है?

भगवान श्री राम के मंत्र जाप और संकीर्तन के लिए तुलसी की माला को सर्वश्रेष्ठ and अत्यंत पवित्र माना गया है।

क्या राम भजन बच्चों के संस्कारों के लिए उपयोगी है?

हाँ, भगवान राम के मर्यादापूर्ण चरित्र के भजन सुनने से बच्चों में बड़ों के प्रति सम्मान, सत्यप्रियता और उच्च नैतिक संस्कारों का विकास होता है।

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विश्वसनीय धार्मिक एवं आध्यात्मिक जानकारी

यह सामग्री भक्तिलोक संपादकीय टीम द्वारा उपलब्ध धार्मिक स्रोतों, प्रकाशित संदर्भों और परंपरागत पाठों की तुलना के आधार पर तैयार एवं समीक्षा की गई है। जहाँ पाठ के विभिन्न संस्करण उपलब्ध हैं, वहाँ संबंधित संस्करण या स्रोत का उल्लेख किया जाता है।

समीक्षित एवं सत्यापित अंतिम अद्यतन: 19 Sep 2026

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