आज का पंचांग (Columbus) | सूर्योदय: ०४:२९ PM | सूर्यास्त: ०५:३३ AM
Parvati Stotram

ॐ मंगलम ओमकार मंगलम लिरिक्स (Om Mangalam Omkaar Mangalam Lyrics in Hindi) - Shiv Bhajan - Bhaktilok

154 पाठकों ने पढ़ा | लेखक: Deepak Kumar Bind
आकार:
कंट्रास्ट:

मूल पाठ एवं पवित्र संकीर्तन

शुद्ध उच्चारण और भक्ति भाव के साथ स्मरण करें


ॐ मंगलम ओमकार मंगलम लिरिक्स (Om Mangalam Omkaar Mangalam Lyrics in Hindi) - 


ॐ मंगलम ओमकार मंगलम

ॐ मंगलम ओमकार मंगलम

ॐ मंगलम ओमकार मंगलम

ॐ मंगलम ओमकार मंगलम

सोम मंगलम सारधार मंगलम 

सोम मंगलम सारधार मंगलम 

ओमकार मंगलम


ॐ मंगलम ओमकार मंगलम

ॐ मंगलम ओमकार मंगलम

ॐ मंगलम ओमकार मंगलम

ॐ मंगलम ओमकार मंगलम

सोम मंगलम सारधार मंगलम 

सोम मंगलम सारधार मंगलम 

ओमकार मंगलम


रुद्राक्ष मंगलम लदाकार  मंगलम 

रुद्राक्ष मंगलम लदाकार  मंगलम 

भुजंग मंगलम गले हार मंगलम

भुजंग मंगलम गले हार मंगलम

ओमकार मंगलम

रुद्राक्ष मंगलम लदाकार  मंगलम 

रुद्राक्ष मंगलम लदाकार  मंगलम 

सोम मंगलम सारधार मंगलम

ॐ नमः शिवाय


ॐ नमः शिवाय को आधार मंगलम 

ॐ नमः शिवाय को आधार मंगलम 

शिव शिव जाप को उच्चार मंगलम

शिव शिव जाप को उच्चार मंगलम

ओमकार मंगलम

ॐ नमः शिवाय को आधार मंगलम 

ॐ नमः शिवाय को आधार मंगलम 

सोम मंगलम सारधार मंगलम 

ओमकार मंगलम


भाव मंगलम भवतार मंगलम 

भाव मंगलम भवतार मंगलम 

दिन बंधु शिव दीनानाथ मंगलम

दिन बंधु शिव दीनानाथ मंगलम

ओमकार मंगलम

भाव मंगलम भवतार मंगलम 

भाव मंगलम भवतार मंगलम 

सोम मंगलम सारधार मंगलम 

ओमकार मंगलम


काशी मंगलम तू ही केदार मंगलम 

काशी मंगलम तू ही केदार मंगलम

कैलाश मंगलम है विहार मंगलम

कैलाश मंगलम है विहार मंगलम

ओमकार मंगलम

काशी मंगलम तू ही केदार मंगलम 

भाव मंगलम भव तार मंगलम 

सोम मंगलम सारधार मंगलम 

ओमकार मंगलम


त्रिशूल मंगलम है श्रृंगार मंगलम 

त्रिशूल मंगलम है श्रृंगार मंगलम 

अनाथ को तू नाथ है उदार मंगलम

अनाथ को तू नाथ है उदार मंगलम

ओमकार मंगलम

त्रिशूल मंगलम है श्रृंगार मंगलम 

त्रिशूल मंगलम है श्रृंगार मंगलम 

सोम मंगलम सारधार मंगलम 

ओमकार मंगलम


तू ही है एक एकाकार मंगलम 

तू ही है एक एकाकार मंगलम

पशुपति नाथ नंदीश्वर मंगलम

पशुपति नाथ नंदीश्वर मंगलम

ओमकार मंगलम

तू ही है एक एकाकार मंगलम 

तू ही है एक एकाकार मंगलम

सोम मंगलम सारधार मंगलम 

ओमकार मंगलम


मंगलम त्र्यंबकम उदार मंगलम 

मंगलम त्र्यंबकम उदार मंगलम 

त्रिनेत्र मंगलम धुआंधार मंगलम

त्रिनेत्र मंगलम धुआंधार मंगलम

ओमकार मंगलम

मंगलम त्र्यंबकम उदार मंगलम 

सोम मंगलम सारधार मंगलम 

ओमकार मंगलम


बैजनाथ भोले अपरम्पार मंगलम 

बैजनाथ भोले अपरम्पार मंगलम 

प्रसन्नता ही दीजिये परिवार मंगलम

ओमकार मंगलम

सोम मंगलम सारधार मंगलम 

ओमकार मंगलम


सोमनाथ विश्वनाथ सार मंगलम 

सोमनाथ विश्वनाथ सार मंगलम 

द्वादश ज्योतिर्लिंग मुक्तिद्वार मंगलम 

द्वादश ज्योतिर्लिंग मुक्तिद्वार मंगलम 

सोमनाथ विश्वनाथ सार मंगलम 

सोमनाथ विश्वनाथ सार मंगलम 

सोम मंगलम सारधार मंगलम 

ओमकार मंगलम


गंग मंगलम गंगधार मंगलम 

 गंग मंगलम गंगधार मंगलम

शिव शिव करे बेडा पार मंगलम 

शिव शिव करे बेडा पार मंगलम 

ओमकार मंगलम 

गंग मंगलम गंगधार मंगलम 

गंग मंगलम गंगधार मंगलम

सोम मंगलम सारधार मंगलम 

ओमकार मंगलम


रुद्राक्ष मंगंलम तू दातार मंगलम 

रुद्राक्ष मंगंलम तू दातार मंगलम 

त्रिशूल मंगलम है श्रृंगार मंगलम 

त्रिशूल मंगलम है श्रृंगार मंगलम 

 ओमकार मंगलम 

रुद्राक्ष मंगंलम तू दातार मंगलम 

रुद्राक्ष मंगंलम तू दातार मंगलम 

सोम मंगलम सारधार मंगलम 

 ओमकार मंगलम


ॐ नमः शिवाय को आधार मंगलम 

 ॐ नमः शिवाय को आधार मंगलम 

शिव शिव जाप को उच्चार मंगलम 

शिव शिव जाप को उच्चार मंगलम 

ओमकार मंगलम

ॐ नमः शिवाय को आधार मंगलम 

ॐ नमः शिवाय को आधार मंगलम 

सोम मंगलम सारधार मंगलम 

ओमकार मंगलम


ॐ मंगलम ओमकार मंगलम

ॐ मंगलम ओमकार मंगलम

ॐ मंगलम ओमकार मंगलम

ॐ मंगलम ओमकार मंगलम

सोम मंगलम सारधार मंगलम 

सोम मंगलम सारधार मंगलम 

ओमकार मंगलम


ॐ मंगलम ओमकार मंगलम

ॐ मंगलम ओमकार मंगलम

ॐ मंगलम ओमकार मंगलम

ॐ मंगलम ओमकार मंगलम

सोम मंगलम सारधार मंगलम 

सोम मंगलम सारधार मंगलम 

ओमकार मंगलम


*** Singer : Hemant Chauhan ***



 

भगवान शिव की महिमा, लिंगोत्पत्ति और पवित्र तीर्थों के विवरण के लिए शिव पुराण का संपूर्ण अध्ययन करें।

🙏 विस्तृत अर्थ और भावार्थ

देवादिदेव महादेव को समर्पित यह भजन "ॐ मंगलम ओमकार मंगलम लिरिक्स (Om Mangalam Omkaar Mangalam Lyrics in Hindi) - Shiv Bhajan - Bhaktilok" भगवान शिव के कल्याणकारी और वैराग्यपूर्ण रूप का सजीव चित्रण करता है। शिव का अर्थ ही कल्याण है। इस भजन के शब्दों के माध्यम से साधक शिव की अनंत चेतना, भस्म आरती, डमरू की ध्वनि और ध्यानमग्न मुद्रा का ध्यान करता है।

शिव भक्ति का मूल सिद्धांत यही है कि जगत की प्रत्येक नश्वर वस्तु का अंत शिव में ही होना है। यह भजन भक्त को सांसारिक मोह-माया से ऊपर उठकर आत्मा के वास्तविक स्वरूप को पहचानने की प्रेरणा देता है। शिव का नाम पंचमहाभूतों को नियंत्रित करने वाली परम शक्ति का प्रतीक है।

🔍 विशेष महत्त्व और लाभ

शिव पुराण के अनुसार, भगवान शिव अत्यंत भोले हैं और साधारण जल तथा बेलपत्र अर्पण करने मात्र से भी प्रसन्न हो जाते हैं। इस शिव भजन का संकीर्तन करने से अकाल मृत्यु का भय समाप्त होता है और कुंडली के ग्रहों के दोष शांत होते हैं।

भगवान शिव की महिमा, लिंगोत्पत्ति और पवित्र तीर्थों के विवरण के लिए शिव पुराण का संपूर्ण अध्ययन करें। नियमित शिव भजन और पंचाक्षरी मंत्र (ॐ नमः शिवाय) के जप से तनाव का नाश होता है, अवसाद दूर होता है और अंतर्मन में अपूर्व शांति का उदय होता है। यह आरोग्य और दीर्घायु प्रदान करने में भी सहायक है।

🕒 साधना एवं गायन विधि

शिव संकीर्तन के लिए प्रदोष काल (संध्या समय) अथवा सोमवार का दिन सर्वोत्तम माना जाता है। उत्तर दिशा की ओर मुख करके कुशासन पर बैठकर शिवजी का ध्यान करते हुए भजन गाएं।

❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

भगवान शिव को शीघ्र प्रसन्न करने की सरल विधि क्या है?

शुद्ध जल, बेलपत्र, धतूरा अर्पित करते हुए श्रद्धापूर्वक शिव मंत्र अथवा भजनों का संकीर्तन करने से महादेव शीघ्र प्रसन्न होते हैं।

शिव भजनों के लिए कौन सा दिन विशेष है?

सोमवार, प्रदोष व्रत की तिथि और महाशिवरात्रि का पर्व भगवान शिव की उपासना और भजन संकीर्तन के लिए विशेष रूप से फलदायी माना जाता है।

क्या शिव जी की उपासना से कुंडली के दोष दूर होते हैं?

हाँ, भगवान शिव (महाकाल) की आराधना से कालसर्प दोष, राहु-केतु दोष और शनि जनित कष्टों का निवारण होता है।

विश्वसनीय धार्मिक एवं आध्यात्मिक जानकारी

यह सामग्री भक्तिलोक संपादकीय टीम द्वारा उपलब्ध धार्मिक स्रोतों, प्रकाशित संदर्भों और परंपरागत पाठों की तुलना के आधार पर तैयार एवं समीक्षा की गई है। जहाँ पाठ के विभिन्न संस्करण उपलब्ध हैं, वहाँ संबंधित संस्करण या स्रोत का उल्लेख किया जाता है।

समीक्षित एवं सत्यापित अंतिम अद्यतन: 01 Sep 2026

पाठकों के विचार (0)

भक्ति रस चर्चा में भाग लें

लिरिक्स कॉपी कर लिया गया है!