आज का पंचांग (Columbus) | सूर्योदय: ०४:२९ PM | सूर्यास्त: ०५:३३ AM
Kama Mantra

श्याम नाम की कमाई (Shyam Naam Ki Kamai Lyrics in Hindi) - Kishan Bhagat - Bhaktilok

201 पाठकों ने पढ़ा | लेखक: Deepak Kumar Bind
आकार:
कंट्रास्ट:

मूल पाठ एवं पवित्र संकीर्तन

शुद्ध उच्चारण और भक्ति भाव के साथ स्मरण करें



श्याम नाम की कमाई (Shyam Naam Ki Kamai Lyrics in Hindi) - Kishan Bhagat - 



Album - श्याम नाम की कमाई (Shyam Naam Ki Kamai Lyrics in Hindi)
Song - Shyam Name Ki Kamai
Singer - Kishan Bhagat
Music - Mayur Pandey
Lyrics - Kishan Bhagat
Label - Saawariya
Digital Work - Vianet Media
Parent Label - Shubham Audio Video
9984-DVT_SWAR 

श्याम नाम की कमाई (Shyam Naam Ki Kamai Lyrics in Hindi):-


खाटू वाले की कृपा से एक दम मस्त जिंदगी है
खाटू वाले की कृपा से एक दम मस्त जिंदगी है.........
और गुजरा हूँ जिधर से मुझे इज्जत ही मिली है
श्याम नाम की कमाई मेरे काम आ रही है

श्याम नाम की कमाई मेरे काम आ रही है ..........

खाटू की भक्ति का एक ही है कायदा
खाटू की भक्ति का एक ही है कायदा.......
इसमें तो मिले बस फायदा ही फायदा
इसमें तो मिले बस फायदा ही फायदा ........
करता हूँ मै भक्ति श्याम तेरे नाम की
करता हूँ मै भक्ति श्याम तेरे नाम की........
और बिगड़ी बनादे बाबा मेरे नाम की
श्याम नाम की कमाई मेरे काम आ रही है

श्याम नाम की कमाई मेरे काम आ रही है ..........

खाटू श्याम मेरे बाबा श्याम
खाटू श्याम मेरे बाबा श्याम.......

जो भी आता खाटू धाम बनते बिगड़े उसके काम ........
ये तो है हारे का है सहारा सहारा
ये तो हारे का सहारा बाबा श्याम है हमारा
ये तो हारे का सहारा बाबा श्याम है हमारा
खाटू श्याम मेरे बाबा श्याम
खाटू श्याम मेरे बाबा श्याम.......

इनके फूलो का शृंगार ये भरते है भंडार
इनके फूलो का शृंगार ये भरते है भंडार......
जो भी करते भक्ति ये करते उनका उद्धार
मेरे खाटू वाले श्याम मेरे खाटू वाले श्याम
मेरे खाटू वाले श्याम मेरे खाटू वाले श्याम..........

खाटू की सवारी आयी श्याम की सवारी
खाटू की मेरे श्याम की
खाटू की सवारी आयी श्याम की सवारी
लीले घोड़े चढ़के आयी मेरे श्याम की सवारी
लीले घोड़े चढ़के आयी मेरे श्याम की सवारी

केसर तिलक लगाकर बाबा मोर छड़ी लहराए
केसर तिलक लगाकर बाबा मोर छड़ी लहराए
तीन बाण धारी लीले घोड़े चढ़के आये
तीन बाण धारी लीले घोड़े चढ़के आये
केसर तिलक लगाकर बाबा मोर छड़ी लहराए
तीन बाण धारी लीले घोड़े चढ़के आये
तीन बाण धारी लीले घोड़े चढ़के आये
देखो मोहिनी मूरतिया श्याम की सवारी
देखो मोहिनी मूरतिया श्याम की सवारी
देखो मोहिनी सुरतिया श्याम की सवारी
देखो मोहिनी सुरतिया श्याम की सवारी........

खाटू की सवारी आयी श्याम की सवारी
लीले घोड़े चढ़के आयी मेरे श्याम की सवारी
लीले घोड़े चढ़के आयी मेरे श्याम की सवारी..........
देखो मोहिनी सुरतिया श्याम की सवारी
देखो मोहिनी सुरतिया श्याम की सवारी........
खाटू श्याम मेरे बाबा श्याम
खाटू श्याम मेरे बाबा श्याम.......

खाटू वाले की कृपा से एक दम मस्त जिंदगी है
खाटू वाले की कृपा से एक दम मस्त जिंदगी है.........
और गुजरा हूँ जिधर से मुझे इज्जत ही मिली है
श्याम नाम की कमाई मेरे काम आ रही है
श्याम नाम की कमाई मेरे काम आ रही है


सनातन संस्कृति के विभिन्न व्रत, उपवास और त्यौहारों की सही तिथियों के लिए सनातन कैलेंडर २०२६ तथा दैनिक पंचांग का अवलोकन अवश्य करें।

🙏 विस्तृत अर्थ और भावार्थ

यह अत्यंत ही पावन भक्ति रस से परिपूर्ण भजन "श्याम नाम की कमाई (Shyam Naam Ki Kamai Lyrics in Hindi) - Kishan Bhagat - Bhaktilok" ईश्वर के प्रति अनन्य प्रेम और पूर्ण शरणागति का जीवंत उदाहरण है। सनातन धर्म में संकीर्तन और प्रभु नाम का जाप कलयुग का परम साधन बताया गया है। इस भजन के प्रत्येक शब्द में जीवात्मा का अपनी मूल परम सत्ता (परमात्मा) से मिलने का गहरा अनुराग छुपा हुआ है।

भजन का मुख्य संदेश यही है कि संसार के समस्त कार्यों को करते हुए भी यदि मनुष्य का मन निरंतर ईश्वर के चरणों में लीन रहे, तो वह संसार सागर से सहज ही पार उतर जाता है। यह भजन साधक के अंतर्मन को झंकृत कर उसमें भक्ति रूपी अमृत का संचार करता है।

🔍 विशेष महत्त्व और लाभ

श्रीमद्भगवद्गीता के अनुसार, भगवान श्री कृष्ण कहते हैं कि जो भक्त निरंतर मेरा नाम संकीर्तन करते हैं, वे सदा मुझमें ही निवास करते हैं। यह भजन साधक के मन को चंचलता से मुक्त कर आध्यात्मिक साधना की ओर प्रेरित करता है।

सनातन संस्कृति के विभिन्न व्रत, उपवास और त्यौहारों की सही तिथियों के लिए सनातन कैलेंडर २०२६ तथा दैनिक पंचांग का अवलोकन अवश्य करें। इस भक्ति भजन के नियमित संकीर्तन से घर की नकारात्मक ऊर्जा समाप्त होती है, मन शांत और प्रसन्न रहता है तथा पारिवारिक क्लेश दूर होकर शांति का उदय होता है।

🕒 साधना एवं गायन विधि

भजन संकीर्तन के लिए प्रातःकाल अथवा सायं संध्या का समय सर्वोत्तम है। एक शांत स्थान पर पूर्वाभिमुख बैठकर, भगवान की प्रतिमा के सम्मुख धूप-दीप प्रज्वलित करें और तन्मयता से संकीर्तन करें।

❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

भजन संकीर्तन का मुख्य उद्देश्य क्या है?

भजन संकीर्तन का मुख्य उद्देश्य मन को संसार की व्यर्थ की चिंताओं से हटाकर ईश्वर के ध्यान में लगाना और आत्मिक आनंद की प्राप्ति करना है।

भजनों को गाने की सही विधि क्या है?

भजनों को गाने के लिए राग-सुर से अधिक शुद्ध भाव और प्रेमपूर्ण हृदय की आवश्यकता होती है। मन में पूर्ण श्रद्धा रखकर शांत चित्त से संकीर्तन करें।

क्या सामूहिक भजन संकीर्तन अधिक फलदायी होता है?

हाँ, शास्त्रों के अनुसार सामूहिक संकीर्तन से दिव्य स्पंदन (Vibrations) उत्पन्न होते हैं, जिससे वहां उपस्थित सभी लोगों का मन शुद्ध होता है और सामाजिक एकता बढ़ती है।

श्रेणियां: Kama Mantra

विश्वसनीय धार्मिक एवं आध्यात्मिक जानकारी

यह सामग्री भक्तिलोक संपादकीय टीम द्वारा उपलब्ध धार्मिक स्रोतों, प्रकाशित संदर्भों और परंपरागत पाठों की तुलना के आधार पर तैयार एवं समीक्षा की गई है। जहाँ पाठ के विभिन्न संस्करण उपलब्ध हैं, वहाँ संबंधित संस्करण या स्रोत का उल्लेख किया जाता है।

समीक्षित एवं सत्यापित अंतिम अद्यतन: 02 Sep 2026

पाठकों के विचार (0)

भक्ति रस चर्चा में भाग लें

लिरिक्स कॉपी कर लिया गया है!