Kama Mantra सोमवार विशेष (महादेव शिव व चंद्र देव)

माँ कामाख्या शक्तिपीठ चालीसा (Maa Kamakhya Shaktipeeth Chalisa lyrics in hindi)

संकटमोचन हनुमान भजन "माँ कामाख्या शक्तिपीठ चालीसा (Maa Kamakhya Shaktipeeth Chalisa lyrics in hindi)" के लिरिक्स, भावार्थ और मंगलवार पूजा विधि। नकारात्मक ऊर्जा से मुक्ति और आत्मविश्वास बढ़ाने के लिए हनुमान संकीर्तन पढ़ें।

प्रस्तावना एवं परिचय

मूल पाठ एवं पवित्र संकीर्तन

शुद्ध उच्चारण और भक्ति भाव के साथ स्मरण करें

 माँ कामाख्या शक्तिपीठ चालीसा (Maa Kamakhya Shaktipeeth Chalisa lyrics in hindi) - 

॥
 दोहा  ॥

माँ दुर्गा की साधना, ममता की तस्वीर
क्षणभर में बदले यहाँ, भक्तों की तक़दीर
॥

गौरी गणपति प्रथम मनाऊं ।
सकल कामना सिद्ध कराऊं ॥

जगजननी कामाख्या माता I
शिवशक्ति मेरी भाग्यविधाता ॥

लगन लगी कुछ भी ना जानूं ।
कैसे तेरा गुणगान बखानूं ॥

दस विद्या का अंश मात्र भी ।
जानूं नहीं ग्रह गौचरात्र भी ॥

शुभ और अशुभ घड़ी तू जाने ।
बैठ गया हूं तुझको रिझाने ॥

बालक बुद्धि जान निहारो ।
सिर पे रख दो हाथ तुम्हारो ॥

परमेश्वरी सम्पूर्ण आराध्या
निकसी अंतस अर्चन आध्या ॥

ब्रह्मा विष्णु शिव हे माते ।
काम क्षेत्र तेरा ध्यान लगाते ॥

मुनिवर श्रेष्ठ वशिष्ठ सिद्ध हैं ।
भांतिब्रह्म जन जन प्रसिद्ध है ।
हार के आया त्रिपुर भैरवी ।
कौन करे मां मेरी पैरवी ॥

निपट अकेला निपट अनाड़ी ।
चल जाए मेरी भी गाड़ी ॥

एक बार मोहि आन निहारो ।
कामाख्या मेरी मात उबारो ॥

मनो कामना पूरी कर दो । ।
शरण पड़ा हूं माता वर दो ॥

पूरब दिशि मां तारा दर्शन ।
अगनकण षोडशी सुदर्शन ॥

धूमावती दक्षिण में दयाला ।
नैऋत्यां भज भैरवी माला
भुवनेश्वरी पश्चिम करे रक्षा ।
छिन्नमस्ता वायब्य सुरक्षा 11

बगलामुखी उत्तर दिशि शोभा ।
त्रिपुरसुंदरी दे मति बोधा ॥

ऊर्ध्व उज्वला मातंगिनी मां ।
सर्व रक्षिका क्लीं काली मां ॥

दसों दिशा में तेरी ज्योति ।
रोम रोम आराधना होती 
जय जयकारे नभ गूंजे मां ।
अन धन खुशियां सब लूटे मां ॥

 
आशा पूरण आज करो मां ।
संकट काटो कष्ट हरो मां ॥

स्वीकारो मेरी मानस पूजा ।
नैम धरम जानूं नहीं दूजा ॥

पावन दिन वैशाख तृतीया ।
जाप करै सम्मुख रख दीया ॥

परम् पिता शिवशंकर कहते ।
निश्छल मन हो आंसू बहते ॥

ऐसी करो पुकार सुने मां ।
जो भी वांछित वर दे दे मां ॥

यही धारणा लेकर बैठा पूजा
प्रार्थना करने बैठा डाकिन,
शाकिन पास ना फटकै ।
प्रेतादिक सबभागे बचकै 11

निर्भय हो कर तुम्हें मनाऊं ।
नित्य नए गुणगान सुनाऊं ॥

सभी सिद्धियां देने वाली वाली ।
बिगड़े भाग्य बनाने वाली ॥

अखिलाराध्या भीम लोचना ।
दीनन दुःख दारिद्र मोचना ॥

रक्तबीज महिसासुर मर्दिनि
काम रूप मां नित्य वंदिनि ॥

नव ग्रहादि अरु दिग् दिग्पाला ।
क्षेत्रपाल हो सब रखवाला 11
बावन भैरव चौसठ योगिन ।
चले नहीं मां तब आज्ञा बिन ॥

अप्सरायक्ष यक्षिणी शीश नवावै ।
तेरे लाल को नहीं सतावै ॥

ब्रह्मदैत्य वेताल कान भरै ना कोई मंथरा ॥
सत कोटि ब्रह्मांड हैं तेरे ।
रूप तेरे उनमें बहुतेरे
ममता का आंचल फैलाओ ।

लाल को अपने गले लगाओ ॥
दुर्बल अति कमजोर हूं मैया ।
बन जाऊं तेरो कुंवरकन्हैया ॥

कठिन कौनसो काम तुझे मां ।
जो ना तुम कर सको उसे मां ॥

" लहरी" लज्जा हाथ तेरे मां ।
निश्चित जागे भाग्य मेरे मां ॥


वीर हनुमान जी के बल, बुद्धि और भक्ति के स्रोतों को जानने तथा संकटों के निवारण हेतु हनुमान चालीसा संग्रह को नियमित रूप से पढ़ें।
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🙏 विस्तृत अर्थ और भावार्थ संकटमोचन हनुमान जी का यह भजन " माँ कामाख्या शक्तिपीठ चालीसा (Maa Kamakhya Shaktipeeth Chalisa lyrics in hindi) - Bhaktilok" बल, बुद्धि, विद्या और भक्ति का संचार करने वाला है। कलयुग के जागृत देव श्री हनुमान जी की महिमा अपार है। इस भजन का मुख्य उद्देश्य साधक के भीतर के भय को दूर कर उसमें आत्मगौरव और निष्काम सेवा भाव जागृत करना है।

भजन की चौपाइयों और पंक्तियों में हनुमान जी की लंका दहन, संजीवनी बूटी लाना और प्रभु श्री राम के प्रति अनन्य प्रेम का वर्णन होता है। हनुमान जी की शरण में जाने पर बड़े से बड़ा संकट भी क्षण भर में समाप्त हो जाता है, यही इस भजन की मूल भावना है।
🔍 विशेष महत्त्व और लाभ हनुमान चालीसा और सुंदरकांड की भांति ही हनुमान भजनों का विशेष धार्मिक महत्त्व है। हनुमान जी को अष्ट सिद्धि और नौ निधियों के दाता के रूप में पूजा जाता है। इस पावन भजन के गायन से भूत-पिशाच, नकारात्मक ऊर्जा और सभी प्रकार के ऊपरी बाधाओं से मुक्ति मिलती है।
वीर हनुमान जी के बल, बुद्धि और भक्ति के स्रोतों को जानने तथा संकटों के निवारण हेतु हनुमान चालीसा संग्रह को नियमित रूप से पढ़ें। हनुमान भजन से आत्मविश्वास में अभूतपूर्व वृद्धि होती है, मानसिक रोग जैसे तनाव, अनिद्रा और डिप्रेशन दूर होते हैं। यह छात्रों की बुद्धि और परीक्षा में सफलता के लिए भी रामबाण है।
🕒 साधना एवं गायन विधि हनुमान जी की पूजा के लिए मंगलवार और शनिवार का दिन विशेष रूप से निर्धारित है। लाल आसन पर बैठकर, हनुमान जी के सम्मुख चमेली के तेल का दीपक जलाएं और पूरे मनोयोग से इस भजन का संकीर्तन करें।

�� अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ) हनुमान जी को किस दिन चमेली का तेल चढ़ाना चाहिए?शनिवार और मंगलवार के दिन हनुमान जी को सिंदूर में चमेली का तेल मिलाकर चढ़ाना अत्यंत शुभ और संकट निवारक माना गया है।
क्या हनुमान भजन परीक्षा के भय को दूर करने में सहायक है?हाँ, हनुमान जी के भजनों और मंत्रों के संकीर्तन से मन एकाग्र होता है, भय का नाश होता है और याददाश्त बढ़ती है।
शनि दोषों की शांति के लिए हनुमान उपासना क्यों की जाती है?हनुमान जी ने शनिदेव को रावण के बंधन से मुक्त कराया था, जिसके कारण शनिदेव ने वचन दिया था कि जो हनुमान जी की भक्ति करेगा, उसे शनि जनित पीड़ा नहीं भोगनी पड़ेगी।

श्रेणियां: Kama Mantra

संपादकीय रूप से तैयार एवं समीक्षित धार्मिक सामग्री

यह सामग्री भक्तिलोक संपादकीय टीम द्वारा उपलब्ध धार्मिक स्रोतों, प्रकाशित संदर्भों और परंपरागत पाठों की तुलना के आधार पर तैयार एवं समीक्षा की गई है। जहाँ पाठ के विभिन्न संस्करण उपलब्ध हैं, वहाँ संबंधित संस्करण या स्रोत का उल्लेख किया जाता है।

संदर्भ-आधारित समीक्षा अंतिम अद्यतन: 18 Oct 2026

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