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Rani Sati Dadi Bhajan

म्हारे पग पग पे दादी खड़ी लिरिक्स (Mhaare pag pag pe dadi khadi Lyrics in Hindi) - Rani Sati Dadi Bhajan - Bhaktilok

51 पाठकों ने पढ़ा | लेखक: Deepak Kumar Bind
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दादी की कृपा: संकट में सुरक्षा का गीत

इस भजन के माध्यम से दादी की असीम कृपा का अनुभव करें और जीवन में सदा सुख एवं समृद्धि के लिए प्रार्थना करें।

म्हारे पग पग पे दादी खड़ी लिरिक्स (Mhaare pag pag pe dadi khadi Lyrics in Hindi) - म्हाने चिंता है क्या की पड़ी म्हारे पग पग में दादी खड़ीम्हारी दादी की किरपा है बड़ी म्हारे पग पग पे दादी खड़ीलाख काँटा कोई भी बिछावे होवे वो ही जो दादी जी चाहवे,म्हारे खातिर माँ हर दम लडीम्हारे पग पग पे दादी खड़ीम्हारे धन को न घर में तोडा म्हारो अनसु भरोडो है कोठोरवे हर दम तिजोरी भरी म्हारे पग पग पे दादी खड़ीचाहे कितनी ही आंधी सतावे चाहे पत झड़ माँ पता सुखावे,म्हारी बगिया ने रखे हरी म्हारे पग पग पे दादी खड़ीहर्ष था सु माँ इतना ही चाहवा हाथ सिर पे मैं थारो माँ पावाराखे मोह्पे नजर हर घड़ी म्हारे पग पग पे दादी खड़ीBhajan :- Pag Pag Mein Dadi Khadi Singer :- Swati Agarwal Lyrics :-Vinod Agarwal ( Harsh JI ) Lable :- Shree Cassette Industry Producer :- Shyam Agarwal

🙏 विस्तृत अर्थ और भावार्थ

इस भजन का प्रमुख विषय दादी की कृपा और उसके चरणों की सुरक्षा है। 'म्हारे पग पग पे दादी खड़ी' का अर्थ है, हर कदम पर दादी का संरक्षण। इससे यह सिद्ध होता है कि भक्ति मार्ग पर चलते हुए भक्त का कोई भी भय नहीं है, क्योंकि दादी का आशीर्वाद सदैव उसके साथ है। 'लाख काँटा कोई भी बिछावे होवे वो ही जो दादी जी चाहवे' इस पंक्ति में भक्त यह व्यक्त करता है कि चाहे जीवन में कितनी भी कठिनाइयाँ आ जाएँ, वे तब तक ही रहेंगी जब तक कि दादी की इच्छा न हो। यहाँ भक्त ने अपनी पूर्णता और समर्पण को उजागर किया है। 'धन को न घर में तोड़ा म्हारो अनसु भरोडो है कोठोर' का अर्थ है कि दादी की कृपा से आर्थिक संकट दूर होते हैं और आवास में समृद्धि बनी रहती है।

भजन में भक्त का भाव यह है कि दादी सदैव उसकी रक्षा करती हैं, चाहे कितनी भी आंधी का सामना करना पड़े। 'चाहे कितनी ही आंधी सतावे' की पंक्ति हमें यह याद दिलाती है कि जीवन में चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में भी दादी का आशीर्वाद कभी समाप्त नहीं होता। इसकी भावना में भक्त का विश्वास गहराई से जुड़ा होता है। दादी की उपस्थिति को महसूस करते हुए भक्त अपने जीवन में स्थिरता और संतोष का अनुभव करता है। 'हर घड़ी म्हारे पग पग पे दादी खड़ी' से यह स्पष्ट होता है कि दादी की कृपा और सुरक्षा का अनुभव भक्त के हृदय में स्थायी है, और हर कठिनाई में दादी का संरक्षण उसके लिए मार्ग प्रदान करता है।

इस भजन में भक्ति मार्ग का एक महत्वपूर्ण पहलू है - विश्वास और श्रद्धा। भक्त का यह विश्वास कि 'दादी हर समय मेरे साथ हैं' उनके आध्यात्मिक जीवन का आधार है। यहीं पर भक्त की आस्था और भक्ति का योग देखने को मिलता है। दादी के प्रति अटूट विश्वास रखने से व्यक्ति के जीवन की उलझनें सरल हो जाती हैं। यह भजन हमें यह शिक्षा देता है कि जीवन में समर्पण का अर्थ सिर्फ कर्म करना नहीं है, बल्कि दैवीय कृपा और संरक्षण को अनुभव करना भी है। यहाँ दादी की उपासना के माध्यम से भक्त का हृदय शुद्ध होता है और वह अपने लक्ष्यों की ओर अग्रसर होता है।

🔍 विशेष महत्त्व और लाभ

इस भजन की प्रासंगिकता भारतीय धार्मिक परंपरा में गहन है। देवी, दादी, या मातृ देवताओं की उपासना का स्वभाव संस्कृति का अभिन्न हिस्सा है। रानी सती दादी की पूजा विभिन्न उपासना पद्धतियों में होती है, जो भक्तों को मानसिक और आध्यात्मिक बल प्रदान करती है। 'दादी' को मातृत्व का प्रतीक माना जाता है और विभिन्न पुराणों में उनके बारे में उल्लेख मिलता है जहाँ वे भक्तों की रक्षा करती हैं और अनेकों प्रकार की भौतिक और मानसिक समस्याओं का समाधान करती हैं। यह भजन इस महान परंपरा को जीवंत रखता है और नए भक्तों को प्रेरित करता है।

सनातन संस्कृति के विभिन्न व्रत, उपवास और त्यौहारों की सही तिथियों के लिए सनातन कैलेंडर २०२६ तथा दैनिक पंचांग का अवलोकन अवश्य करें। इस भजन का गायन मानसिक शांति और आंतरिक संतुलन लाने में मदद करता है। यह भक्ति भावना को प्रबल करता है और भक्त को दादी की कृपा का अनुभव करने में सक्षम बनाता है। लोग अक्सर इस भजन को गाने से तनाव को कम करते हैं और सकारात्मक ऊर्जा को आकर्षित करते हैं। मानसिक संकोच कम होते हैं और विश्वास की शक्ति बढ़ती है।

🕒 साधना एवं गायन विधि

इस भजन का पाठ सुबह-सुबह सूर्योदय के समय या शाम को आरती के समय करना श्रेष्ठ माना जाता है। भक्तों को इन समयों में शुद्धता से स्नान कर, एक दीप जलाकर और फिर भजन का पाठ करना चाहिए। ध्यान रखें कि मन में पूर्ण श्रद्धा और समर्पण हो, जिससे दादी की कृपा और संरक्षण का अनुभव हो सके। सही आसन में बैठकर इस भजन को गाने से सकारात्मक वाइब्रेशन उत्पन्न होते हैं।

❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

इस भजन का मुख्य संदेश क्या है?

इस भजन का मुख्य संदेश दादी की कृपा और सुरक्षा है। हर कदम पर दादी का संरक्षण भक्त को आश्वस्त करता है, जिससे जीवन में कठिनाइयों का सामना करने की साहस मिलता है।

कौन सी दादी की पूजा का उल्लेख इस भजन में है?

इस भजन में रानी सती दादी की पूजा का उल्लेख है, जो भक्तों की हर जरूरत और संकट में रक्षक मानी जाती हैं।

क्या यह भजन रोज गाने से कोई विशेष फल मिलता है?

हाँ, इस भजन का नियमित पाठ मानसिक शांति, स्थिरता और दादी की कृपा का अनुभव कराने में सहायक है। यह जीवन में सकारात्मकता लाता है।

विश्वसनीय धार्मिक एवं आध्यात्मिक जानकारी

यह सामग्री भक्तिलोक संपादकीय टीम द्वारा उपलब्ध धार्मिक स्रोतों, प्रकाशित संदर्भों और परंपरागत पाठों की तुलना के आधार पर तैयार एवं समीक्षा की गई है। जहाँ पाठ के विभिन्न संस्करण उपलब्ध हैं, वहाँ संबंधित संस्करण या स्रोत का उल्लेख किया जाता है।

समीक्षित एवं सत्यापित अंतिम अद्यतन: 29 Aug 2026

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