आगामी पावन व्रत व एकादशी सूची
आज का विशेष व्रत
आज का दिन आत्मिक शुद्धि और साधना के लिए उत्तम है।
फलाहार करें, सेंधा नमक का उपयोग करें।
श्रावण पुत्रदा एकादशी
पुत्रदा एकादशी व्रत का अत्यंत धार्मिक महत्व है।
मर्यादित फलाहार (बिना अन्न)।
आज का विशेष व्रत
आज का दिन आत्मिक शुद्धि और साधना के लिए उत्तम है।
फलाहार करें, सेंधा नमक का उपयोग करें।
उपवास (Fasting) का आध्यात्मिक व वैज्ञानिक महत्व
सनातन परंपरा में केवल भोजन न करने को उपवास नहीं कहा गया है। **'उप'** का अर्थ है समीप और **'वास'** का अर्थ है रहना—अर्थात अपनी इंद्रियों और मन को संसार से हटाकर 'परमात्मा के समीप बैठना' ही वास्तविक उपवास है।
वैज्ञानिक दृष्टिकोण (Scientific Autophagy): हाल ही में चिकित्सा विज्ञान के नोबेल पुरस्कार से प्रमाणित हुआ है कि जब शरीर को एक निश्चित अवधि (12 से 24 घंटे) तक भोजन नहीं मिलता, तो शरीर की स्वस्थ कोशिकाएं भीतर जमा हानिकारक रोगाणुओं, मृत कोशिकाओं और टॉक्सिन्स को खुद ही खाकर पचा देती हैं। इस जैविक प्रक्रिया को **"ऑटोफैगी" (Autophagy)** कहा जाता है। हिंदू धर्म में १५ दिनों में एक बार आने वाले एकादशी व्रत का विधान इसी कोशिकीय आरोग्यता के लिए बनाया गया है।
एकादशी व्रत के शास्त्र सम्मत प्रमुख नियम
सभी व्रतों में एकादशी व्रत को शिरोमणि माना गया है। इस व्रत को करते समय निम्नलिखित नियमों का पालन आवश्यक माना गया है:
व्रत-उपवास सम्बन्धी सामान्य प्रश्न (FAQs)
संपादकीय विश्वसनीयता एवं समीक्षा जानकारी
ज्योतिषीय गणना एवं संकलन
भक्तिलोक पंचांग शोध परिषद् (Bhaktilok Panchang Council)
धार्मिक व्रत-त्यौहार की तिथि गणना एवं शास्त्र निर्देशों का प्रामाणिक मिलान करने वाली संस्था।
संपादकीय व धार्मिक समीक्षा
डॉ. विकास शास्त्री (Dr. Vikas Shastri)
वैदिक संस्कृति व धार्मिक अनुष्ठान के विशेषज्ञ विद्वान। पीएचडी (वैदिक अध्ययन)।
संदर्भ-आधारित समीक्षा