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तीर्थ जल

पवित्र तीर्थ जल स्रोत मार्गदर्शिका

सनातन शास्त्रों में कतिपय सरोवरों, कुण्डों और नदियों के जल को परम पवित्र और साक्षात चेतना से ओत-प्रोत माना गया है। श्रीमद्भागवत व स्कंद पुराण के अनुसार इन तीर्थ जलों में पापों को शांत करने, चक्रों को जाग्रत करने और शारीरिक व्याधियों को दूर करने की अद्भुत क्षमता है। भारत के प्रमुख पवित्र जल स्रोतों और उनके शास्त्रीय महत्व का अन्वेषण करें।

प्रकार: पवित्र सरोवर व देव जल कुण्ड शास्त्र: श्रीमद्भागवत व स्कंद पुराण

पवित्र जल स्रोत विनिर्देशन

देव सरोवर मानसरोवर

१. भौगोलिक स्थान (Location):तिब्बत (कैलाश पर्वत)।
२. पौराणिक महत्व व कथा:0
३. ज्योतिषीय / आध्यात्मिक प्रभाव:0
विशेष शास्त्र टिप: 0

तीर्थ जल को घर में रखने के ५ शास्त्रीय व वास्तु नियम

तीर्थ जल (जैसे गंगाजल या पुष्कर जल) को घर में रखने से घर का वास्तु दोष दूर होता है, परन्तु इन्हें रखने के कठोर नियम हैं:

प्लास्टिक की बोतलों में रखने का निषेध

तीर्थ जल को कभी भी प्लास्टिक की बोतल या डिब्बे में नहीं रखना चाहिए। प्लास्टिक को अशुद्ध और तामसिक धातु माना गया है। तीर्थ जल को सदैव तांबे (Copper), पीतल (Brass) या मिट्टी के पात्र में रखना ही सर्वोत्तम है।

सही दिशा व अंधकार का नियम

तीर्थ जल को सदा पूजा घर के ईशान कोण (North-East) में रखना चाहिए। इसे कभी भी अंधेरे कोठरी, सीढ़ियों के नीचे या बेडरूम में नहीं रखना चाहिए। इसके आस-पास पवित्रता और प्रकाश होना अनिवार्य है।

सरोवर व तीर्थ जल शंका समाधान (FAQs)

श्रीमद्भागवत के अनुसार, बिंदु सरोवर के तट पर साक्षात भगवान विष्णु के अवतार कपिल मुनि ने अपनी माता देवहूति को सांख्य दर्शन का ज्ञान दिया था, जिससे उन्हें मोक्ष प्राप्त हुआ था। इसलिए गया जी में पितृ श्राद्ध और बिंदु सरोवर (सिद्धपुर, गुजरात) में मातृ श्राद्ध (माता के मोक्ष का अनुष्ठान) करने का विशेष शास्त्रीय विधान है।

गंगाजल कभी अपवित्र या खराब नहीं होता, इसलिए इसके बदलने की आवश्यकता नहीं होती। हाँ, यदि जल रखने का पात्र (जैसे तांबे का लोटा) काला पड़ गया हो या गंदा हो गया हो, तो गंगाजल को दूसरे स्वच्छ तांबे या पीतल के पात्र में गंगाजल का ध्यान करते हुए सावधानीपूर्वक स्थानांतरित कर देना चाहिए।

संपादकीय विश्वसनीयता एवं समीक्षा जानकारी

तीर्थ जल विमर्श व ग्रन्थ संपादन

भक्तिलोक तीर्थ जल शोध पीठ (Bhaktilok Teertha Water Wing)

कल्याण कल्पतरु, स्कंद पुराण के तीर्थ महात्म्य खंडों के श्लोकों का संकलन व मिलान करने वाली विंग।

कर्मकांड व तीर्थ शुद्धि समीक्षा

पं. भालचंद्र शास्त्री (Pt. Bhalchandra Shastri)

अधिष्ठाता, पुष्कर पुरोहित सभा। २८+ वर्षों का सरोवर पूजन व तीर्थ शुद्धि कर्मकांड समीक्षा अनुभव।

जल स्रोत सूत्र सत्यापित
अंतिम संशोधन: ०८ अगस्त २०२६ पठन काल: ५ मिनट पढ़ें