१२ हिंदू चंद्र मासों का डेटाबेस
चैत्र मास (Chaitra)
| १. ग्रेगोरियन कैलेंडर अवधि: | मार्च - अप्रैल |
| २. सौर ऋतु (Season): | बसंत ऋतु |
| ३. अधिष्ठाता देव (Ruler Deity): | विष्णु (श्री नारायण) |
| ४. प्रमुख त्यौहार (Major Festivals): | नवरात्रारंभ, रामनवमी, हनुमान जयंती। |
| मास महात्म्य सूत्र: चैत्र शुक्ल प्रतिपदा को ही ब्रह्मा जी ने सृष्टि की रचना की थी, इसी दिन से नव संवत्सर (हिंदू नव वर्ष) प्रारंभ होता है। | |
पंचांग के ५ मुख्य अंग व उनका वैज्ञानिक आधार
पंचांग का शाब्दिक अर्थ है 'पांच अंग'। इन अंगों की गणना सूर्य और चंद्र की स्थिति के अनुसार की जाती है:
चंद्रमा की कलाओं के आधार पर निर्धारित दिन को तिथि कहते हैं। एक माह में ३० तिथियां होती हैं, जो १५ दिन के शुक्ल पक्ष (चंद्रमा बढ़ना) और १५ दिन के कृष्ण पक्ष (चंद्रमा घटना) में विभाजित हैं।
चंद्रमा पृथ्वी की परिक्रमा करते हुए आकाशमंडल के २७ तारा समूहों (नक्षत्रों) से होकर गुजरता है। जिस दिन चंद्रमा जिस नक्षत्र में होता है, वह उस दिन का नक्षत्र कहलाता है (जैसे अश्विनी, रोहिणी, पुष्य)।
हिंदू कैलेंडर शंका समाधान (FAQs)
अमान्त: दक्षिण व पश्चिमी भारत (महाराष्ट्र, गुजरात) में प्रयुक्त, जहां चंद्र मास अमावस्या (न्यू मून) के बाद समाप्त होता है। दोनों का पक्ष चक्र समान रहता है।
संपादकीय विश्वसनीयता एवं समीक्षा जानकारी
पंचांग गणित व काल संपादन
भक्तिलोक पंचांग परिषद (Bhaktilok Panchang Wing)
सूर्य सिद्धांत, सिद्धांत शिरोमणि और ग्रहलाघव ग्रन्थों की ज्योतिषीय खगोल गणना के नियमों का मिलान करने वाली विंग।
ज्योतिष व संहिता समीक्षा
पं. मदनमोहन मालवीय (Pt. Madanmohan Malviya)
वरिष्ठ ज्योतिषाचार्य, काशी विद्वत परिषद। २६+ वर्षों का वर्ष कुंडली पंचांग मिलान व तिथि शुद्धि समीक्षा अनुभव।
पंचांग विनिर्देश सत्यापित