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काल गणना

हिंदू त्यौहार कैलेंडर २०२६

सनातन पंचांग पद्धति सौर और चंद्र चक्रों पर आधारित एक काल-गणना विज्ञान है। प्रत्येक पर्व का समय ऋतुचक्र और विशिष्ट खगोलीय गृह दशा के अनुसार शुभ मुहूर्त में तय होता है। वर्ष २०२६ के सभी प्रमुख त्यौहारों, उनके शुभ मुहूर्त समय, व्रत महत्व और पारण नियमों की प्रामाणिक सूची प्राप्त करें।

उत्सव: १९+ प्रमुख महापर्व प्रामाणिकता: निर्णयसिंधु पंचांग

प्रमुख हिंदू त्यौहार सूची २०२६

नीचे वर्ष २०२६ के प्रमुख त्यौहारों की सूची दी गई है। अपने उत्सव की तैयारी का नियोजन करने हेतु तिथियों को ध्यान से देखें:

त्यौहार 15 Aug 2026

स्वतंत्रता दिवस उत्सव

राष्ट्रीय पर्व के साथ आध्यात्मिक प्रार्थनाएँ।

हिंदू तिथि गणना व मुहूर्त के आवश्यक नियम

सनातन पंचांग में तिथि सूर्य और चंद्रमा की कोणीय दूरी के आधार पर तय होती है। त्योहार मनाने के लिए निम्नलिखित नियमों का पालन किया जाता है:

उदया तिथि का नियम (Udaya Tithi)

सनातन पद्धति में वही दिन उस तिथि का माना जाता है जो सूर्योदय के समय उपस्थित हो। भले ही वह तिथि सूर्योदय के १० मिनट बाद ही समाप्त क्यों न हो जाए, पूरे दिन उसी तिथि का प्रभाव माना जाता है।

प्रदोष काल व मध्यरात्रि व्यापिनी तिथि

कुछ त्योहार जैसे दीपावली लक्ष्मी पूजन शाम के समय (प्रदोष काल) या जन्माष्टमी जन्मोत्सव मध्यरात्रि (निशीथ काल) में मनाए जाते हैं। इसके लिए तिथि का उस विशिष्ट काल में होना अनिवार्य होता है, भले ही सूर्योदय के समय कोई दूसरी तिथि रही हो।

त्यौहार व तिथि शंका समाधान (FAQs)

चंद्र वर्ष ३५४ दिनों का होता है और सौर वर्ष ३६५ दिनों का। इन दोनों के बीच ११ दिनों के अंतर को पाटने के लिए हर ३ साल में चंद्र वर्ष में एक अतिरिक्त महीना जोड़ दिया जाता है, जिसे 'अधिकमास' या 'पुरुषोत्तम मास' कहते हैं। इस महीने में किए गए दान और तप का अनंत गुना फल मिलता है।

सौर कैलेंडर (जैसे अंग्रेजी कैलेंडर) सूर्य के चक्कर लगाने के चक्र पर आधारित होता है। चंद्र कैलेंडर चंद्रमा की कलाओं और तिथियों (पूर्णिमा, अमावस्या) पर आधारित होता है। हिंदू पंचांग इन दोनों का सटीक समन्वय (Lunisolar) है, जिससे त्योहार हर साल ऋतुओं के अनुकूल ही आते हैं।

संपादकीय विश्वसनीयता एवं समीक्षा जानकारी

तिथि शुद्धि व पंचांग मिलान

भक्तिलोक पंचांग गणित शोध पीठ (Bhaktilok Astronomical Desk)

ऋषिकेश पंचांग, वाराणसी पंचांग और निर्णयसिंधु ग्रंथों के गणितीय मिलान के आधार पर त्योहारों की तिथियां निर्धारित करने वाली विंग।

ज्योतिष शास्त्र समीक्षा व सत्यापन

आचार्य रमाकांत देव दीक्षित (Acharya Ramakant Dixit)

पूर्व कुलाधिपति, काशी पंचांग ज्योतिष संस्थान। ३५+ वर्षों का खगोलीय काल गणना व मुहूर्त निर्धारण अनुभव।

त्यौहार तिथियां सत्यापित
अंतिम संशोधन: ०८ अगस्त २०२६ पठन काल: ५ मिनट पढ़ें