आज का पंचांग | सूर्योदय: ०५:४५ AM | सूर्यास्त: ०६:५० PM
अमृत बेला

ब्रह्म मुहूर्त कैलकुलेटर

सूर्योदय से ठीक **१ घंटा ३६ मिनट पूर्व** (२ घड़ी काल) ब्रह्म मुहूर्त प्रारंभ होता है। इस काल में संपूर्ण प्रकृति में सत्व गुणी तरंगों का प्रवाह होता है। अपने स्थान के सूर्योदय समय के अनुसार आज के ब्रह्म मुहूर्त और प्रातः संध्या काल का बिल्कुल सटीक मुहूर्त निकालें।

काल: सूर्योदय से ९६ मिनट पूर्व गणना: सटीक खगोलीय गणना

ब्रह्म मुहूर्त व प्रातः संध्या काल गणना

आज की सटीक मुहूर्त सारणी:

१. ब्रह्म मुहूर्त (Brahma Muhurta):04:09 AM - 04:57 AM
२. प्रातः संध्या (Prataha Sandhya):04:57 AM - 05:45 AM
३. सूर्योदय समय (Sunrise):05:45 AM
गणना जारी है...

ब्रह्म मुहूर्त का आधुनिक वैज्ञानिक विश्लेषण

आधुनिक शरीर क्रिया विज्ञान (Biological Chronobiology) भी ब्रह्म मुहूर्त में जागने के चमत्कारी लाभों की पुष्टि करता है:

कोर्टिसोल व मेलाटोनिन संतुलन

सुबह ४:०० से ५:३० बजे के बीच मानव शरीर में प्राकृतिक रूप से मेलाटोनिन (नींद का हार्मोन) कम होता है और कोर्टिसोल (सक्रियता का हार्मोन) धीरे-धीरे बढ़ने लगता है। यह जागने के लिए जैविक रूप से सबसे प्राकृतिक समय है।

सर्वाधिक शुद्ध प्राणवायु (Ozone)

भोर के समय वायुमंडल में नवजात ऑक्सीजन (O3/ओजोन) की मात्रा लगभग ४१% अधिक होती है। इस समय गहरी सांस लेने से फेफड़े स्वस्थ होते हैं और रक्त शुद्ध होता है।

ब्रह्म मुहूर्त की अनुशंसित व वर्जित क्रियाएं

ऋषियों ने अष्टांग योग और विभिन्न आयुर्वेद ग्रंथों में इस समय के लिए स्पष्ट दिनचर्या बताई है:

क्या करें (Do\'s)

  • ध्यान (Dhyana) व प्राणायाम करना।
  • इष्टदेव के मंत्र का मानसिक नाम जप करना।
  • धार्मिक ग्रंथों, कठिन विषयों या शास्त्रों का अध्ययन करना।
  • दिनभर के कार्यों की योजना (Sankalp) बनाना।

क्या न करें (Don\'ts)

  • सोना: इस समय सोने से शरीर में कफ दोष और तमस बढ़ता है।
  • भोजन: ब्रह्म मुहूर्त में भोजन करना पाचन तंत्र को नष्ट करता है।
  • क्रोध या विवाद: इस समय अशांत विचार पूरे दिन की मानसिक शांति छीन लेते हैं।

ब्रह्म मुहूर्त शंका समाधान (FAQs)

हाँ, बिल्कुल। चूंकि ब्रह्म मुहूर्त सीधे सूर्योदय के समय से जुड़ा हुआ है (सूर्योदय से ठीक ९६ मिनट पहले), इसलिए मौसम के अनुसार सूर्योदय का समय बदलने पर ब्रह्म मुहूर्त का समय भी खिसकता रहता है।

शास्त्रों के अनुसार नींद पूरी होना भी आवश्यक है। यदि आप देर से सोए हैं, तो शरीर को पर्याप्त विश्राम दें। तथापि, धीरे-धीरे रात को जल्दी सोने की आदत डालें ताकि आप प्राकृतिक रूप से अमृत बेला में उठने का अभ्यास कर सकें।

संपादकीय विश्वसनीयता एवं समीक्षा जानकारी

मुहूर्त गणित व संपादन

भक्तिलोक खगोल विज्ञान परिषद (Bhaktilok Astronomical Wing)

सूर्योदय अक्षांश (Latitude) और देशांतर (Longitude) के अंतर के आधार पर प्रतिदिन के ब्रह्म मुहूर्त की सटीक गणना और संपादन करने वाली विंग।

आध्यात्मिक समीक्षा व योगशास्त्रीय सत्यापन

स्वामी योगानन्द सरस्वती (Swami Yoganand Saraswati)

ऋषिकेश योग संस्थान के वरिष्ठ आचार्य व प्राणायाम अन्वेषक। २६+ वर्षों का योग-ध्यान मार्गदर्शन अनुभव।

मुहूर्त गणना सत्यापित
अंतिम संशोधन: ०८ अगस्त २०२६ पठन काल: ५ मिनट पढ़ें