आज कोई मुख्य तिथि व्रत नहीं है
आज का दिन सामान्य सात्विक भोजन ग्रहण करने और नित्य साधना क्रम को बनाए रखने के लिए उत्तम है। सनातन संस्कृति के अनुसार, एकादशी और प्रदोष के दिन उपवास करना सर्वश्रेष्ठ माना जाता है।
शास्त्र सम्मत उपवास फलाहार नियम
व्रत के दौरान शरीर की शुद्धि के लिए सात्विक फलाहार के कड़े नियम बताए गए हैं:
अनुमत खाद्य (Allowed)
- ताजे फल, सूखे मेवे (काजू, बादाम, अखरोट)।
- कुट्टू का आटा, सिंघाड़े का आटा, साबूदाना।
- सेंधा नमक (Rock Salt), काली मिर्च, जीरा।
- दूध, दही, छाछ, नारियल पानी।
वर्जित खाद्य (Forbidden)
- गेहूं, चावल, दालें और सभी प्रकार के अनाज।
- साधारण सफेद नमक (समुद्री नमक)।
- प्याज, लहसुन, मशरूम और बासी भोजन।
- मदिरा, धूम्रपान और तामसिक प्रवृत्तियां।
उपवास (Fasting) का आधुनिक जैविक विज्ञान
आधुनिक चिकित्सा विज्ञान (विशेष रूप से २०१६ का चिकित्सा का नोबेल पुरस्कार - **ऑटोफैगी / Autophagy**) दर्शाता है कि जब हम १२ से १६ घंटे तक कैलोरी ग्रहण नहीं करते हैं, तो हमारे शरीर की कोशिकाएं आंतरिक विषैले प्रोटीनों और रोगजनक जीवाणुओं का भक्षण करके स्वयं को पुनर्जीवित करती हैं।
ऋषियों द्वारा चंद्र गतियों (एकादशी, अमावस्या, पूर्णिमा) के आधार पर बनाए गए व्रत के नियम हमारे अंतःस्रावी तंत्र (Endocrine System) को संतुलित करते हैं और दीर्घायु प्रदान करते हैं।
उपवास सम्बन्धी शंका समाधान (FAQs)
संपादकीय विश्वसनीयता एवं समीक्षा जानकारी
व्रत तिथि निर्धारण व संपादन
भक्तिलोक पंचांग परिषद (Bhaktilok Panchang Council)
चन्द्र चक्र, स्थानीय सूर्योदय और तिथि क्षय की गणना के आधार पर शुद्ध व्रत कैलेंडर तैयार करने वाली खगोलीय विंग।
धर्मशास्त्रीय समीक्षा
स्वामी धर्मानन्द सरस्वती (Swami Dharmanand Saraswati)
वैदिक संस्कृति व आयुर्वेद चिकित्सा के विद्वान। १५+ वर्षों का सनातन व्रत-उत्सव पंचांग विवेचन अनुभव।
व्रत तिथि सत्यापित