आज का पंचांग | सूर्योदय: ०५:४५ AM | सूर्यास्त: ०६:५० PM
शुभ होरा

आज का शुभ मुहूर्त

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार शुभ समय पर किया गया संकल्प या प्रारंभ किया गया कार्य ब्रह्मांडीय ऊर्जा (Cosmic Energy Alignment) के सहयोग से निर्विघ्न संपन्न होता है। आज के शुभ मुहूर्तों (अभिजित, अमृत काल व ब्रह्म मुहूर्त) का सही समय और उनके वैदिक नियम जानें।

होरा: अमृत योग गणना: वैदिक मुहूर्त नियम
10 Aug 2026 | दैनिक शुभ होरा काल
काल चक्र की गणना की जा रही है...

अभिजित मुहूर्त

11:40 AM - 12:30 PM

सर्वकार्य सिद्धि के लिए विजय काल (दोपहर काल)

अमृत काल

06:30 PM - 08:00 PM

अमृत योग (आध्यात्मिक कार्यों के लिए शुभ)

ब्रह्म मुहूर्त

04:24 AM - 05:12 AM

अमृत बेला (पूजा-पाठ व ध्यान का सर्वोत्तम समय)

अभिजित मुहूर्त का धार्मिक व वैज्ञानिक महत्व

अभिजित मुहूर्त प्रतिदिन के ३० मुहूर्तों में से १५वां मुहूर्त है जो दोपहर के ठीक मध्य में (सूर्योदय व सूर्यास्त के मध्य) आता है। इस मुहूर्त का स्वामी **ब्रह्मा जी** हैं।

धार्मिक मान्यता है कि भगवान शिव ने त्रिपुरासुर का वध इसी मुहूर्त में किया था। यह समय इतना शक्तिशाली होता है कि यदि किसी कार्य के लिए कोई विशेष मुहूर्त उपलब्ध न हो, तो भी अभिजित मुहूर्त में कार्य शुरू करने से राहुकाल व अन्य दोषों का प्रभाव समाप्त हो जाता है। (बुधवार के दिन अभिजित में कार्य वर्जित माना जाता है)।

शुभ मुहूर्त के वैदिक नियम

मुहूर्त शास्त्र के अनुसार, शुभ समय का उपयोग करने के लिए कुछ आवश्यक सावधानियां बरतनी चाहिए:

राहुकाल का वर्जन

अमृत काल या अन्य शुभ काल के दौरान भी यदि राहुकाल सक्रिय हो जाए, तो राहुकाल की अवधि में नया काम शुरू करने से बचना चाहिए।

ब्रह्म मुहूर्त संकल्प

ब्रह्म मुहूर्त के समय किया गया योगाभ्यास, संध्या उपासना और ग्रंथों का अध्ययन सीधे हमारे चेतन मन में स्थायी प्रभाव डालता है।

शुभ मुहूर्त शंका समाधान (FAQs)

नहीं, ज्योतिष शास्त्र के अनुसार बुधवार के दिन अभिजित मुहूर्त में कोई भी नया कार्य प्रारंभ करना सर्वथा वर्जित माना जाता है क्योंकि बुधवार को अभिजित और राहु की दिशा का योग अशुभ परिणाम दे सकता है।

शुभ मुहूर्त गृहों की अत्यंत सूक्ष्म नक्षत्र गणना पर आधारित होते हैं। जबकि चौघड़िया समय का एक सामान्य विभाजन (१.५ घंटे की अवधि) है जो यात्रा या त्वरित कार्यों के लिए तात्कालिक शुभ-अशुभ समय देखने के लिए उपयोग किया जाता है।

संपादकीय विश्वसनीयता एवं समीक्षा जानकारी

मुहूर्त काल निर्धारण व संपादन

भक्तिलोक पंचांग परिषद (Bhaktilok Panchang Council)

खगोलीय वेधशाला गणनाओं के आधार पर अयन, ऋतु और देशांतर का समायोजन करके शुभ मुहूर्त निकालने वाली विंग।

ज्योतिषीय समीक्षा व सत्यापन

डॉ. रामनाथ पाठक (Dr. Ramnath Pathak)

वाराणसी पंचांग शोध केंद्र के वरिष्ठ संकाय सदस्य व ज्योतिषाचार्य। २५+ वर्षों का अनुभव।

मुहूर्त गणना सत्यापित
अंतिम संशोधन: ०८ अगस्त २०२६ पठन काल: ५ मिनट पढ़ें

एआई आध्यात्मिक मार्गदर्शक (AI Guru)

वत्स! मैं भक्तिलोक का डिजिटल आध्यात्मिक सहायक हूँ। सनातन धर्म, ध्यान साधना, या प्रमुख मंदिर यात्राओं के संबंध में कोई भी जिज्ञासा व्यक्त करें। अभी
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