आज का पंचांग | सूर्योदय: ०५:४५ AM | सूर्यास्त: ०६:५० PM
काल गणना

आज का राहुकाल

राहुकाल सौरमंडल में राहु ग्रह के प्रभाव की एक विशेष अवधि है। वैदिक ज्योतिष के अनुसार, प्रतिदिन लगभग डेढ़ घंटे (९० मिनट) की एक अवधि ऐसी होती है जिसमें राहु का प्रभाव अत्यंत उग्र होता है। इस समय शुभ या नया कार्य प्रारंभ करने से बचना चाहिए।

काल चक्र: अशुभ होरा शास्त्र निर्देश: नूतन कार्य निषेध
10 Aug 2026 | आज का अशुभ काल विवरण
काल चक्र की गणना की जा रही है...

राहु काल (Rahu Kaal)

07:30 AM - 09:00 AM

सर्वथा अशुभ काल (नया कार्य या यात्रा न करें)

यमगण्ड (Yamaganda)

10:30 AM - 12:00 PM

मृत्यु कारक होरा (मृत्यु तुल्य हानि का भय)

गुलिक काल (Gulika)

01:30 PM - 03:00 PM

अवरोधक काल (विलंब का सामना करना पड़ सकता है)

राहुकाल में क्या करें और क्या न करें

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार राहुकाल के दौरान कुछ विशेष कार्य वर्जित माने गए हैं, जबकि कुछ कार्य किए जा सकते हैं:

वर्जित कार्य (Avoid)

  • नया व्यापार या दुकान का शुभारंभ।
  • गृह प्रवेश, विवाह या मुंडन संस्कार।
  • सोना, वाहन, संपत्ति या कीमती वस्तुएं खरीदना।
  • महत्वपूर्ण दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करना।

स्वीकृत कार्य (Allowed)

  • पूर्व से चल रहे कार्यों को जारी रखना।
  • भगवान शिव या हनुमान जी की मानसिक आराधना।
  • राहु की शांति के लिए दान या मंत्र जप करना।
  • आपातकालीन या जीवन रक्षक चिकित्सकीय कार्य।

राहुकाल का वैज्ञानिक व ज्योतिषीय आधार

खगोलीय रूप से, राहु कोई भौतिक तारा या ग्रह नहीं है। यह केवल पृथ्वी की कक्षा और चंद्रमा की कक्षा का प्रतिच्छेदन बिंदु (Intersection Node) है। इसे छाया ग्रह कहा जाता है।

जब सूर्य का प्रकाश पृथ्वी और चंद्रमा के इस चुंबकीय क्षेत्र से गुजरता है, तो एक निश्चित समय के लिए नकारात्मक विद्युत-चुंबकीय ऊर्जा (Negative Electromagnetic Field) उत्पन्न होती है, जो मानव मस्तिष्क की निर्णय क्षमता को प्रभावित करती है। इसी कारण इस समय को अशुभ माना जाता है।

साप्ताहिक राहुकाल चक्र समय सारणी

दिन राहुकाल (सूर्योदय ६:०० AM मानक मानकर)
सोमवारसुबह ०७:३० से ०९:००
मंगलवारदुपहर ०३:०० से ०४:३०
बुधवारदुपहर १२:०० से ०१:३०
गुरुवारदुपहर ०१:३० से ०३:००
शुक्रवारसुबह १०:३० से दुपहर १२:००
शनिवारसुबह ०९:०० से १०:३०
रविवारशाम ०४:३० से ०६:००

राहुकाल शंका समाधान (FAQs)

यदि कोई अत्यंत आवश्यक कार्य या यात्रा टालना संभव न हो, तो घर से निकलने से पहले हनुमान चालीसा का पाठ करें, थोड़ा दही और चीनी खाकर प्रभु का ध्यान करते हुए आगे बढ़ें।

नहीं, राहुकाल की गणना स्थानीय सूर्योदय और सूर्यास्त के समय पर निर्भर करती है। इसी कारण विभिन्न शहरों में सूर्योदय के समय के अंतर के अनुसार राहुकाल के प्रारंभ और अंत होने के समय में कुछ मिनटों का अंतर हो सकता है।

संपादकीय विश्वसनीयता एवं समीक्षा जानकारी

पंचांग गणना व संपादन

भक्तिलोक पंचांग परिषद (Bhaktilok Panchang Council)

गृह स्थिति, गोचर काल और स्थानीय सूर्योदय गणना के आधार पर सटीक वैदिक पंचांग डेटा तैयार करने वाली खगोलीय विंग।

ज्योतिषीय समीक्षा व सत्यापन

आचार्य रमन देव जोशी (Acharya Raman Dev Joshi)

वरिष्ठ खगोल शास्त्री व फलित ज्योतिष आचार्य। काशी विद्वत परिषद के मानद सदस्य।

पंचांग गणना सत्यापित
अंतिम संशोधन: ०८ अगस्त २०२६ पठन काल: ५ मिनट पढ़ें

एआई आध्यात्मिक मार्गदर्शक (AI Guru)

वत्स! मैं भक्तिलोक का डिजिटल आध्यात्मिक सहायक हूँ। सनातन धर्म, ध्यान साधना, या प्रमुख मंदिर यात्राओं के संबंध में कोई भी जिज्ञासा व्यक्त करें। अभी
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