आज कोई मुख्य पर्व / त्यौहार नहीं है
आज की तिथि सामान्य स्वाध्याय, दैनिक देव उपासना और मानसिक शांति के लिए उत्तम है। निरंतर राम नाम या अपने इष्ट देव के मंत्र का जाप करते हुए सकारात्मक ऊर्जा का विस्तार करें।
वैदिक परम्परा के अनुसार त्यौहार मनाने की आदर्श विधि
सनातन परम्परा में किसी भी त्यौहार को मनाने के लिए बाहरी तड़क-भड़क के स्थान पर आंतरिक शुचिता और लोक-कल्याण को प्राथमिकता दी जाती है:
त्यौहारों पर मोमबत्ती (Candles) जलाने या केक काटने के बजाय गौघृत (गाय के घी) या तिल के तेल के मिट्टी के दीपक प्रज्वलित करने चाहिए। यह वातावरण को शुद्ध करता है।
हिन्दू पर्वों का मूल दानशीलता है। अपने सामर्थ्य अनुसार निर्धनों को भोजन, गौ-सेवा (गौशाला में हरा चारा देना) और वस्त्र दान करना अक्षय पुण्य प्रदान करता है।
आगामी हिन्दू पर्व व त्यौहार सारणी
| पर्वोत्सव का नाम | उत्सव तिथि / पक्ष | मुख्य पूजा महत्व |
|---|---|---|
| हरितालिका तीज | भाद्रपद शुक्ल तृतीया | माता पार्वती व शिव आराधना |
| गणेश चतुर्थी | भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी | श्री गणेश जन्मोत्सव भोग |
| अनंत चतुर्दशी | भाद्रपद शुक्ल चतुर्दशी | अनंत देव रक्षा सूत्र धारण |
| शरद पूर्णिमा | आश्विन पूर्णिमा | माता लक्ष्मी व चंद्र किरण अमृत वर्षा |
पर्वोत्सव संबंधी शंका समाधान (FAQs)
संपादकीय विश्वसनीयता एवं समीक्षा जानकारी
पर्वोत्सव तिथि निर्धारण व संपादन
भक्तिलोक पर्व विमर्श परिषद (Bhaktilok Festival Council)
निर्णयसिंधु और धर्मसिंधु जैसे प्रमाणिक ग्रंथों के सिद्धांतों के आधार पर हिन्दू त्यौहारों के मुहूर्त और नियमों का सत्यापन करने वाली विद्वत परिषद।
धर्मशास्त्रीय समीक्षा
पं. लक्ष्मीकान्त शास्त्री (Pt. Lakshmikant Shastri)
काशी धर्मशास्त्र सभा के अध्यक्ष व कर्मकाण्ड विशेषज्ञ। ३५+ वर्षों का पंचांग निर्धारण एवं हिन्दू पर्व नियम व्याख्या अनुभव।
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