ग्रंथ परिचय (Book Introduction)
योगकुण्डल्युपनिषद् – कुंडलिनी योग, नाड़ी शुद्धि, चक्र, प्राणायाम और ध्यान।
योगकुण्डल्युपनिषद् – कुंडलिनी का रहस्य।
योगकुण्डल्युपनिषद् योग और कुंडलिनी साधना पर आधारित एक महत्वपूर्ण उपनिषद है। इसमें कुंडलिनी शक्ति के जागरण, नाड़ी शुद्धि, चक्र भेदन और ब्रह्मरन्ध्र तक पहुँचने की विधियों का विस्तृत वर्णन है। यह उपनिषद् हठ योग और राज योग के समन्वय को दर्शाती है।
योगकुण्डल्युपनिषद् में प्राणायाम, बन्ध, मुद्रा और ध्यान के माध्यम से कुंडलिनी जागरण की प्रक्रिया बताई गई है।
सर्वाधिक पढ़े जाने वाले लोकप्रिय अध्याय (Top 20 Chapters)
लोकप्रिय अध्यायों की सूची उपलब्ध नहीं है।
ग्रंथ की संपूर्ण जानकारी (Book Specifications)
मूल शीर्षक (Original Title)
योगकुण्डल्युपनिषद् (Yogakundali Upanishad) – हिंदी अनुवाद
हिंदी शीर्षक (Hindi Title)
योगकुण्डल्युपनिषद्
अंग्रेजी शीर्षक (English Title)
Yogakundali Upanishad
श्रेणी (Category)
उपनिषद्
पृष्ठ संख्या (Pages)
85 पृष्ठ
अंतिम अद्यतन (Updated)
10 August 2026
सभी अध्याय सूची (All Chapters Directory)
अध्याय अभी संकलित किए जा रहे हैं।