ग्रंथ परिचय (Book Introduction)
विष्णुधर्मोत्तरपुराण एक उपपुराण है। इसमें कला, वास्तु, संगीत, और धर्म का वर्णन है।
विष्णुधर्मोत्तरपुराण में भारतीय कलाओं का विस्तृत विवरण मिलता है।
विष्णुधर्मोत्तरपुराण विष्णु पुराण का एक उपपुराण माना जाता है, परंतु यह अत्यंत महत्वपूर्ण ग्रंथ है। यह कला, वास्तु, चित्रकला, संगीत, नाट्य, और धर्मशास्त्र का विश्वकोश है। इसमें भगवान विष्णु की उपासना के साथ-साथ सभी कलाओं का विस्तृत वर्णन है।
इस ग्रंथ में मूर्ति निर्माण (शिल्पशास्त्र), मंदिर वास्तु, चित्रकला के सिद्धांत, संगीत और नृत्य के प्रकार, और नाट्यशास्त्र के नियम बताए गए हैं। यह ग्रंथ भारतीय कला इतिहास के लिए अमूल्य है।
हमारा हिंदी संस्करण मूल श्लोकों के साथ सरल अनुवाद प्रस्तुत करता है। यह ग्रंथ कलाकारों, वास्तुकारों, शोधार्थियों और धार्मिक अध्ययन करने वालों के लिए उपयोगी है।
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ग्रंथ की संपूर्ण जानकारी (Book Specifications)
मूल शीर्षक (Original Title)
विष्णुधर्मोत्तरपुराण (Vishnudharmottara Purana) – हिंदी अनुवाद
हिंदी शीर्षक (Hindi Title)
विष्णुधर्मोत्तरपुराण
अंग्रेजी शीर्षक (English Title)
Vishnudharmottara Purana
श्रेणी (Category)
पुराण
पृष्ठ संख्या (Pages)
1200 पृष्ठ
अंतिम अद्यतन (Updated)
10 August 2026
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