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विज्ञान भैरव तंत्र (Vijnana Bhairava Tantra) – हिंदी अनुवाद
आध्यात्मिक ज्ञानपुंज
तंत्र

विज्ञान भैरव तंत्र

Vijnana Bhairava Tantra
0 कुल अध्याय
111 पठन
hi भाषा
350 पृष्ठ

विज्ञान भैरव तंत्र के अनुसार हर क्रिया को ध्यान में बदला जा सकता है।

ग्रंथ परिचय (Book Introduction)

विज्ञान भैरव तंत्र शिव-पार्वती संवाद है। इसमें ११२ ध्यान विधियाँ दी गई हैं।
विज्ञान भैरव तंत्र में तंत्र साधना और योग का समन्वय है।

विज्ञान भैरव तंत्र तंत्र साहित्य का एक अत्यंत महत्वपूर्ण ग्रंथ है। यह भगवान शिव और देवी पार्वती के संवाद के रूप में है। इसमें ११२ ध्यान विधियाँ (योग विधियाँ) दी गई हैं, जिनके माध्यम से साधक ब्रह्मांडीय चेतना का अनुभव कर सकता है। ये विधियाँ श्वास, शरीर, इंद्रिय, ध्वनि, दृष्टि, और आनंद पर केंद्रित हैं।

यह ग्रंथ कश्मीर शैव दर्शन का आधार ग्रंथ है। इसमें तंत्र साधना, योग, और आध्यात्मिक अनुभव की विविध विधियों का वर्णन है। प्रत्येक ध्यान विधि सरल और प्रत्यक्ष अनुभव पर आधारित है। यह ग्रंथ साधक को बताता है कि कैसे सामान्य जीवन की गतिविधियों को भी ध्यान में बदला जा सकता है।

विज्ञान भैरव तंत्र न केवल तांत्रिक साधकों के लिए, बल्कि योगियों, ध्यान साधकों, और आध्यात्मिक अनुभव की खोज करने वालों के लिए अत्यंत उपयोगी है।

प्रस्तुत हिंदी अनुवाद में मूल संस्कृत श्लोकों के साथ ११२ ध्यान विधियों का सरल भाषा में वर्णन और व्याख्या दी गई है। यह संस्करण साधकों, योगियों, और तंत्र साधना में रुचि रखने वालों के लिए अमूल्य है।

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ग्रंथ की संपूर्ण जानकारी (Book Specifications)

मूल शीर्षक (Original Title)
विज्ञान भैरव तंत्र (Vijnana Bhairava Tantra) – हिंदी अनुवाद
हिंदी शीर्षक (Hindi Title)
विज्ञान भैरव तंत्र
अंग्रेजी शीर्षक (English Title)
Vijnana Bhairava Tantra
श्रेणी (Category)
तंत्र
पृष्ठ संख्या (Pages)
350 पृष्ठ
अंतिम अद्यतन (Updated)
25 September 2026

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