ग्रंथ परिचय (Book Introduction)
विज्ञान भैरव तंत्र तंत्र साहित्य का एक अत्यंत महत्वपूर्ण ग्रंथ है। यह भगवान शिव और देवी पार्वती के संवाद के रूप में है। इसमें ११२ ध्यान विधियाँ (योग विधियाँ) दी गई हैं, जिनके माध्यम से साधक ब्रह्मांडीय चेतना का अनुभव कर सकता है। ये विधियाँ श्वास, शरीर, इंद्रिय, ध्वनि, दृष्टि, और आनंद पर केंद्रित हैं।
यह ग्रंथ कश्मीर शैव दर्शन का आधार ग्रंथ है। इसमें तंत्र साधना, योग, और आध्यात्मिक अनुभव की विविध विधियों का वर्णन है। प्रत्येक ध्यान विधि सरल और प्रत्यक्ष अनुभव पर आधारित है। यह ग्रंथ साधक को बताता है कि कैसे सामान्य जीवन की गतिविधियों को भी ध्यान में बदला जा सकता है।
विज्ञान भैरव तंत्र न केवल तांत्रिक साधकों के लिए, बल्कि योगियों, ध्यान साधकों, और आध्यात्मिक अनुभव की खोज करने वालों के लिए अत्यंत उपयोगी है।
प्रस्तुत हिंदी अनुवाद में मूल संस्कृत श्लोकों के साथ ११२ ध्यान विधियों का सरल भाषा में वर्णन और व्याख्या दी गई है। यह संस्करण साधकों, योगियों, और तंत्र साधना में रुचि रखने वालों के लिए अमूल्य है।