ग्रंथ परिचय (Book Introduction)
वामन पुराण अट्ठारह महापुराणों में से एक है। इसमें विष्णु के वामन अवतार और तीर्थों का वर्णन है।
वामन पुराण में बलि राजा और प्रह्लाद की कथा प्रमुख है।
वामन पुराण अट्ठारह महापुराणों में से एक है। यह भगवान विष्णु के वामन अवतार पर केंद्रित है। इसमें सृष्टि, वामन कथा, तीर्थों का माहात्म्य, व्रत, और शिव-पार्वती के विवाह का वर्णन है।
वामन पुराण में ९६ अध्याय हैं। इसमें वामन अवतार द्वारा बलि राजा को वश में करने की कथा, प्रह्लाद की भक्ति, और तीर्थों (बद्रीनाथ, केदारनाथ) का महात्म्य है। शिव-पार्वती विवाह और हिमालय के वर्णन से यह पुराण कुमाऊँ क्षेत्र के लिए विशेष महत्व रखता है।
इस पुराण में भक्ति, व्रत और दान का महत्व बताया गया है। इसे पढ़ने से विष्णुलोक की प्राप्ति होती है।
हमारा हिंदी संस्करण मूल श्लोकों के साथ सरल अनुवाद प्रस्तुत करता है।
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ग्रंथ की संपूर्ण जानकारी (Book Specifications)
मूल शीर्षक (Original Title)
वामन पुराण (Vamana Purana) – हिंदी अनुवाद
हिंदी शीर्षक (Hindi Title)
वामन पुराण
अंग्रेजी शीर्षक (English Title)
Vamana Purana
श्रेणी (Category)
पुराण
पृष्ठ संख्या (Pages)
700 पृष्ठ
अंतिम अद्यतन (Updated)
10 August 2026
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