भक्तिलोक ग्रंथालय
त
तन्त्रवार्तिक (कुमारिल)
आध्यात्मिक ज्ञानपुंज
मीमांसा

तन्त्रवार्तिक

Tantravartika
0 कुल अध्याय
54 पठन
hi भाषा
520 पृष्ठ

कुमारिल भट्ट द्वारा सबर भाष्य पर लिखित विस्तृत टीका।

ग्रंथ परिचय (Book Introduction)

कुमारिल भट्ट कृत तन्त्रवार्तिक – सबर भाष्य की टीका, मीमांसा सूत्रों की व्याख्या और दार्शनिक खंडन।
तन्त्रवार्तिक – मीमांसा दर्शन की महत्वपूर्ण टीका।

तन्त्रवार्तिक कुमारिल भट्ट की एक महत्वपूर्ण रचना है, जो सबर भाष्य पर एक विस्तृत टीका है। यह ग्रंथ मीमांसा सूत्रों की व्याख्या करता है और विभिन्न दार्शनिक मतों का खंडन प्रस्तुत करता है। इसमें कर्मकांड, धर्म, शब्द प्रामाण्य, और अपूर्व सिद्धांत पर गहन विचार किया गया है।

तन्त्रवार्तिक मीमांसा दर्शन के अध्ययन के लिए एक आधारभूत ग्रंथ है।

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ग्रंथ की संपूर्ण जानकारी (Book Specifications)

मूल शीर्षक (Original Title)
तन्त्रवार्तिक (कुमारिल)
हिंदी शीर्षक (Hindi Title)
तन्त्रवार्तिक
अंग्रेजी शीर्षक (English Title)
Tantravartika
श्रेणी (Category)
मीमांसा
पृष्ठ संख्या (Pages)
520 पृष्ठ
अंतिम अद्यतन (Updated)
25 September 2026

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