ग्रंथ परिचय (Book Introduction)
अभिनवगुप्त द्वारा रचित कश्मीर शैव का तंत्रसार, त्रिक दर्शन।
तन्त्रसार (अभिनवगुप्त) – कश्मीर शैव का प्रमुख ग्रंथ।
तन्त्रसार अभिनवगुप्त द्वारा रचित कश्मीर शैव दर्शन का एक महत्वपूर्ण ग्रंथ है। यह तंत्रों के सार को संक्षेप में प्रस्तुत करता है और शैव सिद्धान्त, मंत्र, यंत्र, दीक्षा, तथा साधना के रहस्यों का विवेचन करता है।
यह ग्रंथ त्रिक शास्त्र और कश्मीर शैव परंपरा के अध्येताओं के लिए आधारभूत है।
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ग्रंथ की संपूर्ण जानकारी (Book Specifications)
मूल शीर्षक (Original Title)
तन्त्रसार (अभिनवगुप्त) – हिंदी अनुवाद
हिंदी शीर्षक (Hindi Title)
तन्त्रसार (अभिनवगुप्त)
अंग्रेजी शीर्षक (English Title)
Tantrasara (Abhinavagupta)
श्रेणी (Category)
तंत्र
पृष्ठ संख्या (Pages)
550 पृष्ठ
अंतिम अद्यतन (Updated)
10 August 2026
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