ग्रंथ परिचय (Book Introduction)
स्कन्द पुराण अट्ठारह महापुराणों में सबसे बृहद् ग्रंथ है। यह भगवान स्कन्द (कार्तिकेय) की महिमा, तीर्थों का वर्णन, और शिव-पार्वती की कथाओं से परिपूर्ण है। यह पुराण अनेक खंडों में विभक्त है – काशीखण्ड, अवन्तिखण्ड, प्रभासखण्ड, नागरखण्ड, रेवाखण्ड, आदि।
काशीखण्ड में काशी (वाराणसी) के महात्म्य का विस्तृत वर्णन है। अवन्तिखण्ड में उज्जैन और महाकाल की महिमा है। प्रभासखण्ड में सोमनाथ और द्वारका के तीर्थों का वर्णन है। रेवाखण्ड में नर्मदा नदी के तीर्थों का माहात्म्य है। नागरखण्ड में नागों और सरस्वती नदी की कथाएँ हैं।
स्कन्द पुराण में शिव भक्ति, व्रत, तीर्थयात्रा और मोक्ष का उपदेश दिया गया है। यह ग्रंथ भारत के सभी प्रमुख तीर्थस्थलों का विवरण प्रस्तुत करता है।
हमारा हिंदी संस्करण विभिन्न खंडों का सरल अनुवाद प्रस्तुत करता है। यह ग्रंथ तीर्थयात्रियों, शोधार्थियों और धार्मिक अध्ययन करने वालों के लिए अमूल्य है।