ग्रंथ परिचय (Book Introduction)
सर्वोक्तागम शैव आगम है, जो शैव धर्म के समस्त विधानों, योग, ज्ञान और क्रिया का संग्रह है।
सर्वोक्तागम – समस्त शैव-विधानों का संग्रह।
सर्वोक्तागम शैव आगमों में से एक व्यापक ग्रन्थ है, जो सभी प्रकार के शैव-विधानों, योग, ज्ञान और क्रिया का समन्वय प्रस्तुत करता है। "सर्वोक्त" का अर्थ है सब कुछ कहा गया, इसलिए इसे सर्वांगीण आगम माना जाता है।
इसमें तन्त्र, मन्त्र, यन्त्र, पूजा-पद्धति और दर्शन के सभी पक्षों का विस्तृत विवेचन है।
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ग्रंथ की संपूर्ण जानकारी (Book Specifications)
मूल शीर्षक (Original Title)
सर्वोक्तागम – हिंदी अनुवाद
हिंदी शीर्षक (Hindi Title)
सर्वोक्तागम
अंग्रेजी शीर्षक (English Title)
Sarvoktagama
श्रेणी (Category)
आगम
पृष्ठ संख्या (Pages)
360 पृष्ठ
अंतिम अद्यतन (Updated)
10 August 2026
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