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रुद्रहृदयोपनिषद् (Rudra Hridaya Upanishad) – हिंदी अनुवाद
आध्यात्मिक ज्ञानपुंज
उपनिषद्

रुद्रहृदयोपनिषद्

Rudra Hridaya Upanishad
0 कुल अध्याय
44 पठन
hi भाषा
85 पृष्ठ

रुद्र का हृदय – ब्रह्म का स्वरूप।

ग्रंथ परिचय (Book Introduction)

यजुर्वेदीय शैव उपनिषद, रुद्र के हृदय और ब्रह्मत्व का विवेचन।
रुद्रहृदयोपनिषद् – शिव के हृदय की उपनिषद।

रुद्रहृदयोपनिषद् यजुर्वेद से संबद्ध एक शैव उपनिषद है। यह रुद्र (शिव) के हृदय (स्वरूप) का वर्णन करती है। इसमें रुद्र को सर्वोच्च ब्रह्म, सृष्टि का आधार, और उपासना का केन्द्र बताया गया है।

यह उपनिषद् रुद्राध्याय और शिवतत्त्व के रहस्यों को गहराई से समझाती है।

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ग्रंथ की संपूर्ण जानकारी (Book Specifications)

मूल शीर्षक (Original Title)
रुद्रहृदयोपनिषद् (Rudra Hridaya Upanishad) – हिंदी अनुवाद
हिंदी शीर्षक (Hindi Title)
रुद्रहृदयोपनिषद्
अंग्रेजी शीर्षक (English Title)
Rudra Hridaya Upanishad
श्रेणी (Category)
उपनिषद्
पृष्ठ संख्या (Pages)
85 पृष्ठ
अंतिम अद्यतन (Updated)
25 September 2026

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