भक्तिलोक ग्रंथालय
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ऋग्वेद (Rigveda) – हिंदी अनुवाद
आध्यात्मिक ज्ञानपुंज
वेद

ऋग्वेद

Rigveda
0 कुल अध्याय
99 पठन
hi भाषा
1200 पृष्ठ

ऋग्वेद सभी वेदों का आधार है।

ग्रंथ परिचय (Book Introduction)

ऋग्वेद विश्व का सबसे प्राचीन धार्मिक ग्रंथ है। इसमें १०२८ सूक्त और १०५८० मंत्र हैं।
ऋग्वेद के मंत्रों में गायत्री, पुरुष सूक्त, नासदीय सूक्त प्रमुख हैं।

ऋग्वेद विश्व का सबसे प्राचीन धार्मिक ग्रंथ है। यह चार वेदों में प्रथम है। इसमें १० मंडल, १०२८ सूक्त और लगभग १०५८० मंत्र हैं। ऋग्वेद के मंत्र देवताओं की स्तुति, यज्ञ विधियों, और ब्रह्मांडीय सत्य के दर्शन का संग्रह हैं। इनमें अग्नि, इंद्र, वरुण, सूर्य, उषा, आदित्य आदि देवताओं की आराधना प्रमुख है।

ऋग्वेद की भाषा अत्यंत प्राचीन संस्कृत है, जिसे वैदिक संस्कृत कहा जाता है। इसके मंत्रों का उच्चारण विशिष्ट स्वरों (उदात्त, अनुदात्त, स्वरित) में किया जाता है। ऋग्वेद का सबसे प्रसिद्ध सूक्त "गायत्री मंत्र" (ऋग्वेद ३.६२.१०) है, जो सविता देवता की उपासना के लिए जाना जाता है। "पुरुष सूक्त" (१०.९०) में सृष्टि की रचना और वर्ण व्यवस्था का दार्शनिक वर्णन है। "नासदीय सूक्त" (१०.१२९) में सृष्टि के आदि काल के रहस्य को व्यक्त किया गया है।

ऋग्वेद केवल देवताओं की स्तुति का संग्रह नहीं है, बल्कि इसमें भारतीय दर्शन, ज्योतिष, आयुर्वेद, और समाज की प्रारंभिक संरचना के बीज भी मिलते हैं। यह ग्रंथ मानव सभ्यता के आध्यात्मिक विकास का आधारस्तंभ है।

प्रस्तुत हिंदी अनुवाद में मूल संस्कृत मंत्रों के साथ सरल हिंदी अर्थ और भावार्थ दिया गया है। यह संस्करण वेदाध्ययन करने वालों, शोधार्थियों और आध्यात्मिक साधकों के लिए अत्यंत उपयोगी है।

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ग्रंथ की संपूर्ण जानकारी (Book Specifications)

मूल शीर्षक (Original Title)
ऋग्वेद (Rigveda) – हिंदी अनुवाद
हिंदी शीर्षक (Hindi Title)
ऋग्वेद
अंग्रेजी शीर्षक (English Title)
Rigveda
श्रेणी (Category)
वेद
पृष्ठ संख्या (Pages)
1200 पृष्ठ
अंतिम अद्यतन (Updated)
25 September 2026

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