ग्रंथ परिचय (Book Introduction)
रावण संहिता एक प्राचीन तांत्रिक एवं ज्योतिषीय ग्रंथ है जो रावण द्वारा रचित माना जाता है। यह ग्रंथ विशेष रूप से ज्योतिष, मुहूर्त, तंत्र, मंत्र, और आयुर्वेद के रहस्यों का संग्रह है। इसमें ग्रहों की स्थिति, शुभ-अशुभ फल, मुहूर्त निर्धारण, और तांत्रिक साधनाओं की विधियाँ विस्तार से दी गई हैं।
रावण संहिता में रावण को महान ज्योतिषी, तांत्रिक, और आयुर्वेदाचार्य के रूप में प्रस्तुत किया गया है। इसमें "रावण कृत ग्रह स्तोत्र", "रावण संहिता ज्योतिष", और "रावणीय तंत्र" जैसे अंश हैं। इस ग्रंथ में रोगों के उपचार के लिए मंत्रों और औषधियों का समन्वय है। यह ग्रंथ तांत्रिक साधना, यंत्र-मंत्र, और प्राकृतिक चिकित्सा के लिए प्रसिद्ध है।
हालाँकि यह ग्रंथ कुछ विद्वानों द्वारा अपोक्रिफल माना जाता है, फिर भी यह तंत्र साधना, ज्योतिष, और लोक चिकित्सा में अत्यधिक महत्व रखता है। इसमें रावण की बुद्धि, तपस्या, और वैदिक ज्ञान के कई आयाम दिखते हैं।
प्रस्तुत हिंदी अनुवाद में मूल संस्कृत श्लोकों के साथ तांत्रिक विधियों, मंत्रों, और ज्योतिषीय गणनाओं की व्याख्या दी गई है। यह संस्करण ज्योतिषियों, तांत्रिक साधकों, और आयुर्वेदिक चिकित्सकों के लिए उपयोगी है।