ग्रंथ परिचय (Book Introduction)
प्रोद्गीतागम प्रणव (ॐ) के रहस्य, उद्गीथ-साधना और मन्त्र-विज्ञान पर आधारित शैव आगम है।
प्रोद्गीतागम – ॐकार और उद्गीथ का आगम।
प्रोद्गीतागम शैव आगमों में से एक है, जो उद्गीथ (ओंकार) के रहस्य और उसके उच्चारण-विधि पर केंद्रित है। इसमें प्रणव (ॐ) के गूढ़ अर्थ, स्वर-विज्ञान, और ध्यान-साधना का वर्णन है।
यह आगम मन्त्र-शास्त्र, जप-विधि, और नाद-योग के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।
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ग्रंथ की संपूर्ण जानकारी (Book Specifications)
मूल शीर्षक (Original Title)
प्रोद्गीतागम – हिंदी अनुवाद
हिंदी शीर्षक (Hindi Title)
प्रोद्गीतागम
अंग्रेजी शीर्षक (English Title)
Prodgitagama
श्रेणी (Category)
आगम
पृष्ठ संख्या (Pages)
185 पृष्ठ
अंतिम अद्यतन (Updated)
10 August 2026
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