भक्तिलोक ग्रंथालय
प
प्रश्नोपनिषद् (Prashna Upanishad) – हिंदी अनुवाद
आध्यात्मिक ज्ञानपुंज
उपनिषद्

प्रश्नोपनिषद्

Prashna Upanishad
0 कुल अध्याय
70 पठन
hi भाषा
140 पृष्ठ

प्रश्नोपनिषद् के छह प्रश्न ब्रह्मविद्या के विभिन्न पहलुओं पर हैं।

ग्रंथ परिचय (Book Introduction)

प्रश्नोपनिषद् अथर्ववेद से संबद्ध छह प्रश्नों के उत्तरों का संग्रह है, जिसमें प्राण, सूर्य, ओंकार आदि विषय हैं।
प्रश्नोपनिषद् प्रश्नोत्तर शैली में ब्रह्मज्ञान समझाती है।

प्रश्नोपनिषद् अथर्ववेद से संबद्ध है और इसमें छह शिष्यों द्वारा पिप्पलाद ऋषि से पूछे गए छह प्रश्नों के उत्तर दिए गए हैं। प्रत्येक प्रश्न ब्रह्मविद्या के किसी न किसी पहलू पर केंद्रित है – प्राण, सूर्य, आत्मा, संसार, ध्यान और ओंकार आदि।

पहले प्रश्न में प्राणों की उत्पत्ति और उनके कार्यों की चर्चा है। दूसरे प्रश्न में सूर्य और प्राण के संबंध का वर्णन है। तीसरे प्रश्न में प्राण की सर्वव्यापकता और जीवन में उसकी भूमिका बताई गई है। चौथे प्रश्न में सुषुप्ति और जाग्रत अवस्था में आत्मा की स्थिति का विवेचन है। पाँचवें प्रश्न में ओंकार की साधना और उसके फलों का उपदेश है। छठे प्रश्न में पुरुष और अक्षर ब्रह्म का वर्णन है।

प्रश्नोपनिषद् अपने प्रश्नोत्तर शैली के कारण सरल और बोधगम्य है। यह उपनिषद् आत्मज्ञान के इच्छुक साधकों के लिए एक व्यावहारिक मार्गदर्शिका है।

प्रस्तुत हिंदी अनुवाद में मूल संस्कृत मंत्रों के साथ सरल भाषा में अर्थ, पदच्छेद और विस्तृत व्याख्या दी गई है। यह संस्करण वेदांत के अध्ययन, आध्यात्मिक साधना और शोध के लिए अत्यंत उपयोगी है।

सर्वाधिक पढ़े जाने वाले लोकप्रिय अध्याय (Top 20 Chapters)

लोकप्रिय अध्यायों की सूची उपलब्ध नहीं है।

ग्रंथ की संपूर्ण जानकारी (Book Specifications)

मूल शीर्षक (Original Title)
प्रश्नोपनिषद् (Prashna Upanishad) – हिंदी अनुवाद
हिंदी शीर्षक (Hindi Title)
प्रश्नोपनिषद्
अंग्रेजी शीर्षक (English Title)
Prashna Upanishad
श्रेणी (Category)
उपनिषद्
पृष्ठ संख्या (Pages)
140 पृष्ठ
अंतिम अद्यतन (Updated)
25 September 2026

सभी अध्याय सूची (All Chapters Directory)

अध्याय अभी संकलित किए जा रहे हैं।