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पतंजलि योग सूत्र (Patanjali Yoga Sutras) – हिंदी अनुवाद
आध्यात्मिक ज्ञानपुंज
दर्शन

पतंजलि योग सूत्र

Patanjali Yoga Sutras
0 कुल अध्याय
74 पठन
hi भाषा
300 पृष्ठ

पतंजलि योग सूत्र के अनुसार योग चित्त की वृत्तियों का निरोध है।

ग्रंथ परिचय (Book Introduction)

पतंजलि योग सूत्र योग दर्शन का प्रमुख ग्रंथ है। इसमें १९६ सूत्रों में अष्टांग योग, समाधि, और कैवल्य का वर्णन है।
पतंजलि योग सूत्र योग के व्यावहारिक और दार्शनिक पक्षों को समझाता है।

पतंजलि योग सूत्र योग दर्शन का सबसे प्राचीन और प्रामाणिक ग्रंथ है। इसे महर्षि पतंजलि द्वारा रचित माना जाता है। यह ग्रंथ १९६ सूत्रों में विभक्त है, जो चार पादों में विभाजित हैं – समाधि पाद, साधना पाद, विभूति पाद, और कैवल्य पाद।

समाधि पाद में योग की परिभाषा, चित्त की वृत्तियाँ, और समाधि के प्रकार बताए गए हैं। साधना पाद में क्रिया योग (तप, स्वाध्याय, ईश्वर प्रणिधान), अष्टांग योग (यम, नियम, आसन, प्राणायाम, प्रत्याहार, धारणा, ध्यान, समाधि) का विस्तृत वर्णन है। विभूति पाद में योग से प्राप्त होने वाली सिद्धियों और शक्तियों का उल्लेख है। कैवल्य पाद में मोक्ष और कैवल्य (पूर्ण स्वतंत्रता) के सिद्धांत बताए गए हैं।

पतंजलि योग सूत्र भारतीय दर्शन का एक अद्वितीय ग्रंथ है। यह योग के सैद्धांतिक और व्यावहारिक दोनों पक्षों को प्रस्तुत करता है। इस ग्रंथ का अध्ययन योग साधकों, दार्शनिकों, और शोधार्थियों के लिए अनिवार्य है।

प्रस्तुत हिंदी अनुवाद में मूल संस्कृत सूत्रों के साथ सरल भाषा में अर्थ, व्याख्या, और योग विधियाँ दी गई हैं। यह संस्करण योग साधकों, शिक्षकों, और दर्शनशास्त्र के विद्यार्थियों के लिए अत्यंत उपयोगी है।

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ग्रंथ की संपूर्ण जानकारी (Book Specifications)

मूल शीर्षक (Original Title)
पतंजलि योग सूत्र (Patanjali Yoga Sutras) – हिंदी अनुवाद
हिंदी शीर्षक (Hindi Title)
पतंजलि योग सूत्र
अंग्रेजी शीर्षक (English Title)
Patanjali Yoga Sutras
श्रेणी (Category)
दर्शन
पृष्ठ संख्या (Pages)
300 पृष्ठ
अंतिम अद्यतन (Updated)
25 September 2026

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