ग्रंथ परिचय (Book Introduction)
नैष्कर्म्यसिद्धि सुरेश्वराचार्य का ग्रन्थ है, जो ज्ञानोत्पत्ति के पश्चात कर्मों की अनिवार्यता का निराकरण करता है।
नैष्कर्म्यसिद्धि में कर्म-ज्ञान विवाद का समाधान।
नैष्कर्म्यसिद्धि आचार्य सुरेश्वर का एक स्वतंत्र प्रकरण ग्रन्थ है। इसमें कर्म और ज्ञान के समन्वय को स्पष्ट करते हुए सिद्ध किया गया है कि ज्ञान प्राप्त होने पर कर्मों की बाध्यता समाप्त हो जाती है।
यह ग्रन्थ "ज्ञान-कर्म-समुच्चय" वाद का खंडन करता है और अद्वैत साधना में ज्ञान की प्रधानता स्थापित करता है।
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ग्रंथ की संपूर्ण जानकारी (Book Specifications)
मूल शीर्षक (Original Title)
नैष्कर्म्यसिद्धि (सुरेश्वराचार्य) – हिंदी अनुवाद
हिंदी शीर्षक (Hindi Title)
नैष्कर्म्यसिद्धि
अंग्रेजी शीर्षक (English Title)
Naishkarmyasiddhi
श्रेणी (Category)
वेदान्त
पृष्ठ संख्या (Pages)
210 पृष्ठ
अंतिम अद्यतन (Updated)
10 August 2026
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