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मुद्गलोपनिषद् (Mudgala Upanishad) – हिंदी अनुवाद
आध्यात्मिक ज्ञानपुंज
उपनिषद्

मुद्गलोपनिषद्

Mudgala Upanishad
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48 पठन
hi भाषा
95 पृष्ठ

वैष्णव मत का प्रतिपादन।

ग्रंथ परिचय (Book Introduction)

अथर्ववेदीय वैष्णव उपनिषद, विष्णु भक्ति और आत्मतत्त्व।
मुद्गलोपनिषद् – विष्णु भक्ति की उपनिषद।

मुद्गलोपनिषद् अथर्ववेद से संबद्ध एक उपनिषद है जो पुरुष (आत्मा) के स्वरूप और विष्णु भक्ति का वर्णन करती है। इसमें मुद्गल ऋषि को उपदेश दिया गया है और विष्णु के अवतारों, विशेषतः कृष्णावतार का उल्लेख है।

यह उपनिषद् वैष्णव मत का प्रतिपादन करती है और मोक्ष के लिए विष्णु-भक्ति को आवश्यक बताती है।

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ग्रंथ की संपूर्ण जानकारी (Book Specifications)

मूल शीर्षक (Original Title)
मुद्गलोपनिषद् (Mudgala Upanishad) – हिंदी अनुवाद
हिंदी शीर्षक (Hindi Title)
मुद्गलोपनिषद्
अंग्रेजी शीर्षक (English Title)
Mudgala Upanishad
श्रेणी (Category)
उपनिषद्
पृष्ठ संख्या (Pages)
95 पृष्ठ
अंतिम अद्यतन (Updated)
25 September 2026

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